नपुंसकता केस: सिरसा डेरे की सीबीआई जांच शुरू
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डेरा सच्चा सौदा में साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ केस दर्ज करने बाद वीरवार को सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की एसआईसी टू की चार सदस्यीय टीम ने हरियाणा के सिरसा में डेरे के बाहरी स्थानों का जायजा लिया।
जानकारी के अनुसार सीबीआई टीम सुबह करीब पौने 12 बजे सिरसा पहुंची। शहर की एक धर्मशाला में गाड़ी खड़ी कर इंस्पेक्टर रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में आई टीम ने बेगू रोड से ऑटो पकड़ा। दो सदस्य पहले रवाना हुए और फिर दस मिनट बाद गोल डिग्गी से दूसरे सदस्य ऑटो से डेरा सच्चा सौदा के छोटे डेरे पहुंचे।
सीबीआई ने सबसे पहले सच मार्केट का जायजा लिया। मार्केट का बाहरी जायजा लेने के बाद सीबीआई टीम ने छोटे डेरा व उसके साथ खुला डेरा सच्चा सौदा द्वारा संचालित शिक्षण संस्थान देखा।
करीब आधा घंटा यहां बिताने के बाद टीम यहां से टेंपों में सवार होकर नए डेरे के लिए रवाना हो गई। सीबीआई की टीम डेरा सच्चा सौदा के अंदर नहीं गई। काफी घंटे डेरा के आसपास घूमने के बाद टीम साढे़ तीन बजे वापस धर्मशाला पहुंची और गाड़ी में सवार होकर नए बस अड्डे से आगे चली गई।
‘भगवान दर्शन’ के नाम पर नपुंसक बनाया
सीबीआई टीम ने किसी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी से संपर्क नहीं साधा। सदर थाना प्रभारी अनिल कुंडू ने बताया कि सीबीआई के लिए यह जरूरी नहीं कि वो अपनी उपस्थिति दर्ज करवाए या अधिकारियों से संपर्क साधकर जांच आरंभ करे। सीबीआई को जब जरूरत महसूस होगी तभी वे संबंधित थाना क्षेत्र से संपर्क साधकर आवश्यक सहयोग ले सकते हैं।
शाम को वैसे तो सीबीआई टीम सिरसा रवाना होते हुए देखी गई, लेकिन संभावना यही है कि टीम कुछ दिन तक सिरसा में ही रहेगी। माना जा रहा है कि टीम बाहरी गतिविधियों व लोगों से जानकारी जुटाने के बाद जिन साधुओं के नाम नपुंसक सूची में शामिल हैं उनके बारे में अहम सूचनाएं जुटाने के बाद ही डेरा सच्चा सौदा के अंदर जाएगी। इस प्रक्रिया में कुछ दिन लग सकते हैं।
डेरा सच्चा सौदा के पूर्व साधु हंसराज चौहान ने 17 जुलाई 2012 को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर डेरा प्रमुख पर आरोप लगाया कि उन जैसे करीब सैकड़ों युवाओं को ‘भगवान के दर्शन’ के नाम पर नपुंसक बनाया गया है। उन्होंने 166 लोगों की नाम सहित सूची भी सार्वजनिक की है।
हाईकोर्ट के आदेश पर शिकायतकर्ता हंसराज का चिकित्सीय परीक्षण भी हो चुका है जिसमें उसके नपुंसक होने की पुष्टि हुई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के जस्टिस के. कानन ने 23 दिसंबर 2014 को इस मामले की जांच सीबीआई कौ सौंप दी।