Bathinda: बस एक शक और खुल गया सेना के चार जवानों के कत्ल का राज, पांच दिन तक पुलिस के साथ घूमता रहा आरोपी
पंजाब के बठिंडा स्थित मिलिट्री स्टेशन में सेना के चार जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या करने वाला आरोपी गनर देसाई मोहन पांच दिन तक जांच टीम के साथ घूमता रहा और मनगढ़ंत कहानी से गुमराह करता रहा। जब वह जवानों पर गोलियां चला रहा था तो नजदीकी पोस्ट पर तैनात जवान ने सेना के कंट्रोल रूम पर सूचना देकर अलर्ट किया था। जवान ने कंट्रोल रूम को बताया था कि उसकी पोस्ट के पास गोलियां चल रही हैं। जब तक बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे तब तक आरोपी हथियार छिपा चुका था।
घटना के बाद देसाई मोहन अपने मेजर शुक्ला के पास मासूम चेहरा लेकर आंसू बहाने लगा और सेना अधिकारियों ने भी उसकी बातों पर यकीन करते हुए थाना कैंट में दर्ज करवाई एफआईआर में उसे चश्मदीद के तौर पर जांच में शामिल किया। देसाई मोहन आंध्र प्रदेश का रहने वाला है। वह बठिंडा कैंट में 2021 से तैनात है। डयूटी पर उसे एलएमजी मिली थी लेकिन उसने चोरी के हथियार से वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद जब सेना और पंजाब पुलिस की टीम ने डयूटी पर तैनात सभी जवानों से अलग-अलग पूछताछ की तो कोई खास सुराग हासिल नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो उसमें भी पुलिस को कोई संदिग्ध नहीं दिखाई दिया। सबसे पहले पुलिस की जांच टीम ने खुद को चश्मदीद बताने वाले देसाई मोहन को घटना वाले स्थान पर क्राइम सीन को रिक्रिएट किया।
पूछताछ के दौरान उसने अपना बयान बदल दिया। इससे पुलिस व सेना की जांच टीम को शक हुआ। पुलिस टीम ने उससे दोबारा पूछताछ की तो उसने फिर बयान बदल दिया। इससे पुलिस को यकीन हो गया कि हत्याकांड में देसाई मोहन का हाथ हो सकता है। वह लगातार अपने बयान बदलता रहा। पुलिस ने थोड़ी सख्ती की तो चश्मदीद ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस सूत्रों से पता चला है कि जब भी आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया गया तो वह मासूम बनकर पेश होता रहा ताकि किसी को उस पर संदेह न हो।
आरोपी ने बताया अमानवीय व्यवहार करते थे जवान
पुलिस सूत्रों से पता चला है कि जब आरोपी ने पंजाब पुलिस की जांच टीम के सामने अपना जुर्म कबूल किया तो उसने रोते हुए पुलिस अधिकारी को बताया कि चारों जवान उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते थे। यही वजह है कि हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि देसाई मोहन को सोमवार दोपहर बाद अदालत में पेश किया गया। जहां से आरोपी को 20 अप्रैल तक तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।