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13 सेकेंड पीछे आ रही थी मीत की मौत, जानिए मर्डर की इनसाइड स्टोरी

Thu, 11 May 2017 09:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Thu, 11 May 2017 09:17 AM IST
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meet murder case cctv footage found
मीत हत्याकांड में इस्तेमाल कार - फोटो : अमर उजाला
सिर्फ 13 सेकेंड पीछे थी मौत, और अपनी मां के साथ मंदिर आए मीत को इस बारे में भनक तक नहीं थी। पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज लगा है। बाउंसर मीत से महज 13 सेकेंड पीछे उसकी मौत आ रही थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीसीटीवी फुटेज का हर पहलू जांचने के बाद पता चलता है कि जिस कार में बदमाश वारदात को अंजाम देने जा रहे थे, वह इतनी ही पीछे थी। कार में बैठे बदमाशों की पहचान सीसीटीवी फुटेज से नहीं हो पा रही है। उन्होंने कार की अगली नंबर प्लेट भी तोड़ रखी थी। 
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फुटेज के मुताबिक सुबह 11 बजकर 34 मिनट और एक सेकेंड पर मीत की कार सकेतड़ी मंदिर से करीब 300 मीटर पीछे एक प्वाइंट से निकली। इसके ठीक 13 सेकेंड बाद पीछे बदमाशों की स्विफ्ट कार दिखाई दे रही है। लेकिन फुटेज में जितनी बातें सामने आईं, इससे साफ हो गया कि अपराधियों ने न केवल पहले से रेकी की हुई थी। बल्कि हत्या के लिए तमाम तैयारियां कर रखी थीं।
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फुटेज में बदमाशों की कार लौटती हुई नहीं दिख रही है। इससे साफ है कि हत्या के बाद उन्होंने भागने के लिए दूसरा रास्ता चुना। सकेतड़ी से कैंबवाला, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लिए कई रास्ते हैं, जहां सुरक्षा के नाम पर कभी किसी तरह का कोई पुलिस नाका नहीं है। यहां पुलिस की मुस्तैदी न के बराबर है। अगर, किसी भी वारदात को अंजाम देकर इस रूट से कोई फरार हो जाए तो उसका सुराग हासिल करना बेहद मुश्किल होता है। आशंका है कि बदमाश कैंबवाला की तरफ से फरार हुए हैं।
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मीत की हत्या गगनदीप उर्फ गगन ने ही कराई

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बाउंसर मीत की हत्या
सकेतड़ी शिव मंदिर के पास बाउंसर अमित शर्मा उर्फ मीत की हत्या गगनदीप उर्फ गगन ने ही कराई थी। यह खुलासा खुद नाभा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर आए गगनदीप ने किया है। उसने पुलिस को बताया कि हत्या में शामिल आरोपियों के नाम हरजिंदर सिंह उर्फ लाडी (26) निवासी छत व अमनदीप सिंह उर्फ मनी (27) निवासी बादल कालोनी जीरकपुर हैं। जबकि एक अज्ञात व्यक्ति बताया जा रहा है। इसकी पुष्टि एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने खुद की है। 

जानकारी के मुताबिक, जिला पुलिस गगनदीप सिर्फ उर्फ गगन को नाभा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। इस दौरान जब उससे पूछताछ की गई तो उसने सारा राज खोल दिया। उसने बताया कि उसकी मीत के साथ पुरानी रंजिश थी। सेक्टर-26 स्थित जिम में मीत से उनका विवाद हो गया था। इस दौरान मीत ने उसे गालियां दीं। जिसके बाद गगन ने अपने साथियों के साथ मीत और उसके साथियों पर गोलियां चला दीं थीं।

मीत के साथी अखिल की शिकायत पर गगनदीप एंड कंपनी पर केस दर्ज हो गया था। इस मामले में पुलिस ने गगनदीप, गुरप्रीत और मनीष उर्फ मनी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में गवाही न देने के लिए लगातार मीत को गवाही न देने के लिए कहा जा रहा था।  लेकिन मीत नहीं माना तो गगन ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली। 

