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जज निर्मल यादव केस में मुकर गया गवाह
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 09 Dec 2014 12:15 AM IST
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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की महिला जज निर्मल यादव के घर 15 लाख रुपये पहुंचाने (जज नोट कांड) के करीब पांच वर्ष पुराने मामले में सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में एक गवाह अजय कुमार बयान से मुकर गया।
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अब अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस के तत्कालीन एएसपी मधुर वर्मा को पेश होने और गवाही के लिए समन जारी किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई तीन जनवरी को होगी।
सीबीआई की विशेष अदालत में क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान अजय ने 14 अगस्त 2008 को मामले के सह आरोपी एवं व्यवसायी राजीव गुप्ता के किसी भी फोन से इनकार कर दिया। अजय कुमार ने कहा कि वह किसी रमेश कुमार उर्फ सन्नी को नहीं जानता है और न ही सीबीआई ने उसका कोई बयान दर्ज किया था। हालांकि, उसने यह माना कि वह राजीव गुप्ता को कई वर्षों से जानता है। उसके साथ उसने केबल टीवी का काम किया था।
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यह है मामला
जज नोट कांड के आरोप के मुताबिक, पंचकूला के एक प्लॉट के केस में एकतरफा फैसला देने के लिए 15 लाख रुपये की रिश्वत हाईकोर्ट की जज निर्मल यादव के नाम ली गई थी। नाम की गलती के चलते संजीव बंसल का मुंशी प्रकाश राम यह रकम न्यायाधीश निर्मलजीत कौर की कोठी पर ले गया था।
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सीबीआई ने 16 अगस्त 2008 को जस्टिस निर्मल यादव समेत पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल संजीव बंसल, बिल्डर राजीव गुप्ता, दिल्ली के होटेलियर रविंदर सिंह भसीन और निर्मल सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। आरोप तय होने के बाद रिटायर्ड जस्टिस निर्मल यादव ने बीमारी का हवाला देते हुए पेशी से स्थायी छूट की मांग की थी, लेकिन अदालत ने कहा था कि जब भी उनकी जरूरत होगी, अदालत में आना होगा।