प्रॉपर्टी के लिए बाप की बेरहमी से हत्या
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बेटे के नाम जब बाप ने मकान रजिस्ट्री नहीं की तो कलयुगी बेटे ने बेरहमी से उनकी हत्या कर डाली। घटना पंजाब के पटियाला की है। प्रापर्टी के विवाद में बुजुर्ग पिता का बेरहमी से कत्ल करने वाले बेटे को मंगलवार को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई।
सबूतों के अभाव में मृतक की पत्नी और बेटे के दोस्त को बरी कर दिया गया। दोषी पर कोर्ट ने 10 हजार जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।
पसियाना थाने के अधीन पटियाला-संगरूर रोड पर पड़ते गांव चूहड़पुर कलां के रहने वाले 58 साल के बुजुर्ग गेज सिंह का प्रापर्टी को लेकर अपने लड़के सुखदीप सिंह सुक्खा के साथ विवाद चल रहा था। बेटा अपनी मां छिंदर कौर के साथ रह रहा था।
मां और लड़के का दोस्त बरी
दरअसल सुखदीप सिंह चूहड़पुर कलां में गेज सिंह के मकान को अपने नाम पर कराने के लिए दबाव डाल रहा था। गेज सिंह ऐसा नहीं कर रहा था। मई 2014 में सुखदीप सिंह सुक्खा अपनी मां छिंदर कौर, दोस्त रजिंदर कुमार पिता के घर आया।
वहां शराब पीने के बाद सुखदीप सिंह ने छत वाले लकड़ी के बाले को जोर से पिता गेज सिंह के सिर में मारा। इससे गेज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान वारदात के करीब पांच दिनों के बाद उसकी मौत हो गई।
पसियाना पुलिस ने सुखदीप सिंह सुक्खा समेत तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। मंगलवार को इस केस की सुनवाई के बाद जिला एवं सेशन जज एचएस मदान की कोर्ट ने बेटे को हत्या के दोष में उम्रकैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है और उसकी मां और लड़के के दोस्त को बरी कर दिया।