गैंगस्टर्स ने कबूला पाक कनेक्शन, 10 खुलासे चौंकाने वाले
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सीआईए स्टाफ द्वारा मोहाली में गिरफ्तार किए गए गैंगस्टरों के बारे में काफी चौंकाने वाली बातें सामने आ रहीं हैं। जांच में पता चला है हि आरोपी गुरजंट ने फर्जी पते पर नाम बदलकर एक पासपोर्ट बनवाया था।
इसके सहारे वह थाइलैंड गया था। वहां पर उसकी पाक तस्कर से मुलाकात हुई थी। इसके बाद डील आगे बढ़ी। वहीं, सूत्रों की माने तो सिम भी वहां इमत्याज ने उसे सौंपा था।
जानकारी के मुताबिक, दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि आरोपी गुरजंट ने अपना नाम बदलकर गगनदीप सिंह निवासी दलबीर सिंह गांव बुडाला थाना गौराया जिला जालंधर के नाम पर पासपोर्ट बनवाया था। उसने जालंधर पासपोर्ट अथॉरिटी से अपना पासपोर्ट बनाया था। इस पासपोर्ट पर वह थाइलैंड गया था। वहां पर वह पाकिस्तानी तस्कर इमत्याज से मिला था।
इसके अलावा गुरजंट सिंह उर्फ भोलू ने अपना नाम बदलकर एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाया था। वहीं, एक जाली वोटर कार्ड बनाया था। जो कि दलजीत सिंह मकान नंबर 108 राजपुरा कॉलोनी निवासी गांव मेहरबान लुधियाना के नाम पर बनाया है।
एक फर्जी वोटर कार्ड व एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस मनप्रीत सिंह पुत्र परगट सिंह मकान 22 गांव मांगट जिला लुधियाना के नाम पर बनवया था। इसके अलावा संदीप ने एक फर्जी वोटर कार्ड व एक जाली ड्राइविंग लाइसेंस सनवीर निवासी 107 राजपुरा कॉलोनी गांव मेहरबान जिला लुधियाना के पते पर बनवाया था। इस संबंध में उसने खरड़ में केस दर्ज किया है। साथ ही पासपोर्ट कैसे तैयार किया इस मामले की जांच चल रही है।
लूट की कारों को करते थे वारदात में प्रयोग
आरोपी गुरजंट सिंह उर्फ भोलू, संदीप सिंह, रच्छपाल सिंह उर्फ राणा निवासी पट्टी ने अबोहर शहर में एक सफारी गाड़ी व एक डस्टर गाड़ी लूटी थी। गंगानगर से सन्नी ने निशान गाड़ी की लूट की थी। इसके बाद आरोपी गुरजंट ने अपने साथियों सहित मिलकर लुधियाना से एक फॉर्च्यूनर कार व नकोदर रोड जालंधर से एक फॉर्च्यूनर कार पिस्तौल के बल पर लूटी थी।
एक फॉर्च्यूनर कार रछपाल सिंह उर्फ राणा ने कोटकपूरा पुलिस के पकड़े जाने से पहले लूटी थी। 29 दिसंबर 2015 को जिस स्विफ्ट कार में आरोपी सवार होकर आए थे। वह आरोपियों ने 18-12-2015 को जीके एस्टेट मुंडिया कला लुधियाना के सामने अपने तीसरे साथी जतिंदर उर्फ जिंदी के साथ मिलकर लूटी थी।
इससे पहले खरड़ में कर चुके हैं वारदात की कोशिश
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह एक जनवरी 2015 को सभी साथी केएफसी खरड़ में इकट्ठा हुए थे। उस दौरान उनका साथी जतिंदर सिंह उर्फ जिंदी भी उनके साथ था। वह दो गाड़ियों में सवार होकर आए थे। रात के समय उन्होंने गांव देसूमाजरा जीटी रोड पर लगे एटीएम को लूटने की योजना बनाई थी। पुलिस की मौजूदगी के कारण वारदात को अंजाम नहीं दे पाए थे।
खेमकरन में दर्ज है हत्या का मामला
मार्च -2015 में गुरजंट, संदीप सिंह व रच्छपला सिंह ने अपने साथी चड़त सिंह के साथ मिलकर शशि निवासी खेमकरन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मार्च 2015 में थाना खेमकरन तरनतारन में आयोपियों पर हत्या व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुुआ था। इसी तरह आरोपियों ने जतिंदर सिंह उर्फ जिंदी ने गैंगस्टर राजू नकोदरिया का साल 2010 में बस्ती जोधेवाल में हत्या कर दी थी। आरोपियों पर 26 अगस्त 2010 को हत्या का केस दर्ज हुआ था।
पुलिस पर की थी फायरिंग
आरोपी गुरजंट सिंह, संदीप सिंह व रच्छपाल सिंह उर्फ राणा ने दो दिसंबर 2015 को कोटकपूरा जिला फरीदकोट में पुलिस पार्टी पर फायरिंग की थी। जहां से गुरजंट सिंह व संदीप सिंह भागने में कामयाब रहे थे। रच्छपाल सिंह उर्फ राणा को कोटकपूरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इनका एक साथी विक्की गौतम तरनतारन पुलिस ने भारी मात्रा में असलहे के साथ गिरफ्तार किया है।
