एससी कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण पर नया फरमान
हरियाणा सरकार की ग्रुप सी व डी कर्मचारियों को तरक्की देने की नीति रद्द करने के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की एकल बेंच के फैसले के खिलाफ एससी कर्मचारियों की अपीलें वीरवार को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दी है। मामले में सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि फरवरी 2013 की नोटिफिकेशन रद्द कर दी गई है।
साथ ही तरक्की में आरक्षण के लिए राघवेंदर राव की रिपोर्ट के आधार पर इसी साल मई में नई नोटिफिकेशन जारी की गई है। नई नोटिफिकेशन के मुताबिक तरक्की में 20 प्रतिशत आरक्षण का लाभ एक अप्रैल 2013 से दिया जाएगा।
मामले में हुड्डा सरकार ने 28 फरवरी 2013 को नोटिफिकेशन जारी कर तरक्की में आरक्षण का आदेश जारी किया था। इसके तहत साल 2006 से लेकर बाद तक तरक्की पाने वाले सभी मुलाजिम शामिल किए गए थे। इसी नोटिफिकेशन के खिलाफ हाईकोर्ट में सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने याचिका दायर की थी।
आरोप लगाया था कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि तरक्की में आरक्षण डाटा के आधार पर होना चाहिए। डाटा तैयार करने के लिए कमेटी तो गठित कर दी गई, लेकिन इसकी रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर आरक्षण तय कर दिया गया।
एससी कर्मचारियों की याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी
याचिका पर फैसला लेते हुए जस्टिस राजेश बिंदल की एकल बेंच ने नोटिफिकेशन रद्द कर दिया। साथ ही तरक्की में आरक्षण खत्म कर दिया था। कहा था कि रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर और डाटा के अभाव में आरक्षण देना गलत है।
फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच के समक्ष अपील के माध्यम से चुनौती दी गई थी। केस में सरकार से जवाब मांगा गया था। अब सरकार ने कहा है कि पिछली नोटिफिकेशन रद्द कर दी गई है। राघवेंदर कमेटी की रिपोर्ट आ चुकी है और इसके हिसाब से 20 प्रतिशत आरक्षण दे दिया गया है।
इसके लिए नई नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है। जस्टिस एसके मित्तल की डिवीजन बेंच ने कहा है कि जब पुरानी नोटिफिकेशन ही वापस ले ली गई है तो अपील का औचित्य नहीं बचता। इसी आधार पर अपीलें रद्द कर दी गईं।