डॉक्टर की लापरवाही से पत्रकार की बहन की मौत
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डॉक्टर की लापरवाही के कारण पत्रकार की बहन की मौत हो गई। महिला की मौत से कुछ समय पहले ही डिलीवरी हुई थी। मामला खरड़ का है। पत्रकार जतिन जैन की बहन की निजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद लगाए इंजेक्शन के कुछ घंटों बाद ही मौत हो गई।
महिला के परिजनों ने डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कुछ घंटे पहले ही डिलीवरी हुई थी और उस समय डाक्टरों ने जच्चा-बच्चा को सामान्य बताया था।
गुलमोहर कांप्लेक्स निवासी अमित बांसल ने बताया कि उसने अपनी गर्भवती पत्नी दिव्या जैन को डिलीवरी के लिए न्यू सन्नी एन्क्लेव स्थित छाबड़ा अस्पताल में शुक्रवार सुबह 11 बजे दाखिल कराया था।
इलाज के दौरान अस्पताल के संचालक डॉ मनीष छाबड़ा ने कहा था कि डिलीवरी शाम को होगी। इस दौरान उक्त डॉक्टर की पत्नी डॉ गोल्डी छाबड़ा उनकी पत्नी को चिकित्सा देती रहीं।
मौत से कुछ समय पहले डॉक्टर ने सामान्य बताया
रात 9 बजे के करीब अचानक उनकी पत्नी की तबियत खराब हो जाने के कारण डॉक्टरों ने कहा कि आपरेशन करना होगा और 10 हजार रुपये जमा करवा लिए।
आपरेशन से बेटी हुई और उस समय डॉक्टर ने कहा कि जच्चा बच्चा दोनों सामान्य हैं, लेकिन देर रात दिव्या के पेट में दर्द होने लगा और डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाए।
इसके आधे घंटे बाद ही दिव्या को नींद आ गई और जब उन्होंने दिव्या को उठाने का प्रयास किया तो वह नहीं उठी। डॉक्टर को बुलाया गया तो उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों ने अनुसार उसकी मौत हृदयगति रुकने से हुई है। अमित बांसल ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उनसे कहा था कि उनकी पत्नी की नार्मल डिलविरी होनी है, लेकिन बाद में अचानक डॉक्टरों ने अपने निजी स्वार्थ के चलते आपरेशन किया।
डॉक्टरों के बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
थाना प्रभारी सुरजीत धनौया ने अमित के ब्यान दर्ज करने के बाद एसएमओ खरड़ को डॉक्टरों का बोर्ड बनवाने कहा। सिविल अस्पताल में तीन डॉक्टरों डॉ.सोनिया, डॉ.राजेश व डॉ.धरमिंदर सिंह ने पोस्टमार्टम करवाया।
मृतका के पति अमित ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत के अनुसार कार्रवाई नहीं की और न ही आरोपी डॉक्टरों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया है।
इस संबंध में एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के नियम के अनुसार इस तरह के केस में तब तक डॉक्टरों की लापरवाही साबित नहीं हो सकती जब तक सिविल सर्जन पर आधारित मेडिकल टीम इस मामले में रिपोर्ट पेश नहीं करती। पोस्टमार्टम करवा दिया गया है और अगर रिपोर्ट में लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई होगी।