पत्नी की मदद से दोस्त संग किया नाबालिग का रेप, 20 साल कैद
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पड़ोस में रहने वाली नाबालिग को महिला बुलाकर ले गई अपने घर वहां उसके पति और उसके दोस्त ने लूट ली अस्मत। मिली 20-20 साल की कैद। मामला हरियाणा के सिरसा का है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगीता राय की अदालत ने आरोपियों को 20-20 साल कठोर कारावास की सजा और साजिश में शामिल रही दोषी महिला को दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक-एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार रानियां में 22 मई 2014 की दोपहर एक नाबालिग को पड़ोस में रहने वाली महिला सुनीता अपने घर ले गई थी। सुनीता का पति धर्मपाल उर्फ धर्मा घर था।
धर्मपाल का दोस्त गांव कंगनपुर निवासी लाडी भी उसके साथ घर पर बैठा था। सुनीता लाडी को अपना देवर मानती थी। देवर ने भाभी को कुछ लालच दिया और कैसे भी नाबालिग को कमरे में लाने को कहा।
अदालत ने आरोपी महिला को अपराध का सूत्रधार, दोषी ठहराया
सुनीता नाबालिग को कमरे में ले गई और बाहर से कमरा बंद कर दिया। लाडी कमरे में पहले से मौजूद था और उसने नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया। इसके बाद धर्मपाल ने भी नाबालिग की अस्मत लूटी।
इसके बाद उक्त तीनों ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर घर जाकर बताया जो जान से मार देंगे। पीड़िता की हालत देखकर परिजन समझ गए कि कुछ गलत हुआ है। इसके बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए। सूचना मिलने पर पुलिस पीड़िता के पास पहुंची।
महिला अधिवक्ता समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज करवाए गए। पुलिस ने आरोपी सुनीता, उसके पति धर्मपाल और लाडी के खिलाफ साजिश रचने, दुराचार और धमकी देने और पोस्को एक्ट के तहत अभियोग दर्ज कर लिया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करके अदालत समक्ष पेश किया।
16 माह में दुष्कर्म के इस मामले का निपटारा करते हुए एडीजे संगीता राय ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए बीस-बीस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी महिला को सारे अपराध का सूत्रधार और बराबर का दोषी ठहराया है।