फिरोजपुर जेल से भागे थे आरोपी
पूछताछ में आरोपी गुरजंट सिंह ने माना कि उसे व उसके साथी रच्छपाल सिंह से एसएचओ अमृतसर ने 26 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी थी। अमृतसर में मार्च 2010 में उस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था।
जिसमें उसे व उसके साथी रच्छपाल सिंह को 20 साल की कैद हुई थी। जनवरी 2013 में दोनों इलाज के लिए फिरोजपुर जेल के सिविल अस्पताल ले जाए गए थे। जहां पर पहले से बने प्लान के मुताबिक शेर ग्रुप की तरफ से उन्हें पुुलिस कस्टडी से भगा लिया था। इसके बाद वह गंगानगर में अपने साथियों के पास रहने लगे थे।
राजस्थान पुलिस से बचे तो हजूर साहिब में छिपे
जनवरी 2014 में गुरजंट सिंह उर्फ भोलू, रच्छपाल सिंह उर्फ राणा व सेवक वेरना कार में हिंदू मल कोट वार्डर के नजदीक थे। तो आरोपियों को राजस्थान पुलिस ने घेर लिया था। आरोपी फायरिंग करते हुए वेरना गाड़ी छोड़कर भाग गए थे। इसके बाद वह हजूर साहिब में जाकर रहने लगे थे।
जेल से भागकर पाकिस्तान से मंगवाया था यह सामान
वर्ष 2010 में आरोपी अमृतसर पुलिस के पकड़ में आने से पहले हिंदू मल कोट राजस्थान, फिरोजपुर, फाजिल्का की तरफ से करीब एक क्विंटल 24 किलोग्राम हेरोइन अलग-अलग रास्तों से मंगवाई थी। जेल से भागकर जाने के बाद इन्होंने अपने अन्य साथियों मनी डियाल व आरोपी अमनदीप सिंह उर्फ अमना निवासी धनोआ के साथ मिलकर हिंदू मल कोट राजस्थान, फिरोजपुर, फाजिल्का की तरफ से एक क्विंटल 44 किलोग्राम हेरोइन अलग-अलग खेपों और भारी मात्रा असलहा मंगवाए थे। इसमें एक स्टेनगन नौ एमएम, दो पिस्टल नौ एमएम, तीन पिस्टल प्वाइंट तीस बोर, कारतूस व पाकिस्तानी सिम कार्ड थे।
जेल से पैरोल पर आया था, फिर हो गया फरार
संदीप सिंह व गुरजंट सिंह उर्फ गोलू दो किलोग्राम हेरोइन के मामले में अमृतसर जेल में 12 साल की सजा काट रहे हैं। साल 2014 में पैरोल पर आया था। इसके बाद भागकर आरोपियों से मिल गया था।
दो लोगों पर चलाई थी सीधी गोलियां
गुरजंट सिंह, संदीप सिंह व रच्छपाल सिंह उर्फ राणा ने अपने साथियों संग मिलकर गुरभेज सिंह निवासी भिखीविंड तरनतारन को जीटी रोड पर बुलाकर गोलियां चलाई थीं। जो कि हमले में बच गया था। इस वारदात में माही निवासी रमदास नाम की लड़की भी शामिल थी। जुलाई -2013 में आरोपियों पर केस दर्ज हुआ था। इसी तरह गुरजंट सिंह व इसके साथियों ने बाज नाम के व्यक्ति को गांव दोदे थाना खालड़ा जिला तरनतान के घर जाकर गोलियां मारी थी। वह भी बच गया था। आरोपियों पर थाना खालड़ा में दर्ज है।
गैंगस्टरों से भारी मात्रा में मिले थे हथियार
मोहाली में पकड़े गए तीन मोस्टवांटेड गैंगस्टरों से काफी मात्रा में ब्राजील, चीन और पाकिस्तान में बने हथियार मिले हैं। पाकिस्तानी सिम भी मिला। आरोपियों की पहचान गुरजंट सिंह उर्फ गोलू (26), संदीप सिंह (25) निवासी हवेलिया तरनतारन व जतिंदर उर्फ जिंदी (34) निवासी लुधियाना के रूप में हुई है।
एसएसपी गुरप्रीत भुल्लर ने बताया कि काबू किए आरोपी कुख्यात हाईवे लुटेरे गिरोह के सदस्य हैं। आरोपियों ने पाकिस्तान में बैठे अपने सप्लायर इमत्याज से संपर्क करने के लिए रखा था। हालांकि, एसएसपी ने पकड़े गए आरोपियों के आतंकियों से संबंध होने की बात को नकारा। उन्होंने बताया कि गिरोह मुख्य रूप से ड्रग तस्करी, अपहरण और जबरन वसूली का काम करता था।
यह हथियार पुलिस ने बरामद किए
पुलिस ने आरोपियों से एक पाकिस्तानी सिम, 31 मोबाइल फोन, एक स्टेनगन 9 एमएम, जिसमें डबल मैगजीन प्रयोग की जाती है। 9 एमएम की दो पिस्टल, 30 बोर की दो पिस्टल, एक एयर गन, 29 कारतूस (9 एमएम), 144 कारतूस (30 बोर), 5 कारतूस (455 बोर), दो डिब्बी एयर गन के छर्रे बरामद हुए हैं। इसके अलावा 30 बोर की 4 पिस्टल बरामद किए जाने हैं। यह उन्होंने अपने साथी जयपाल को देने थे।