रिस्की के नाम से फेमस है मनी
अमनदीप सिंह उर्फ मनी जीरकपुर व साथ लगते इलाकों में रिस्की के नाम से जाना जाता है। उनके लड़ा़ई-झगडे़ आम बात हैं। अमन के पास सिल्वर कलर की ऑल्टो कार है। जबकि हरजिंदर सिंह लाड़ी के पास एक मोइटरसाइकिल है। 

सेक्टर- 26 की वारदात में मुहैया करवाए थे हथियार

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मीत हत्याकांड - फोटो : file photo
पता चला है कि सेक्टर-26 स्थित जिम में गत वर्ष जो वारदात हुई थी, उस हत्या में शामिल लाडी और मनी ने गगन व उसके साथियों को हथियार मुहैया करवाए थे। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। इसके बाद सीआईए स्टाफ ने तीन लोगों को काबू किया था। आरोपियों में गगनदीप उर्फ गगन निवासी नया गांव, गुरप्रीत सिंह गुग्गी निवासी कोकरी कला मोगा और मनीष उर्फ मनी निवासी तियूड के रूप में हुई थी।

गोंडर के साथ जेल में रहा है गगन
पता चला है कि गगनदीप सिंह उर्फ गगन व गैंगेस्टर विक्की गोंडर जेल में एक ही बैरक में रहे हैं। सूत्रों से पता चला है कि पहले वह रोपड़ जेल में थे। इस दौरान उनकी किसी अन्य गैंग के लोगों के साथ पंगा हो गया था। इसके बाद दोनों को वहां से नाभा जेल शिफ्ट कर दिया गया था। वहीं, पुलिस ने साफ किया है कि इस हत्या में गोंडर का कोई हाथ नहीं था।

लाडी और मनी का है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस से पता चला है कि लॉडी और मनी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। जीरकपुर थाने में मनी पर लूट, हत्या चोरी व डकैती समेत पांच केस दर्ज हैं। जबकि  लॉडी पर हत्या का केस दर्ज है।

 

मीत से कहा था कि उसके खिलाफ न दे गवाही

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saketri murder
नाभा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए गगनदीप सिंह उर्फ गगन ने पुलिस को बताया है कि मीत की हत्या की साजिश उसने चंडीगढ़ कोर्ट में पेशी के दौरान रची थी। गगन ने पुलिस को बताया कि सेक्टर-26 में जो गोली चली थी। उसमें मीत व उसके साथियों की गवाही अहम थी। इस कारण उसने अपने साथियों के माध्यम से मीत उसके अन्य दोस्तों से संपर्क किया था।

साथ ही अपील की थी कि उसके खिलाफ गवाही न दे। इतना ही नहीं उसके पिता भी मीत के पैरों में पड़े थे। लेकिन वह बाज नहीं आया। जब मीत ने उसके पिता का अपमान किया तो उनके मन को काफी ठेस पहुंची थी। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मीत की हत्या की साजिश रची थी। गगन के पिता पंजाब पुलिस में तैनात हैं। इस समय  वह चंडीगढ़ हेडक्वार्टर में हैं। 

ऐसे रची थी हत्या की साजिश
पुलिस से पता चला है कि लाडी और मनी आपस में गहरे मित्र हैं। जब गगन कुछ दिन पहले पेशी पर सेक्टर-43 आया था। इस दौरान दोनों उससे मिलने आए थे। इस दौरान उसने मीत हत्या के लिए कहा था। इसके बाद दोनों उसकी हत्या के लिए तैयार हो गए थे।

फेसबुक पर दिखा रहा था शॉर्प शूटर
पांच मई को मनी फेसबुक में एक वीडियो अपलोड किया था। इसमें वह बता रहा था कि उसके पास एक शार्प शूटर बैठा हुआ है। उसके पास एक युवक भी बैठा हुआ दिख रहा है। इसमें वह काफी लाइट मूड में दिख रहा है।

रेकी कर दिया वारदात को अंजाम
पता चला है कि आरोपी कई दिनों से मीत की रेकी कर रहे थे। उन्हें पता था कि मीत सोमवार को मंदिर जाता है। इसके बाद उन्होंने पूरी प्लानिंग से मीत को मौत के घाट उतार दिया।
 
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