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जानिए, क्यों न हो सका ज्योति के हत्यारे का खुलासा

Sun, 21 Sep 2014 02:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Sun, 21 Sep 2014 02:06 PM IST
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Jyoti Murder Case, Ram Kumar, SIT, Panchkula Police

कानपुर की ज्योति का कत्ल किसने किया, इसका खुलासा तो हो गया। लेकिन, पंचकूला में जिस ज्योति का कत्ल हुआ उसके कातिल का पता नहीं चल पाया। कानपुर के प्रसिद्ध ज्योति मर्डर केस की तरह ही पंचकूला का ज्योति मर्डर केस भी सुर्खियों में रहा।

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लेकिन, नवंबर, 2012 में जिस ज्योति का कत्ल पंचकूला में हुआ वह राज बन कर रह गया है। साथ ही कई सवाल भी छोड़ गया है। सिर्फ ट्राइसिटी में ही नहीं बल्कि देश भर में सोशल मीडिया पर यह चर्चा का विषय बन गया है कि पंचकूला के ज्योति मर्डर केस में अगर सभी को बरी कर दिया गया है तो आखिर में ज्योति का कत्ल किया किसने?
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सोशल मीडिया पर हो रही बहस में शामिल ट्राइसिटी के लोग यह जानना चाहते हैं कि ज्योति का कत्ल आखिर किसने किया? लोगों की मांग पर स्पेशल इंवेस्टिगेशन की टीम इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी छानबीन कर रही है। ताकि उच्च न्यायालय में इस मामले को मजबूती से पेश किया जा सके। वैसे कई ऐसे कारण रहे, जो रामकुमार को हत्यारा साबित न कर सके, आप भी जानिए-

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रामकुमार ने दिए अलग अलग बयान

Jyoti Murder Case, Ram Kumar, SIT, Panchkula Police

पंचकूला की अदालत में विधायक रामकुमार चौधरी ने ज्योति से किसी तरह का संबंध होने से इंकार कर दिया, लेकिन जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान विधायक ने माना था कि ज्योति की बहन, इशू की शादी में शामिल हुए थे, जिसके फोटोग्राफ लखविंदर सिंह ने पेश किए थे।

हैंडराइटिंग का नहीं किया जा सका मिलान
सेक्टर-20 चंडीगढ़ के जिस नर्सिंग होम में ज्योति का अबॉर्शन के लिए भरे गए फॉर्म रामकुमार के नाम का सिगभनेचर था। हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के मुताबिक यह राइटिंग विधायक की थी, लेकिन नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने अदालत में माना कि फॉर्म में कुछ सुधार किए गए थे, लेकिन विधायक को पहचानने से इंकार कर दिया।

ट्रक के टायर की राख से भी नहीं खुल सका मौत का राज  
ट्रायल कोर्ट के कहा गया कि किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मी ने इस बात को स्पष्ट नहीं किया कि ट्रक के पहिये से कुचलने से पहले वह जीवित थी या मृत। ट्रक के टायर को जलाने के बाद इसकी राख की केमिकल जांच में इसकी पुष्टि हुई कि वह ट्रक के टायर थे, लेकिन जांच अधिकारी ने ज्योति के कुचलने की बजाय पहिये से चोट लगकर फिसलने का बयान दिया था।

धमकी के बावजूद बहन कायम थी बयान पर

Jyoti Murder Case, Ram Kumar, SIT, Panchkula Police

ज्योति हत्याकांड में कई बार लोग अपने बयान से पलटे थे, लेकिन उसकी बहन ईशू अपने बयान पर कायम रही थी। उसने कोर्ट में बताया कि हिमाचल के दून क्षेत्र के विधायक रामकुमार चौधरी और ज्योति के संबंध थे।

ज्योति अक्सर चौधरी के बारे में बात करती थी और चौधरी अक्सर ज्योति से मिलने चंडीगढ़ आता था। ज्योति ने उसे यह भी बताया था कि चौधरी उससे शादी करेगा, लेकिन एमएलए का चुनाव जीतने के बाद उसने शादी से इनकार कर दिया।

ज्योति ने बहन को बताया था कि चुनाव जीतने के बाद चौधरी कहने लगा कि अगर वह दलित से शादी करेगा तो उसकी बदनामी होगी।

इसलिए वह शादी नहीं करेगा, लेकिन उसके बैंक खाते में हमेशा पैसे जमा कराता रहेगा। ज्योति की बहन ने कहा कि चौधरी ने ज्योति को इसलिए मारा है, क्योंकि वह उससे शादी करना चाहती थी।

टोल प्लाजा के रिकार्ड पर गौर नही किया गया

Jyoti Murder Case, Ram Kumar, SIT, Panchkula Police

ज्योति मर्डर में गठित एसआईटी ने कोर्ट में टोल प्लाजा के रिकार्ड जमा करवाए थे। रिकार्ड के मुताबिक हत्या में प्रयुक्त कार और ट्रक (एचपी-12ए7738) हत्या पहले और बाद में चंडीमंदिर टोल प्लाजा से ही गुजरे थे। इस रिकार्ड पर कोई भी गौर नहीं किया गया। रिकार्ड के साथ चंडीमंदिर टोल प्लाजा के जनरल मैनेजर परक्षित शर्मा हस्ताक्षरयुक्त कागज भी जमा कराए गए थे।

एएसआई मांगे राम के बयान को को-रिलेट नहीं किया गया

एएसआई मांगे राम ने माना था कि साजिश में शामिल परमजीत और गुरमीत को एएसआई मांगे राम ने पंचकूला के अमरटैक्स चौक पर चैकिंग के दौरान रोका था। बाद में कोर्ट में भी उसने दोनों को पहचान लिया था। दोनों के मोबाइल टावर लोकेशन भी मैच कर रही थी। उसके बाद भी इसे को-रिलेट नहीं किया गया।

डिस्क्लोजर स्टेटमेंट को अहमियत न देना

Jyoti Murder Case, Ram Kumar, SIT, Panchkula Police

हत्या की साजिश में शामिल रहे आरोपी परमजीत के डिस्क्लोजर स्टेटमेंट को अहमियत नहीं दी गई। परमजीत के स्टेटमेंट के आधार पर हत्या में प्रयुक्त ट्रक के पहिए की राख को बरामद किया गया था। लैब की रिपोर्ट में साबित हो चुका है कि बरामद राख उसी पहिए की है, जिस ट्रक का हत्या में इस्तेमाल किया गया था।

विधायक व ज्योति की मोबाइल लोकेशन नजरअंदाज हुई

पुलिस की ओर से पेश चार्जशीट के मुताबिक चौधरी राम कुमार के आफिशियल मोबाइल नंबर (09816044340) और ज्योति के मोबाइल नंबर (9915259514) की टावर लोकेशन चंडीगढ़ से लेकर पंचकूला तक साथ-साथ बदलती रही। हत्या के वक्त भी रामकुमार के मोबाइल की लोकेशन सेक्टर 21 में दर्ज हुई थी।

बातचीत फर्जी नंबर से

जांच में यह भी पता चला है कि ज्योति से बात करने के लिए विधायक चौधरी फर्जी आईडी वाले नंबर 9816464060 का इस्तेमाल करते थे। यह नंबर साई रोड बद्दी स्थित बबलू कम्युनिकेशन से लिया गया था। 21 नवंबर की रात को इस नंबर से चौधरी और ज्योति के बीच कई बार बात हुई।

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