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धोखाधड़ी के केस में पूर्व सरपंच और चार नंबरदारों को सजा

Thu, 21 Jan 2016 01:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डेराबस्सी,मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, डेराबस्सी,मोहाली Updated Thu, 21 Jan 2016 01:18 PM IST
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ormer head of the fraud case and sentenced to four Nanbrdaron

डेराबस्सी की अदालत ने गांव भांखरपुर के पूर्व सरपंच व चार नंबरदारों को धोखाधड़ी के केस में तीन-तीन साल की कैद और 10-100 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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दोषियों ने भांखरपुर की 232 कनाल जमीन को अवैध तरीके से सौदा करके एक कंपनी से पेशगी के तौर पर 10 करोड़ रुपये लिए थे। वर्ष 2008 में मोहाली के तत्कालीन डीसी राहुल भंडारी की शिकायत पर डेराबस्सी पुलिस ने पांचों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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भांखरपुर निवासी रामभज और डॉ. कृष्णलाल व सार्थियों ने वर्ष 2006 में भांखरपुर के तत्कालीन नंबरदार जय सिंह, जसबीर सिंह, हरपाल सिंह, हरचरण सिंह और गवाह तत्कालीन सरपंच जोगिंदर सिंह के खिलाफ होईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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उन्होंने याचिका में अवैध रूप से गांव की शामलात की जमीन बीचकर करोड़ों रुपये कमाने का आरोप लगाया था। चूंकि जमीन चार नंबरदार व उनके 84 हल (हिस्सेदारों) के नाम थी। तत्कालीन डीसी राहुल भंडारी की शिकायत पर उनके खिलाफ 25.6.08 को धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। स्टेट वर्सेस जय सिंह एंड अदर्स नामक इस केस में पीआईएल याची रामभज, डॉ कृष्णलाल, हरविंदर सिंह व सुखविंदर सिंह को गवाह बनाया गया था।

आठ साल ट्रायल के बाद इस मामले में बुधवार को फैसला सुनाया गया। गवाहों के एडवोकेट प्रदीप राणा के अनुसार ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फ र्स्ट जेएस मेंहदीरत्ता ने चार नंबरदार एवं पूर्व सरपंच को तीन-तीन साल की सजा सुनाते हुए पांचों को 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया है।

बाद में पांचों को जमानत पर रिहा कर दिया गया। एडवोकेट प्रदीप राणा के अनुसार, दोषियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 व 120 बी के तहत शिकायत गई थी। इसमें उन पर गैर कानूनी ढंग से 232 कनाल 18 मरले जमीन का सौदा शिपरा इस्टेट्स नामक रियल इस्टेट कंपनी के नाम सेल डीड से किया था।


इस डीड में बकायदा 10.40 करोड़ रुपये बतौर पेशगी वसूले गए थे। पांचों दोषियों की अर्जी सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने के बाद गिरफ्तारी हुई थी। कुछ महीने जेल में रहने के बाद वे जमानत पर रिहा हो गए थे।

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