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हाईकोर्ट का वकील गिरफ्तार: तलाक का केस हक में कराने के लिए मांगी थी 30 लाख की रिश्वत, बिचौलिए के साथ धरा
Sun, 17 Aug 2025 01:00 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 17 Aug 2025 01:00 PM IST
सार
तलाक के एक मामले में जतिन सलवान ने बठिंडा अदालत के जजों और न्यायिक अधिकारियों के साथ अपनी जान-पहचान का हवाला देते हुए केस पक्ष में कराने के लिए 30 लाख रुपये की मांग की थी।
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आरोपी जतिन सलवान
- फोटो : फाइल
विस्तार
सीबीआई ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के वकील जतिन सलवान को तलाक के एक मामले में 30 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक बिचौलिए सतनाम सिंह को भी चार लाख रुपये लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा गया है।
फिरोजपुर शहर के मल्लांवाला रोड के बेदी काॅलोनी के रहने वाले हरसिमरनजीत सिंह ने सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी चचेरी बहन का तलाक का केस बठिंडा अदालत में चल रहा है। उन्होंने इस केस के लिए एडवोकेट जतिन सलवान से संपर्क किया था। शिकायत के अनुसार सलवान ने बठिंडा अदालत के जजों और न्यायिक अधिकारियों के साथ अपनी जान-पहचान का हवाला देते हुए केस उनके पक्ष में कराने के लिए 30 लाख रुपये की मांग की थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वकील ने पहली किस्त के तौर पर 5 लाख रुपये देने को कहा था। उसने यह भी दावा किया था कि न्यायिक कर्मचारी उनके घर पर पैसे लेने आएंगे। हरसिमरनजीत सिंह ने इस पूरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था, जिसमें सलवान को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि रिश्वत दे पैसे कदी घट नी हूंदे यानी रिश्वत के पैसे कभी कम नहीं होते।
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इन्हीं सबूतों के आधार पर सीबीआई ने 13 और 14 अगस्त को जाल बिछाकर सलवान और बिचौलिए सतनाम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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फिरोजपुर शहर के मल्लांवाला रोड के बेदी काॅलोनी के रहने वाले हरसिमरनजीत सिंह ने सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी चचेरी बहन का तलाक का केस बठिंडा अदालत में चल रहा है। उन्होंने इस केस के लिए एडवोकेट जतिन सलवान से संपर्क किया था। शिकायत के अनुसार सलवान ने बठिंडा अदालत के जजों और न्यायिक अधिकारियों के साथ अपनी जान-पहचान का हवाला देते हुए केस उनके पक्ष में कराने के लिए 30 लाख रुपये की मांग की थी।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि वकील ने पहली किस्त के तौर पर 5 लाख रुपये देने को कहा था। उसने यह भी दावा किया था कि न्यायिक कर्मचारी उनके घर पर पैसे लेने आएंगे। हरसिमरनजीत सिंह ने इस पूरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था, जिसमें सलवान को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि रिश्वत दे पैसे कदी घट नी हूंदे यानी रिश्वत के पैसे कभी कम नहीं होते।
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इन्हीं सबूतों के आधार पर सीबीआई ने 13 और 14 अगस्त को जाल बिछाकर सलवान और बिचौलिए सतनाम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है।