स्कूल में बहस: आउटसाइडर्स ने कड़ा मारकर 12वीं के छात्र का सिर फोड़ा, पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप
सेक्टर-39 थाना पुलिस ने घटना के 7 दिन बाद एक युवक को हिरासत में लिया है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस थाने के चक्कर कटवा रही है और कार्रवाई नहीं कर रही।
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चंडीगढ़ के सेक्टर-40 में शारदा सर्वहितकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर स्कूल के छात्र पर पांच से छह आउटसाइडर युवकों ने हमला कर दिया। छात्र पर चाकू से हमले का प्रयास भी किया। इस हमले में डड्डूमाजरा गांव के निवासी छात्र जश्न (17) का सिर कड़ा लगने से फट गया। सेक्टर-16 अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। छात्र के सिर में कई टांके लगे हैं।
वहीं हमले के तीन दिन बाद उनके घर के पास फिर छात्र पर हमला किया गया लेकिन आरोपी भीड़ को देख बाइक छोड़ भाग गए। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने घटना के 7 दिन बाद एक युवक को हिरासत में लिया है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस थाने के चक्कर कटवा रही है और कार्रवाई नहीं कर रही।
स्कूल में हुई थी बहस
जश्न के पिता यशवीर सिंह ने बताया कि उनका बेटा शारदा सर्वहितकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं का छात्र है। 16 जुलाई को उसकी अपने क्लासमेट के साथ बहस हो गई थी। यशवीर सिंह के अनुसार पीछे वाली बेंच पर बैठा छात्र उनके बेटे जश्न के कान में अंगुली लगाकर छेड़ रहा था।
जश्न ने कहा कि कैमरे लगे हैं, पंगा मत ले, मैम देख लेगी तो घर वालों को बुलाना पड़ेगा। इसी बात पर छात्र ने जश्न को देख लेने की धमकी दी। जश्न को लगा शायद मजाक कर रहा है। अगले दिन छात्र स्कूल नहीं आया। जब स्कूल की छुट्टी हुई तो बाहर निकलने पर वह अपनी एक्टिवा लेने पहुंचा, जहां पहले से मौजूद छह से सात युवकों में से एक ने किशोर का नाम लेकर पूछा कि उसकी छात्र से क्या बात हुई थी और फिर हमला कर दिया।
जश्न ने भागकर जान बचाने की कोशिश की तो युवकों ने पीछा किया और पकड़कर बुरी तरह पीटा। जश्न के सिर में कड़े से वार किए गए। यशवीर सिंह के अनुसार बेटे को चाकू मारने के लिए एक युवक ने पैंट से चाकू निकालने का प्रयास किया लेकिन चाकू नहीं निकला। यशवीर ने कहा कि तीन-चार हमलावरों की उम्र 18 साल से अधिक है लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। पुलिस उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है।
यशवीर सिंह ने कहा कि उन्हें थाने से जांच अधिकारी एएसआई का फोन आया। उन्हें कहा गया कि थाने आ जाओ, चार आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं। जब वे थाने पहुंचे तो सिर्फ एक ही युवक पुलिस हिरासत में था।
दबाव बनाकर एसएचओ ने करवाए साइन
पीड़ित यशवीर सिंह का आरोप है कि पुलिस ने उन पर दबाव डालकर दस्तखत करवा लिए। पुलिस ने बताया था कि जिन युवकों ने हमला किया है वे कांवड़ लेने हरिद्वार गए हैं। पुलिस ने उनसे कहा कि लिखकर दे दो। दूसरे पक्ष के युवक कांवड़ लेने गए हैं 5 दिन बाद आएंगे। जब आएंगे तब उन्हें थाने बुलाया जाएगा। इस पर दबाव डालकर दस्तखत करवा लिए।
यशवीर ने एसएचओ रामदयाल से कहा कि दस्तखत तो उनके माता-पिता को करने चाहिए लेकिन आप मुझसे करवा रहे हो। इस पर एसएचओ ने कहा कि उन्हें आपसे ही दस्तखत करवाने हैं। यशवीर का आरोप है कि उनसे दस्तखत करवाकर पुलिस ने 5 दिन का समय दिया जबकि वे रोज पुलिस से गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस लगातार उन्हें बयान लिखवाने के लिए थाने बुला रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं कर रही। इस संबंध में बात करने के लिए एसएचओ रामदयाल को फोन किया गया तो उन्होंने उठाया नहीं।
तीन दिन बाद घर पर किया हमला
यशवीर सिंह ने कहा कि घटना के तीन दिन बाद 20 जुलाई को फिर से उनके घर के पास बेटे पर हमला करने का प्रयास किया। बेटा सेक्टर 16 अस्पताल से पट्टी बदलवाकर आ रहा था। आरोपी वहां भीड़ देख बाइक छोड़ भाग गए। उन्होंने बाइक को मलोया थाना पुलिस के हवाले कर दिया था। यशवीर सिंह ने मलोया थाना में भी शिकायत दर्ज करवाई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। किसी ने थाने से फोन करके भी नहीं बुलाया।