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सरकारी फ्लैट किराए पर देने से पहले ये खबर देख लें, दो को जेल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 31 Mar 2016 04:50 PM IST
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इकोनॉमिक वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) फ्लैट्स गैर सरकारी लोगों को किराए पर देने के चार आरोपियों में से दो को जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके अग्रवाल ने 6-6 महीने की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 500-500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा पाने वालों में सेक्टर-37 निवासी सीताराम और उनकी पत्नी छोटी देवी शामिल हैं।
वहीं अदालत ने अस्थायी तौर पर सेक्टर-19 निवासी वर्क इंस्पेक्टर के रूप में तैनात जगजीत कुमार और सफाईकर्मी सेक्टर-37 निवासी मोहिंदर पाल को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। इन चारों के खिलाफ यूटी विजिलेंस ने पांच जुलाई, 2012 में केस दर्ज किया था। इनके खिलाफ विजिलेंस ने ट्रैसपासिंग, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया था।
विजिलेंस ने एक शिकायत के आधार पर सेक्टर-37 में छापा मारा था। यहां 29 मकानों में से 9 में गैर सरकारी लोग किराए पर रहते पाए गए थे। शिकायत में यह भी कहा गया था कि गैरकानूनी तरीके से रहने वाले लोग शराब पीकर हंगामा करते हैं।
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जानकारी के अनुसार जगजीत कुमार की ड्यूटी सरकारी कर्मियों को मकानों का पजेशन देना था। उनके द्वारा घर खाली करने पर इनका पजेशन जगजीत कुमार के पास रहता था। आरोप के मुताबिक गैर कानूनी तरीके से वह लोगों को किराए पर सरकारी मकान देकर किराया वसूलता था। वह इन मकानों का इंचार्ज था। मोहिंद्र पर भी आरोप था कि वह भी कुछ किराएदारों से पैसे वसूलता था। अन्य आरोपी सीताराम और छोटी देवी गैर कानूनी तौर पर किराए पर रह रहे थे।
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वहीं अदालत ने अस्थायी तौर पर सेक्टर-19 निवासी वर्क इंस्पेक्टर के रूप में तैनात जगजीत कुमार और सफाईकर्मी सेक्टर-37 निवासी मोहिंदर पाल को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। इन चारों के खिलाफ यूटी विजिलेंस ने पांच जुलाई, 2012 में केस दर्ज किया था। इनके खिलाफ विजिलेंस ने ट्रैसपासिंग, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया था।
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विजिलेंस ने एक शिकायत के आधार पर सेक्टर-37 में छापा मारा था। यहां 29 मकानों में से 9 में गैर सरकारी लोग किराए पर रहते पाए गए थे। शिकायत में यह भी कहा गया था कि गैरकानूनी तरीके से रहने वाले लोग शराब पीकर हंगामा करते हैं।
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जानकारी के अनुसार जगजीत कुमार की ड्यूटी सरकारी कर्मियों को मकानों का पजेशन देना था। उनके द्वारा घर खाली करने पर इनका पजेशन जगजीत कुमार के पास रहता था। आरोप के मुताबिक गैर कानूनी तरीके से वह लोगों को किराए पर सरकारी मकान देकर किराया वसूलता था। वह इन मकानों का इंचार्ज था। मोहिंद्र पर भी आरोप था कि वह भी कुछ किराएदारों से पैसे वसूलता था। अन्य आरोपी सीताराम और छोटी देवी गैर कानूनी तौर पर किराए पर रह रहे थे।