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ऑनर किलिंग: बेटी के हत्यारे को फांसी
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Fri, 17 Oct 2014 11:32 PM IST
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लड़की की हत्या के दोष में उसके पिता और ताऊ को जज एसएस साहनी ने फांसी की सजा सुनाई है। दोषियों की पहचान जंडियाला निवासी बलविंदर सिंह और बलदेव सिंह के तौर पर हुई है।
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लड़की एक लड़के से प्यार करती थी, जिसके कारण उसकी हत्या की गई। इस संबंध में थाना जंडियाला में केस भी दर्ज है। दोषियों ने लड़की को जहर दिया और उसके बाद गला घोटकर हत्या कर दी थी। दोनों को मामले में मंगलवार को दोषी करार दिया गया था।
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जानकारी के अनुसार 12 सितंबर 2012 को थाना जंडियाला में वैरोवाल रोड निवासी युवक सुखदेव सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके घर के पास ही रहते बलविंदर सिंह की बेटी के साथ उसका प्रेम संबंध है। वह दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते हैं, लेकिन लड़की के घर वालों को उनका रिश्ता बर्दाश्त नहीं था।
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युवक का आरोप था कि 11 सितंबर को लड़की ने उसे फोन कर बोला कि उसके पिता बलविंदर सिंह और ताया बलदेव सिंह उस पर दबाव बना रहे हैं कि वह दोनों आपस में न मिलें। इसके अलावा उसके साथ जमकर मारपीट भी की गई है। बात करते समय ही फोन बीच में ही कट गया था।
तब से ही फोन बंद आ रहा है। वह देर रात तक अपनी उससे संपर्क करने की कोशिश करता रहा, लेकिन कोई बात नहीं हो पाई। अगले दिन सुबह उसे पता चला कि रात को ही लड़की की मौत हो गई। उसे शक है कि लड़की की हत्या की गई है।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने लड़की के घर पर दबिश दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने लड़की के पिता और ताया के खिलाफ गला घोट कर हत्या का मामला दर्ज किया था। बाद में जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो पता चला कि लड़की की मौत जहर से हुई है।
दोषियों की ओर से यह साबित करने की कोशिश की गई थी कि लड़की ने आत्महत्या की है। लेकिन सरकारी वकील आरके सलवान की ओर से पेश किए गए सबूतों और दलीलों के आधार पर साबित किया कि आरोपियों ने पहले लड़की को जहर दिया और बाद में उसका गला घोट दिया।
अदालत ने दोनों दोषियों को सजा सुनाई तो वह फूट-फूट कर रोने लगे। दोनों को अपने किए पर पछतावा हो रहा था और बार-बार वे अपनी बेटी को याद कर रहे थे।