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पंजाब पुलिस की खौफनाक करतूत, मार डाला कैदी

Fri, 16 May 2014 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर Updated Fri, 16 May 2014 12:19 AM IST
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kidnap and murder of prisnor by punjab police

गुरु नानक देव अस्पताल से अगवा बिक्रमजीत सिंह की पीट-पीट कर हत्या की गई थी। इस बात का खुलासा पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान किया।

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आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। औलख ने बताया कि बिक्रमजीत को काउंटर इंटेलिजेंस टीम के सदस्य एएसआई गुलशन बीर सिंह, एएसआई बलजीत सिंह, मुख्य सिपाही जगजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह और जगतार सिंह 5 मई की शाम को करीब 7 बजे अगवा कर बटाला ले गए।
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जहां पर इंस्पेक्टर नौरंग सिंह सहित सभी लोगों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। उसी रात उसकी मौत हो गई। इसके बाद बिक्रमजीत के शव को इंस्पेक्टर नौरंग सिंह की गाड़ी में डालकर आनंदपुर साहिब नहर में फेंक दिया। उसकी बोलेरो गाड़ी को जंगल में छोड़ दिया। इसके बाद बिक्रमजीत का शव थाना कीरतपुर पुलिस ने 8 मई को नहर से बरामद किया। पांच दिन रखने के बाद 13 मई को अंतिम संस्कार कर दिया और 14 मई को उसकी अस्थियां कीरतपुर में प्रवाहित कर दीं।

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आरोपी पुलिसकर्मी गिरफ्तार

kidnap and murder of prisnor by punjab police

पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख ने बताया कि इसके बारे में वीरवार को उन्हें पता लगा तो उन्होंने तुरंत रोपड़ पुलिस के साथ संपर्क कर पूरे मामले को हल किया।

इनमें कांस्टेबल अमनदीप निवासी पठानकोट, लखविंदर सिंह निवासी तरनतारन, अंग्रेज सिंह निवासी तरनतारन, रणधीर सिंह निवासी गुरदासपुर, मकतूल सिंह निवासी जंडियाला गुरु, एएसआई गुलशन बीर सिंह निवासी गांव कुलार, एएसआई सुरिंदर सिंह निवासी पाखरपुरा को गिरफ्तार कर लिया है।

जबकि अन्य आरोपी इंस्पेक्टर नौरंग सिंह, एएसआई बलजीत सिंह निवासी बटाला, हेडकांस्टेबल गुरप्रीत सिंह, जगजीत सिंह, सबइंस्पेक्टर जगजीत सिंह निवासी बटाला व जगतार सिंह निवासी चाटीविंड अभी फरार हैं।

इस तरह रची पुलिसवालों ने मारने की साजिश

kidnap and murder of prisnor by punjab police

पुलिस कमिश्नर ने पत्रकारों को बताया कि बिक्रमजीत हत्या के दोष में सजा काट रहा था और पिछले एक महीने से अस्पताल में दाखिल था। वह हेरोइन का आदि था और उससे हेरोइन बरामद करने के लिए योजना तैयार की गई।

बिक्रमजीत की गार्द कर्मचारी अमनदीप सिंह व लखविंदर सिंह के साथ अच्छी दोस्ती थी। इस पर इंटेलिजेंस टीम ने अमन की मदद से बिक्रमजीत को पकड़ने के लिए योजना तैयार की। 5 मई की शाम करीब 6 बजे अमन ने बिक्रम को 1.22 लाख रुपये देकर हेरोइन लाने के लिए कहा।

एक घंटे बाद वह चमरंग रोड पर अपनी बोलेरो में हेरोइन लेकर आ गया। जहां पर इंटेलिजेंस के लोग पहले ही मौजूद थे। वह उसे पकड़ कर बटाला ले गए। गाड़ी के अंदर भी उनकी हाथापाई होती रही। बटाला पहुंचने पर नौरंग सिंह और अन्य सभी लोगों ने मारपीट की और उसकी हत्या कर दी।

वहीं, पुलिस कमिश्नर ने कहा कि बिक्रम को पूछताछ के लिए लेकर जाया गया था, लेकिन उच्च अधिकारियों से परमिशन नहीं ली गई थी। जिस तहत यह हत्या का मामला है।

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