कहीं घर में दफना तो नहीं दी बेटी, खोद डाला घर
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छह साल पहले अगवा हुई 12वीं की छात्रा नपिंदर कौर का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने सीजेएम कोर्ट की मंजूरी पर लड़की का घर खोद डाला लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस को पीड़ित मां बाप पर ही नपिंदर की हत्या कर शव घर में दफनाने का शक था।
इसलिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट की निगरानी में कोर्ट की मंजूरी से उनके घर की तीन दिन लगातार खुदाई करवाई गई, लेकिन कुछ हाथ नहीं आया। इससे पहले पुलिस लड़की की मां का पॉलीग्राफी टेस्ट मधुबन (हरियाणा) और पिता व छात्रा की एक सहेली का हैदराबाद से पॉलीग्राफी टेस्ट भी करवा चुकी है।
थाना सिटी के एसएचओ जसविंदर सिंह ने बताया कि पीड़ित के घर की खुदाई के दौरान कुछ भी बरामद नहीं हुआ इसलिए खुदाई का काम रोक दिया गया है।
आईजी बठिंडा जोन की निगरानी में मामले की जांच उच्च स्तरीय टीम कर रही है। छात्रा के पिता ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पुलिस की ढीली कार्रवाई के खिलाफ पांच साल से अर्जी भी दायर की हुई है।
स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का ऑर्डर
हाईकोर्ट ने 24 नवंबर 2009 को पंजाब पुलिस अपराध शाखा को इस मामले की जांच सौंपी थी। इसके बाद आईजी बठिंडा जोन की निगरानी में बनी विशेष जांच टीम ने मामले की जांच शुरू की।
छात्रा मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में दो साल पहले तत्कालीन अतिरिक्त पंजाब पुलिस प्रमुख (अपराध) भी पेशी भुगत चुके हैं। एक अगस्त को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई थी।
इस दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस की दलील (काफी तलाश के बावजूद लड़की नहीं मिल पा रही) को रद्द करते हुए 16 अक्तूबर से पहले मामले की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने की हिदायत दी थी।
इसके बाद विशेष जांच टीम ने सीजेएम पूजा अंदोतरा की अदालत की मंजूरी से कार्यकारी मजिस्ट्रेट बलदेव सिंह की निगरानी में नपिंदर के घर की तीन दिन लगातार खुदाई करवाई लेकिन कुछ भी हाथ नहीं आया।
अब तक नहीं लगा छात्रा का सुराग
इससे पहले इस मामले में पुलिस कुछ संदिग्धों की गिरफ्तारी के अलावा अगवा नपिंदर की सहेलियों, पीड़ित परिवार से मेलजोल रखने वाले दो पूर्व सरपंचों समेत 20 से अधिक लोगों से पूछताछ, मोबाइल कॉल डिटेल के अलावा दिल्ली और पंजाब के सभी थानों में हमउम्र की लापता हुई लड़कियों की फोटो भी जांच चुकी है।
इसके अलावा तहसीलदारों के मैरिज रजिस्टर और गुरुद्वारे, डेरे, आर्केस्ट्रा, ब्यूटी पार्लर आदि स्थानों पर भी पड़ताल कर चुकी है। थाना सिटी पुलिस ने बस्ती गोबिंदगढ़ निवासी सतपाल सिंह की शिकायत पर 25 मार्च 2009 को छात्रा के अगवा होने का केस दर्ज किया था।
पीड़ित ने आरोप लगाया था कि उसकी 12वीं कक्षा में पढ़ती बेटी नपिंदर कौर 15 दिसंबर 2008 को दवा लेने गई थी, लेकिन वापस नहीं आई।
छात्रा के पिता ने लड़की की दो सहेलियों और दो लड़कों पर आरोप लगाया था कि उसकी लड़की इनसे आती-जाती थी। पुलिस ने इनके खिलाफ केस दर्ज कर पूछताछ की लेकिन लापता छात्रा का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका।