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Punjab: लुधियाना के ज्वेलर का 6 करोड़ का सोना दिल्ली में खुर्द-बुर्द, शिवसेना नेता के बेटे की मिलीभगत आई सामने
Tue, 18 Jul 2023 10:03 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, खन्ना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, खन्ना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 18 Jul 2023 10:03 AM IST
सार
ज्वेलर रविंदर कुमार ने 10 जुलाई को अपने ड्राइवर बलराज सिंह के साथ कर्मचारी राजन बावा को दिल्ली से सोना लेने भेजा था। सोने की प्लेटें लेने के बाद फोन पर उसे कंफर्म किया गया। इसके बाद राजन बावा ने उसे बताया कि सेंट्रल जीएसटी का इंस्पेक्टर सतबीर सिंह और रवि कुमार सोने का बिल मांग रहे हैं। इसके बाद से बावा से उसका संपर्क नहीं हुआ।
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आरोपी सुशील टोपी और राजन बावा।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
लुधियाना के एक ज्वेलर का करीब 6 करोड़ रुपये का सोना दिल्ली में खुर्द-बुर्द कर दिया गया। इसका मास्टरमाइंड लुधियाना का सुशील टोपी निकला है, जिसे दिल्ली पुलिस ने सरहिंद के जग्गी रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया। इस कांड में खन्ना का रहने वाला इंटरनेशनल एंटी खालिस्तान टेररिस्ट फ्रंट का राष्ट्रीय चेयरमैन कश्मीर गिरी और उसका बेटा राजन बावा भी शामिल है। इनकी तलाश में दिल्ली पुलिस ने खटीकां चौक स्थित घर में रेड की, लेकिन दोनों नहीं मिले।
यह भी पढ़ें: कोटकपूरा गोलीकांड: सुखबीर सिंह बादल को कोर्ट से राहत, बेटी के ग्रेजुएशन समारोह में शामिल होने जा सकेंगे विदेश
ज्वेलर रविंदर कुमार निवासी न्यू सुभाष नगर ने बताया कि नलके वाली गली में उनकी आरएन ज्वेलर्स नाम से दुकान है। बतौर ड्राइवर लुधियाना का बलराज सिंह उसके पास काम करता था। खन्ना का राजन बावा उसका कर्मचारी था। 10 जुलाई को बलराज सिंह के साथ राजन बावा को दिल्ली से सोना लेने भेजा गया था। 10 जुलाई की रात करीब 9 बजे एचआर इंटरप्राइजेज करोल बाग नई दिल्ली से इन दोनों ने 10 किलो सोने की 10 प्लेटें लीं। प्रत्येक प्लेट का वजन एक किलो था।
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सोने की प्लेटें लेने के बाद फोन पर उसे कंफर्म किया गया। राजन बावा ने फोन करके बताया कि सोने की प्लेटें ले ली हैं। इसी दौरान हरियाणा मैत्री भवन रानी बाग दिल्ली के पास पहुंचने के बाद उसे फिर फोन आया। उसे राजन बावा ने कहा कि एक आई-20 कार उनका पीछा कर रही थी। इस गाड़ी से उन्हें घेर लिया गया। कार में से दो व्यक्ति निकले हैं, जिनमें से एक खुद को सेंट्रल जीएसटी का इंस्पेक्टर सतबीर सिंह और दूसरा रवि कुमार बता रहा है। तीन लोग गाड़ी में बैठे हैं। ये लोग सोने के बिल मांग रहे हैं।
रविंदर के अनुसार उसने राजन बावा के फोन पर वाट्सएप कॉल के माध्यम से बात की तो खुद को जीएसटी अधिकारी बताने वालों ने बिल मांगे। उसने अधिकारियों से कहा कि बिल उसके पास हैं। बिल अगले दिन दफ्तर में लाने को कहा गया। 11 जुलाई को वे बिल लेकर दिल्ली चले गए। उसी दिन से राजन बावा उनके संपर्क में नहीं रहा। वह अपने स्तर पर संबंधित जीएसटी दफ्तर में गए। वहां से उन्हें पता चला कि विभाग को सोने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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ज्वेलर रविंदर कुमार निवासी न्यू सुभाष नगर ने बताया कि नलके वाली गली में उनकी आरएन ज्वेलर्स नाम से दुकान है। बतौर ड्राइवर लुधियाना का बलराज सिंह उसके पास काम करता था। खन्ना का राजन बावा उसका कर्मचारी था। 10 जुलाई को बलराज सिंह के साथ राजन बावा को दिल्ली से सोना लेने भेजा गया था। 10 जुलाई की रात करीब 9 बजे एचआर इंटरप्राइजेज करोल बाग नई दिल्ली से इन दोनों ने 10 किलो सोने की 10 प्लेटें लीं। प्रत्येक प्लेट का वजन एक किलो था।
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सोने की प्लेटें लेने के बाद फोन पर उसे कंफर्म किया गया। राजन बावा ने फोन करके बताया कि सोने की प्लेटें ले ली हैं। इसी दौरान हरियाणा मैत्री भवन रानी बाग दिल्ली के पास पहुंचने के बाद उसे फिर फोन आया। उसे राजन बावा ने कहा कि एक आई-20 कार उनका पीछा कर रही थी। इस गाड़ी से उन्हें घेर लिया गया। कार में से दो व्यक्ति निकले हैं, जिनमें से एक खुद को सेंट्रल जीएसटी का इंस्पेक्टर सतबीर सिंह और दूसरा रवि कुमार बता रहा है। तीन लोग गाड़ी में बैठे हैं। ये लोग सोने के बिल मांग रहे हैं।
रविंदर के अनुसार उसने राजन बावा के फोन पर वाट्सएप कॉल के माध्यम से बात की तो खुद को जीएसटी अधिकारी बताने वालों ने बिल मांगे। उसने अधिकारियों से कहा कि बिल उसके पास हैं। बिल अगले दिन दफ्तर में लाने को कहा गया। 11 जुलाई को वे बिल लेकर दिल्ली चले गए। उसी दिन से राजन बावा उनके संपर्क में नहीं रहा। वह अपने स्तर पर संबंधित जीएसटी दफ्तर में गए। वहां से उन्हें पता चला कि विभाग को सोने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।