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कुलदीप बिश्नोई के गढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की हुंकार, बढ़ा सियासी पारा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 28 Jun 2018 09:44 AM IST
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल
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हरियाणा में लोकसभा और विधानसभा चुनाव को लेकर फ्रंटफुट पर आ चुकी भाजपा ने राजनीतिक विरोधियों को घर में घेरना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर सीधा हमला बोलने से बिल्कुल नहीं कतरा रहे हैं। ऐसा ही उन्होंने चंद दिन पहले हिसार में किया, मनोहर लाल ने पूर्व सीएम भजन लाल के गढ़ में उनके पुत्र विधायक कुलदीप बिश्नोई को निशाने पर लेते हुए पुराने राज खोल डाले।
कुलदीप को घर में ही ललकार कर सीएम ने जहां अपने इरादे साफ कर दिए, वहीं यह भी जता दिया कि चुनावी रण में वह विरोधियों को बख्शने वाले नहीं हैं। सीएम के कुलदीप पर सीधे वार से सियासी पारा एकाएक चढ़ गया है।
सीएम तो कुलदीप को ललकारने के बाद शांत हो गए, लेकिन उनके सिपहसलार कुलदीप व उनके परिवार को घेरने का कोई मौका नहीं चूक रहा। भाजपा की ओर से जहां नेता मोर्चा संभाले हुए हैं, वहीं कुलदीप को कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का साथ नहीं मिल रहा।
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कुलदीप, उनके पूर्व डिप्टी सीएम भाई चंद्रमोहन, विधायक पत्नी रेणुका बिश्नोई और कुछेक नेता ही जवाबी हमला बोल रहे हैं। हालांकि, बुधवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर का साथ उन्हें जरूर मिला। तंवर ने कहा कि सीएम की भाजपा संयमित होनी चाहिए। जिस भाषा का कुलदीप के लिए इस्तेमाल किया गया, उसका वह समर्थन नहीं करते हैं।
बिश्नोई दंपति विस हाजिरी में भी फेल
यादव हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन जवाहर यादव ने कहा कि जनता से दूरी बनाने वाले विधायक कुलदीप बिश्नोई और रेणुका बिश्नोई विधानसभा में जनता की आवाज उठाने के साथ-साथ हाजिरी लगाने में भी फेल साबित हुए हैं। सीएम के सच का सामना कराने के बाद से वे बौखलाहट में है। विधानसभा की अब तक की 66 बैठकों में विधायक कुलदीप बिश्नोई 21 बैठक (32 प्रतिशत) व विधायक रेणुका बिश्नोई 19 बैठकों (29 प्रतिशत) में ही पहुंची।
बिश्नोई दंपति विधानसभा में मेहमान की भांति आते हैं। कुलदीप बिश्नोई ने बीते साढ़े तीन साल के दौरान विधानसभा में एक भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव नहीं दिया, उनकी पत्नी ने भी सिर्फ 4 ऐसे प्रस्ताव दिए। कुलदीप ने विधानसभा में केवल एक सवाल पूछा और अतारांकित प्रश्नों में उनका खाता ही नहीं खुला, जबकि तारांकित प्रश्नों में इनके लगाए 4 सवालों में से एक को ही पूछने के लायक माना गया।
कुलदीप ने नेताओं-समर्थकों का जताया आभार
कुलदीप बिश्नोई ने सीएम की टिप्पणी का विरोध करने वाले नेताओं, समर्थकों और कार्यकर्ताओं का समर्थन देने के लिए धन्यवाद किया है। बिश्नोई ने ट्वीट कर लिखा कि आप ही मेरी असली ताकत हो।
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कुलदीप को घर में ही ललकार कर सीएम ने जहां अपने इरादे साफ कर दिए, वहीं यह भी जता दिया कि चुनावी रण में वह विरोधियों को बख्शने वाले नहीं हैं। सीएम के कुलदीप पर सीधे वार से सियासी पारा एकाएक चढ़ गया है।
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सीएम तो कुलदीप को ललकारने के बाद शांत हो गए, लेकिन उनके सिपहसलार कुलदीप व उनके परिवार को घेरने का कोई मौका नहीं चूक रहा। भाजपा की ओर से जहां नेता मोर्चा संभाले हुए हैं, वहीं कुलदीप को कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का साथ नहीं मिल रहा।
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कुलदीप, उनके पूर्व डिप्टी सीएम भाई चंद्रमोहन, विधायक पत्नी रेणुका बिश्नोई और कुछेक नेता ही जवाबी हमला बोल रहे हैं। हालांकि, बुधवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर का साथ उन्हें जरूर मिला। तंवर ने कहा कि सीएम की भाजपा संयमित होनी चाहिए। जिस भाषा का कुलदीप के लिए इस्तेमाल किया गया, उसका वह समर्थन नहीं करते हैं।
बिश्नोई दंपति विस हाजिरी में भी फेल
यादव हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन जवाहर यादव ने कहा कि जनता से दूरी बनाने वाले विधायक कुलदीप बिश्नोई और रेणुका बिश्नोई विधानसभा में जनता की आवाज उठाने के साथ-साथ हाजिरी लगाने में भी फेल साबित हुए हैं। सीएम के सच का सामना कराने के बाद से वे बौखलाहट में है। विधानसभा की अब तक की 66 बैठकों में विधायक कुलदीप बिश्नोई 21 बैठक (32 प्रतिशत) व विधायक रेणुका बिश्नोई 19 बैठकों (29 प्रतिशत) में ही पहुंची।
बिश्नोई दंपति विधानसभा में मेहमान की भांति आते हैं। कुलदीप बिश्नोई ने बीते साढ़े तीन साल के दौरान विधानसभा में एक भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव नहीं दिया, उनकी पत्नी ने भी सिर्फ 4 ऐसे प्रस्ताव दिए। कुलदीप ने विधानसभा में केवल एक सवाल पूछा और अतारांकित प्रश्नों में उनका खाता ही नहीं खुला, जबकि तारांकित प्रश्नों में इनके लगाए 4 सवालों में से एक को ही पूछने के लायक माना गया।
कुलदीप ने नेताओं-समर्थकों का जताया आभार
कुलदीप बिश्नोई ने सीएम की टिप्पणी का विरोध करने वाले नेताओं, समर्थकों और कार्यकर्ताओं का समर्थन देने के लिए धन्यवाद किया है। बिश्नोई ने ट्वीट कर लिखा कि आप ही मेरी असली ताकत हो।