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पुलिस व शिक्षा विभाग में जाली दस्तावेजों से नौकरी, वेरिफिकेशन में खुली पोल
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:33 AM IST
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PSEB
- फोटो : File Photo
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एक बार फिर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) के फर्जी दस्तावेजों से शिक्षा विभाग, पंजाब रोडवेज और पुलिस में नौकरियां हासिल करने का मामला सामने आया है। पीएसईबी ने दस्तावेजों की वेरिफिकेशन में तीन सर्टिफिकेट जाली पाए गए हैं। पुलिस ने इस संबंध में विभागों को सूचित कर दिया है। साथ ही उक्त लोगों को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। ताकि ऐसा करने वाले दोबारा किसी को धोखा न दे पाएं।
जानकारी के मुताबिक, मार्च में पीएसईबी में विभिन्न सरकारी विभागों से सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आए थे। बोर्ड की संबंधित शाखाओं द्वारा उनकी जांच की गई तो वह फर्जी पाए गए। जिन नामों से सर्टिफिकेट थे, वह नाम या रोल नंबर बोर्ड रिकॉर्ड में नहीं मिले। इस दौरान एसएसपी फाजिल्का ने सुखबीर सिंह नाम के व्यक्ति का सर्टिफिकेट जाली निकला है। यह सर्टिफिकेट 12वीं कक्षा का था, जो कि मार्च 2011 फिरोजपुर का बना था।
इसी तरह पंजाब रोडवेज जालंधर के जनरल मैनेजर की तरफ से भेजा गया तरसेम सिंह नाम के व्यक्ति का सर्टिफिकेट फर्जी निकला है। यह सर्टिफिकेट दसवीं का था, जो कि 1999 में मोगा जिले का बना था। इसी तरह मुक्तसर साहिब जिले के गगर हाई स्कूल की तरफ से भेजा गया था, जो कि एक महिला के नाम से था। साथ ही 1997 का फरीदकोट जिले का बना हुआ दिखाया गया था, लेकिन रिकॉर्ड में यह भी फर्जी पाया गया। इसके बाद बोर्ड ने इस संबंध में संबंधित विभागों को पत्र लिखा है।
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जानकारी के मुताबिक, मार्च में पीएसईबी में विभिन्न सरकारी विभागों से सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आए थे। बोर्ड की संबंधित शाखाओं द्वारा उनकी जांच की गई तो वह फर्जी पाए गए। जिन नामों से सर्टिफिकेट थे, वह नाम या रोल नंबर बोर्ड रिकॉर्ड में नहीं मिले। इस दौरान एसएसपी फाजिल्का ने सुखबीर सिंह नाम के व्यक्ति का सर्टिफिकेट जाली निकला है। यह सर्टिफिकेट 12वीं कक्षा का था, जो कि मार्च 2011 फिरोजपुर का बना था।
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इसी तरह पंजाब रोडवेज जालंधर के जनरल मैनेजर की तरफ से भेजा गया तरसेम सिंह नाम के व्यक्ति का सर्टिफिकेट फर्जी निकला है। यह सर्टिफिकेट दसवीं का था, जो कि 1999 में मोगा जिले का बना था। इसी तरह मुक्तसर साहिब जिले के गगर हाई स्कूल की तरफ से भेजा गया था, जो कि एक महिला के नाम से था। साथ ही 1997 का फरीदकोट जिले का बना हुआ दिखाया गया था, लेकिन रिकॉर्ड में यह भी फर्जी पाया गया। इसके बाद बोर्ड ने इस संबंध में संबंधित विभागों को पत्र लिखा है।
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लड़कियों ने भी फर्जी सर्टिफिकेटों से हासिल कीं नौकरियां
गिरफ्तार
- फोटो : Demo Pic
नए साल में अब तक पांच केस पकड़े गए
2017 में अब तक पीएसईबी ने वेरिफिकेशन में पांच लोगों के फर्जी सर्टिफिकेट पकड़े हैं। जो रेलवे, पुलिस, शिक्षा विभाग, रोडवेज और फौज विभाग से आए थे।
लड़कियों ने भी फर्जी सर्टिफिकेटों से हासिल कीं नौकरियां
फर्जी सर्टिफिकेटों से नौकरी हासिल करने में पुरुष ही नहीं बल्कि लड़कियां भी आगे रहीं। बीते साल जहां करीब 58 ऐसे केस सामने आए थे। इनमें करीब 30 लड़कियां हैं। वहीं, इस साल में दो ऐसे केस पकड़े गए हैं।
2017 में अब तक पीएसईबी ने वेरिफिकेशन में पांच लोगों के फर्जी सर्टिफिकेट पकड़े हैं। जो रेलवे, पुलिस, शिक्षा विभाग, रोडवेज और फौज विभाग से आए थे।
लड़कियों ने भी फर्जी सर्टिफिकेटों से हासिल कीं नौकरियां
फर्जी सर्टिफिकेटों से नौकरी हासिल करने में पुरुष ही नहीं बल्कि लड़कियां भी आगे रहीं। बीते साल जहां करीब 58 ऐसे केस सामने आए थे। इनमें करीब 30 लड़कियां हैं। वहीं, इस साल में दो ऐसे केस पकड़े गए हैं।