पत्नी के प्रेमी के पहले पैर काटे फिर गला दबाकर मार डाला, फोन कर सरपंच को बोला- मैंने मार दिया
- गांव रोड़ी में रविवार मध्य रात्रि प्रेम प्रसंग में हुई वारदात
- आरोपी ने खुद सरपंच को फोन कर दी हत्या की जानकारी
- पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया गिरफ्तार
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हरियाणा के सिरसा जिले में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के गांव रोड़ी में रविवार मध्य रात्रि एक व्यक्ति की धारदार हथियार से पहले दोनों पैर काट दिए और फिर गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या का कारण मृतक का आरोपी की पत्नी के साथ प्रेम-प्रसंग होना बताया जा रहा है। सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। वहीं पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
रोड़ी निवासी गुरप्रीत सिंह (32) का अपने ही पड़ोस में रहने वाले बलविंद्र सिंह की पत्नी के साथ प्रेम प्रसंग था। इसी के चलते गुरप्रीत रविवार मध्य रात्रि बलविंद्र की पत्नी से मिलने आया। इस बात की भनक जब बलविंद्र को लगी तो उसने तेजधार हथियार उठा लिया और उसको सबक सिखाने का मन बना लिया। गुस्से में बलविंद्र ने गुरप्रीत पर तेजधार हथियार से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए।
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आरोपी इस कदर आक्रोशित था कि उसने पहले गुरप्रीत के दोनों पैर काट दिए और बाद में गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बलविंद्र ने स्वयं ही सरपंच मेजर सिंह को फोन पर सूचना दी कि उसने गुरप्रीत को मार डाला। सरपंच ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
हत्या की सूचना पर रोड़ी थाना प्रभारी ईश्वर सिंह ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। पुलिस ने मृतक के भाई तरसेम सिंह के बयान पर बलविंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्जकर लिया। थाना प्रभारी ईश्वर सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्जकर लिया गया है। हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी कर ली गई है। मामला प्रेम प्रसंग का है।
कई बार हो चुकी थी पंचायत
खेतीबाड़ी करने वाले गुरप्रीत का अपने ही पड़ोस में रहने वाले बलविंद्र की पत्नी के साथ मेलजोल था। बलविंद्र भी खेतीबाड़ी का कार्य करता है। उसे एक लड़का व एक लड़की है। जबकि गुरप्रीत एक लड़के का पिता था। गुरप्रीत व बलविंद्र की पत्नी के बीच मेलजोल का सिलसिला करीब 3 वर्षों से चल रहा था। जिसको लेकर बलविंद्र के घर में अक्सर कलह होती रहती थी।
बताया गया है कि इस मामले में बलविंद्र व गुरप्रीत के मध्य 3-4 बार पंचायत भी हो चुकी थी लेकिन गुरप्रीत अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। इस कारण बलविंद्र भी घर पर नजर रखने लग गया। रविवार मध्य रात्रि गुरप्रीत जैसे ही बलविंद्र के घर उसकी पत्नी से मिलने आया उसने तेजधार गंड़ासे से गुरप्रीत पर वार किया और उसके दोनों पैर काट दिए। इसके बाद गला दबाकर उसे मौत की नींद सुला दिया।
सरपंच को फोन कर कहा- मैंने गुरप्रीत को मार दिया
घटना को अंजाम देने के बाद बलविंद्र फरार नहीं हुआ, बल्कि उसने रात करीब पौने दो बजे स्वयं ही सरपंच को फोन पर इसकी सूचना दी और कहा कि उसने गुरप्रीत को मौत के घाट उतार दिया है। इसके बाद सरपंच की सूचना पर थाना प्रभारी ईश्वर सिंह मौके पर पहुंचे। आरोपी ने इस अपराध के लिए कोई पछतावा नहीं किया।
उसने अपना अपराध कुबूल करते हुए कहा कि उसने मजबूर होकर इस वारदात को अंजाम दिया है। गुरप्रीत पिछले काफी समय से उसके घर में कलह का कारण बना हुआ था। जब पानी सिर से ऊपर निकल गया तो उसे मजबूरन ये कदम उठाना पड़ा।