लुधियाना में ज्वैलरी शॉप से एक किलो सोने की लूट, तीन लुटेरों ने दिया वारदात को अंजाम
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गिल रोड की इंडिया इंफो लिमिटेड से 32 किलो सोने के जेवर लूटने का मामला अभी हल नहीं हुआ कि बाइक सवार तीन लुटेरों ने वहां से कुछ ही दूरी पर स्थित गोबिंद ज्वैलर्स को अपना निशाना बना दिया। लुटेरों के शोरूम से मालिक पर पिस्तौल तानकर एक किलो सोने के जेवरात लूटने की सूचना है। लूट के करीब डेढ़ घंटे बाद दुकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे।
जांच के दौरान पता चला कि पिछले एक साल से दुकान के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। पुलिस ने जब आस-पास के लोगों से पूछताछ की तो किसी को भी लूट के मामले के बारे में कुछ पता नहीं था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार मामला संदिग्ध लग रहा है।
गोबिंद ज्वैलर्स के मालिक बलविंदर सिंह के अनुसार बुधवार दोपहर वह अपनी दुकान पर बैठा हुआ था। इसी दौरान बाइक सवार तीन युवक दुकान के बाहर रुके। दो युवक दुकान के अंदर घुस आए। उन्होंने कपड़े से मुंह ढका हुआ था, जबकि हेलमेट पहने युवक बाहर खड़ा रहा। अंदर आए लुटेरों ने उस पर पिस्तौल और तेजधार हथियार तान दिया और दुकान में पड़ा सामान बांधना शुरू कर दिया।
आरोपी बैग भर कर जेवरात लेकर फरार हो गए। बलविंदर ने बताया कि वह काफी डर गया था। वह दुकान से भाग कर अपने भाई दलजीत के पास गया। डेढ़ घंटे बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। बलविंदर के मुताबिक, उन्होंने दुकान पर कई लोगों के जेवरात गिरवी रखे हुए थे जो लुटेरे ले गए।
सीसीटीवी है खराब
सूचना मिलते ही जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि दुकान के अंदर सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं लेकिन वह पिछले एक साल से खराब हैं। बलविंदर ने कैमरे ठीक ही नहीं करवाए। जब पुलिस ने लूट के बारे में आस-पास के लोगों से पूछा तो उन्होंने भी पुलिस को बताया कि उन्हें नहीं पता कि कोई लूट भी हुई है। पुलिस अब जांच में जुटी है।
पीड़ित डिप्रेशन का मरीज, आठ माह से दुकान में नहीं आया कोई ग्राहक
एडीसीपी 2 जसकिरणजीत सिंह तेजा ने बताया कि पुलिस पूछताछ में पता चला कि बलविंदर डिप्रेशन का मरीज है। उसका दो साल से इलाज चल रहा है। दुकान में कोई नौकर नहीं है। पूछताछ में पता चला कि आठ महीने से दुकान में कोई ग्राहक नहीं आया है। एक या दो लोग अपने जेवरात गिरवी रखकर ब्याज पर पैसे ले गए हैं।
सीए से रिटर्न भरने के बारे में भी पूछा तो उसने कहा कि वह एक साल से दुकान पर नहीं गया है और न ही किसी ने उसे बुलाया। एडीसीपी ने कहा कि जांच के दौरान दुकान पर चांदी के जेवरात वैसे ही पड़े मिले। दुकान पर खानों में और डिब्बों पर काफी मिट्टी जमा है। मामला संदिग्ध लग रहा है। जांच के दौरान सब पता चल जाएगा।