आसाराम बापू के खिलाफ क्यों हुए 'खास' महेंद्र चावला?
आसाराम बापू ने अपने जिस महेंद्र चावला को गुजरात में 4 एकड़ जमीन मुफ्त दे दी थी। आखिर ऐसा क्या हुआ कि महेंद्र चावला उनके ही बेटे के खिलाफ गवाह बन गया।
दरअसल, महेंद्र चावला गुजरात आश्रम में बच्चे मरने की घटना से बहुत आहत हुआ था। उसके बाद से महेंद्र चावला आसाराम और आश्रम की गतिविधियों से दूर होता चला गया। चावला के साथ आश्रम के अन्य साधकों में भी आश्रम में चल रही गतिविधियों के प्रति रोष हो गया और धीरे-धीरे महेंद्र चावला सहित कई सदस्य आश्रमों से अपने-अपने घरों की ओर आ गए।
विश्वास पात्र होने के बाद कराई जमीन नाम
महेंद्र चावला ने किसी समय आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं का इतना विश्वास जीत लिया था कि आसाराम ने गुजरात आश्रम की करीब चार एकड़ जमीन उसके नाम करा दी।
उसके बाद महेंद्र चावला का अलग-अलग जगहों पर रहने वाले आश्रम के सेवकों से संपर्क बढ़ता गया। महेंद्र चावला और अन्य आश्रम में सेवक के रूप में कार्य करने वाले अहम सदस्य भी महेंद्र चावला के साथ जुडे़ रहे।
सेवादारों ने खोले राज
आश्रम से निकलने के बाद सभी सेवादार फोन के माध्यम से एक दूसरे के संपर्क में थे। सेवादारों ने आश्रम में होने वाली सभी गतिविधियों का पर्दाफाश करने के लिए अपने-अपने क्षेत्र में मीडिया के माध्यम से अपने बयान दिए।
पटवारी को पकड़वा चुका है चावला
गांव सनौली खुर्द निवसी महेंद्र चावला ने सोनीपत में रहने वाले एक जानकार की जमीन का इंतकाल कराने की एवज में बापौली में पटवारी ऋषिपाल को 14 मई 2014 को तीन हजार की रिश्वत मांगने के आरोप में विजिलेंस से पकड़वाया था। अदालत से बरी हो जाने पर महेंद्र चावला ने पटवारी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका भी लगाई है। पटवारी ऋषिपाल ने अभी तक कहीं भी ज्वाइन नहीं किया है। महेंद्र चावला के गोली लगने के मामले को पटवारी से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
वर्जन
सनौली चौकी इंचार्ज अत्तर सिंह ने बताया कि घायल महेंद्र चावला के भाई देवेंद्र चावला के बयान पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हमलावरों की तलाश जारी है।