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अरबपति NRI युवती और युवक की प्रेम कहानी का ऐसे हुआ था अंत...अब आया नया मोड़

Fri, 25 Jan 2019 09:24 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 25 Jan 2019 09:24 AM IST
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jassi sidhu honor killing case mother and maternal uncle handed over to punjab police
सुखविंदर सिंह और जसविंदर कौर की फाइल फोटो

18 साल 9 महीने के बाद बहुचर्चित जस्सी ऑनर किलिंग मामले के दोनों आरोपियों मलकीत कौर और सुरजीत सिंह को कनाडा से भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया है। जगरांव निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ मिट्ठू अब अपनी पत्नी के कातिलों को फांसी पर लटकते देखना चाहते हैं। न्याय की उम्मीद पाले बैठे मिट्ठू ने जस्सी की मौत के बाद आज तक शादी नहीं की है। 

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उनका एक ही ख्वाब है कि कातिलों को फांसी के तख्ते पर लटकते देखना। अमर उजाला से बातचीत के दौरान मिट्ठू ने बताया कि इतनी लंबी लड़ाई लड़ने के बाद यह कामयाबी मिली है। अब सरकार को चाहिए कि वह इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाए और दोनों को फांसी की सजा दे। जिस दिन दोनों को फांसी होगी, उस दिन उसे और उसकी पत्नी जस्सी की आत्मा को शांति मिलेगी। 
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जगरांव से शुरू हुई थी जस्सी-मिट्ठू की छोटी सी लव स्टोरी
कनाडा के अरबपति परिवार की जसविंदर कौर उर्फ जस्सी 1995 में जब अपने ननिहाल गांव काउंके कलां में आई, तो उसे टैंपो चालक सुखविंदर सिंह उर्फ मिट्ठू के साथ प्रेम हो गया। इसके बाद वह कनाडा चली गई, लेकिन दोनों में फोन और पत्रों के माध्यम से प्रेम परवान चढ़ता रहा। 1999 में जस्सी दोबारा गांव आई, तो दोनों ने शादी करने का फैसला ले लिया। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : डेमो

जस्सी के परिवार के लोग इस शादी से सहमत नहीं होंगे, इसलिए दोनों ने 15 मार्च 1999 में प्रेम विवाह कर लिया। जैसे परिवार को इसकी भनक लगी वह जस्सी को वापस कनाडा ले गए। कुछ दिन बाद मिट्ठू पर जस्सी को अगवा करने का मामला दर्ज करवा दिया गया। पुलिस ने मिट्ठू को गिरफ्तार कर लिया। इसी दौरान कनाडा से जस्सी ने किसी तरह पंजाब पुलिस को फैक्स के माध्यम से यह बता दिया कि उसे अगवा नहीं किया गया है और मिट्ठू के साथ उसने प्रेम विवाह किया है।

 इसके बावजूद पुलिस ने मिट्ठू को नहीं छोड़ा। जस्सी ने कनाडा पुलिस की सहायता ली और वर्ष 2000 में भारत लौट आई। यहां आने के बाद उसने मिट्ठू को पुलिस के चंगुल से आजाद करवाया। दोनों एक साथ रहने लगे। 20 मई 2000 को मिट्ठू और जस्सी स्कूटर पर मलेरकोटला के गांव नारीके से आ रहे थे। इसी दौरान सात हथियारबंद लोगों ने उन दोनों पर हमला कर दिया। 

इस हमले में जस्सी की मौत हो गई, लेकिन मिट्ठू किसी तरह से बच गया। इसके बाद बरनाला पुलिस ने मृतक जस्सी की मां मलकीत कौर, मामा सुरजीत सिंह बदेशा, पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर जगविंदर सिंह सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

अदालत ने इंस्पेक्टर जगविंदर सिंह सहित अन्य को उम्र कैद की सजा सुनाई थी लेकिन जस्सी की मां मलकीत कौर और मामा सुरजीत सिंह कनाडा में होने के कारण गिरफ्तार नहीं हो सके। मिट्ठू 18 साल से दोषियों को सजा दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखे हुए थे। इसी का नतीजा है कि कनाडा पुलिस ने दोनों को भारत डिपोट कर दिया है।

मृतका की आरोपी मां मलकीत कौर सिद्धू और उसके मामा सुरजीत सिंह बदेशा को 25 जनवरी को मालेरकोटला की अदालत में पेश किया जाएगा। यह जानकारी एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग ने दी। इस कत्ल मामले में मालेरकोटला की अदालत ने नौ आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था। इसमें से 21 अक्तूबर 2005 को अतिरिक्त सेशन जज इंद्रजीत सिंह वालिया की अदालत ने छह को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुना दी थी। 

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