महिला की हत्या कर कुचल दिया शव

अमर उजाला, पंचकूला Updated Sat, 23 Nov 2013 12:44 PM IST
विज्ञापन
woman murder_punjab university_jyoti murder case_nh 73

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
ज्योति हत्याकांड के ठीक एक साल बाद महिला की हत्या का वैसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है।
विज्ञापन

पंजाब यूनिवर्सिटी में रहने वाली एक महिला की गला दबाकर हत्या की गई और शव नेशनल हाईवे 73 पर मोरनी टी-प्वाइंट के ठीक सामने बीच हाईवे पर रख किसी वाहन से कुचल दिया गया, ताकि हत्या एक सड़क हादसा लगे।
वीरवार देर रात शव की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। मोबाइल सर्विलांस से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
महिला की पहचान शुक्रवार सुबह राकेश कुमारी उर्फ शिखा ठाकुर (32) के रूप में हुई। वह अपने भाई अशोक और माता-पिता के साथ यूनिवर्सिटी में बने क्वार्टर में रहती थी।

अशोक यूनिवसिर्टी में लीगल असिस्टेंट के पद पर तैनात है और उसके पिता भी पहले यूनिवर्सिटी में गार्ड थे। राकेश कुमारी का नौ साल पहले पति से तलाक हो गया था। उसका 9 साल का एक बेटा भी है।

परिजनों के अनुसार वह वीरवार सुबह दफ्तर के लिए निकली थी।
 
थाना प्रभारी ने दी सूचना
देर रात पिंजौर थाना प्रभारी अपने घर लौट रहे थे, तो उन्हें टी-प्वाइंट के सामने एक कुचला हुआ शव दिखा। उन्होंने संबंधित थाने में सूचना दी।

चंडीमंदिर थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

विजिटिंग कार्ड मिले
पुलिस को राकेश कुमारी के पर्स से एक विजिटिंग कार्ड मिला। यह नरेश इलेक्ट्रीशियन का था। पुलिस ने इलेक्ट्रीशियन से देर रात फोन कर पूछा, तो उसने कोई भी जानकारी होने से इंकार किया।

उसने पुलिस को बताया कि वह यूनिवर्सिटी में कांट्रेक्ट पर बिजली का काम करता है। पुलिस को एक अन्य कार्ड मिला जिस पर एमपी ठाकुर, 117 लिखा था।

उससे भी शिनाख्त नहीं हो पाई। फिर शुक्रवार सुबह नरेश इलेक्ट्रीशियन को पंचकूला बुलाया गया। उसने शव को पहचान लिया, साथ ही बताया कि कार्ड पर पंजाब यूनिवर्सिटी के ए ब्लॉक में रहती है।

उल्लेखनीय है कि एक साल पहले ज्योति के पर्स से भी विजिटिंग कार्ड मिले थे, इन्हीं से केस का खुलासा हुआ था।

पर्स में से मिले दो रेस्तरां के बिल
पर्स से पुलिस ने दो रेस्तरां के बिल भी बरामद किए।एक बिल सेक्टर-37 स्थित सिंधी स्वीट्स का है, जहां से रसमलाई ली गई। इसके अलावा एक बिल मोहाली के रेस्तरां का है, जहां डिनर किया गया है।

पहले जीएमएसएच में थी गार्ड

भाई अशोक कुमार ने बताया कि राकेश कुमारी पहले चंडीगढ़ सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करती थी।

माता-पिता के अनुसार बेटी सुबह 10 से शाम 7 बजे ड्यूटी पर जाती थी। उन्होंने बताया कि कभी कभार लेट हो जाती थी और किसी सहेली के साथ पार्टी आदि में जाने की बात कह देती थी।

राकेश के परिवार वालों को यह भी नहीं पता कि वह सेक्टर-37 में कहां काम करती था? पुलिस ने शुक्रवार को राकेश कुमारी से जुड़े कई कागजात को भी खंगाला लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। राकेश कुमारी की चार बहने और एक भाई है।

9 साल पहले हो चुका तलाक
राकेश कुमारी की शादी करीब 10 साल पहले बरनाला के सोमनाथ से हुई थी। लेकिन साल भर के अंदर ही दोनों में तलाक हो गया। तब से राकेश कुमारी अपने बेटे के साथ पीयू में अपने माता-पिता और भाई के साथ रह रही थी। बेटा सेक्टर-16 के स्कूल में पढ़ता है। पढ़ाई में काफी होशियार आयूष का मां से काफी लगाव था।

छाती में है फ्रेक्चर
सेक्टर-6 स्थित जनरल अस्पताल में डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सुनील गंभीर के मुताबिक मौत पहले ही गला दबाने और छाती के फ्रेक्चर से हो चुकी थी।

उसके बाद वाहन से उसका सिर कुचला गया। मृतका की छाती में फ्रेक्चर है, जो किसी प्रहार या उस पर कूदने से हुआ है। वेजाइनल स्वैब भी जांच के लिए भेजा है। पेंट के बटन भी टूटे हुए थे।

यह भी पढ़ें: उपलब्धि, चौबीस घंटे में पुलिस ने सुलझाया मर्डर केस

बनूड़, जीकरपुर होते हुए पहुंची पंचकूला
पुलिस ने राकेश के मोबाइल का सर्विलांस रिकॉर्ड लिया है। जिसमें पता चला है कि देर शाम तक मोबाइल चंडीगढ़ में चला।

उसके बाद बनूड़ की लोकेशन आई फिर जीरकपुर और उसके बाद पंचकूला में कमांड अस्पताल, सेक्टर-1 व उसके बाद मोबाइल स्विचऑफ हो गया।

मृतका के फोन के साथ दो और नंबर चल रहे थे। लोकेशन में यह पता चला है कि साढ़े दस बजे मृतका का फोन कमांड अस्पताल के पास था।

पुलिस की अभी तक की जांच में पता चला है कि हत्या करने के बाद शव को पंचकूला में हाईवे पर डंप किया गया।

11 बजे हेलो किया और फोन कट गया
अशोक कुमार ने बताया कि उनके भांजे आयुष ने राकेश को करीब दस बजे फोन किया था। तब उसने बताया कि वह सेक्टर-15 में है और आ रही है, लेकिन काफी देर तक वह नहीं आई।

फिर 11 बजे के करीब राकेश का ही फोन आया और आवाज सिर्फ हैलो की आई। उसके बाद फोन कट गया, फिर न तो मिला और न ही आया।

बेटे आयुष ने बताया कि फोन उठाकर मम्मी ने हैलो बोला और फिर एक मिनट एक मिनट ...कहते हुए फोन कट गया। आयुष ने पुलिस को बताया कि फोन में किसी शख्स के बोलने की आवाज भी आ रही थी।

ज्योति हत्याकांड से समानता
पिछले साल 21 नवंबर की रात को चंडीगढ़ के सेक्टर-21 में पीजी रहने वाली ज्योति का शव पंचकूला के सेक्टर-21 में वाहन से कुचला हुआ मिला था।

ज्योति की हत्या भी गला दबाकर की थी। वह भी पहले एक सिक्योरिटी कंपनी के लिए काम करती थी। उसके पर्स से मिले विजिटिंग कार्ड के आधार पर पुलिस ने केस क्रेक कर हिमाचल प्रदेश के दून के विधायक राम कुमार चौधरी और उनके साथियों को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us