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कैंसर से परेशान युवक ने PGI में की सुसाइड
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 26 Aug 2014 08:24 AM IST
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मां के साथ कैंसर का पीजीआई में इलाज कराने आए 24 वर्षीय युवक ने न्यू ओपीडी के पांचवें फ्लोर से कूदकर जान दे दी। युवक पिछले सात से आठ माह से पीजीआई में इलाज कराने आ रहा था। वह ब्लड कैंसर से पीड़ित था। कैंसर की आखिरी स्टेज होने के कारण उसे कीमो के डोज दिए जा रहे थे।
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सोमवार को कीमोथैरेपी की 19वीं डोज दी जानी थी। उसकी मां जसविंदर कौर के मुताबिक कैंसर के दर्द को वह झेल नहीं पा रहा था। खूब चीखता था। पिछले चार साल से उसका इलाज चल रहा था। इलाज से वह परेशान हो गया था।
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हालांकि कीमो के डोज से वह ठीक होने लगा था, लेकिन काफी समय से चल रहे इलाज से वह उबने लगा था और ऊपर से दर्द उसके जीने की राह मुश्किल बन रहा था। पुलिस ने युवक के शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। मंगलवार को उसको पोस्टमार्टम होगा।
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जालंधर के प्रीत नगर के हाउस नंबर 438 निवासी बच्चितर सिंह का बेटा करनजीत सिंह ब्लड कैंसर से पीड़ित था। पहले उसका पंजाब के अस्पतालों में इलाज चल रहा था। चौथी स्टेज में आने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया था। पिछले आठ महीने से वह कभी अपने भाई के साथ तो कभी अपनी मां के साथ इलाज के लिए आता था। सोमवार को वह अपनी मां के साथ पहुंचा।
डाक्टरों ने कीमो की डोज देने से पहले करनजीत को जूस पिलाने को कहा। मां जसविंदर के मुताबिक वह उसे तीसरी मंजिल पर बैठाकर जूस लेने चली गई। मां के जाते ही करनजीत पांचवीं मंजिल पर पहुंच गया और वहां से छलांग लगा दी। फर्स्ट फ्लोर पर गिरते ही उसके सिर से खून की फौव्वारें छूट गईं।
पीजीआई के कर्मचारियों ने खून को रोकने के लिए उसके सिर पर रुमाल बांधा और उसे ट्रामा सेंटर लेकर गए। डाक्टरों ने तुरंत उसे मृत घोषित कर दिया। लोगों ने बताया कि एंबुलेंस पहुंचने में करीब दस से आठ मिनट बीत गए। इससे उसका खून काफी ज्यादा बह गया था। करन को मुख्यमंत्री राहत कोश से इलाज के लिए करीब ढाई से तीन लाख की ग्रांट भी मिली थी।
मां बेटे को ढूंढती रही
जूस लेकर जब करनजीत की मां तीसरे फ्लोर पर पहुंची तो बेटा उसे मिला नहीं। वह मरीजों से अपने बेटे के बारे में पूछती रही। उसने लोगों को अपने बेटे का हुलिया और उसके कपड़ों के बारे में बताया, लेकिन कोई भी उसके बेटे के बारे में नहीं बता पा रहा था।
जब वह दूसरे फ्लोर पर पहुंची तो बताए चेहरे और कपड़े के आधार पर किसी ने बताया कि एक व्यक्ति नीचे गिर गया है। उसके हास्पिटल ले जाया गया है। तब तक पुलिस पहुंच चुकी थी। पुलिस उन्हें पीजीआई चौकी ले आई। चौकी में पुलिस वालों ने उन्हें उनके बेटे की मौत के बारे में नहीं बताया। पुलिस वालों ने करनदीप के पिता व भाई को फोन कर बुला लिया था।