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पीजीआई हॉस्टल में छात्रा फंदे पर लटकी, मौत

Fri, 06 Feb 2015 05:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Fri, 06 Feb 2015 05:18 PM IST
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girl student commit suicide in PGI hostel

पीजीआई गर्ल्स हॉस्टल में रह रही एमएलटी अंतिम वर्ष की छात्रा ने फंदा लगाकर जान दे दी। छात्रा का कमरा कई घंटे तक बंद रहने पर रूम मेट को अनहोनी का शक हुआ तो उसने प्रबंधन को सूचना दी। दरवाजा तोड़कर देखा गया तो छात्रा फंदे से लटकी मिली। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

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न ही छात्रा के मोबाइल फोन से कोई सुराग हाथ लगा है। परिजनों ने भी कोई शक नहीं जताया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
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झज्जर के देशवाल कांप्लेक्स निवासी नरेंद्र की बेटी प्रिया शर्मा पीजीआई में लैबोरेटरी टेक्नीशियन का कोर्स कर रही थी। वह पीजीआई के मेन गर्ल्स हॉस्टल के लक्ष्मीबाई ब्लॉक के कमरा नंबर 317 डी में रहती थी। बृहस्पतिवार को उसकी रूम मेट को कमरा अंदर से बंद मिला। काफी देर बाद भी अंदर से जवाब नहीं मिला तो सुपरवाइजर को बुलाया गया।
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बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2 बजे सुपरवाइजर ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर प्रिया पंखे पर फंदे से झूल रही थी। उसने अपने दुपट्टे (चुन्नी) से ही फंदा बनाया था। सूचना मिलते ही पूरा पीजीआई प्रबंधन मौके पर पहुंच गए।

मौसी से बोली, अभी फ्रेश होकर आती हूं
प्रिया बृहस्पतिवार को कॉलेज नहीं गई। उसके चाचा मुकेश शर्मा ने बताया कि उसकी पत्नी और प्रिया की मौसी दया 3 दिन से पीजीआई में उपचाराधीन है। बृहस्पतिवार सुबह प्रिया मौसी को यह कहकर वापस हॉस्टल आ गई थी कि वह फ्रेश होकर आ रही है। लेकिन वह वापस नहीं लौटी।

परिजनों ने सोचा कि वह कॉलेज गई है, साथी छात्राओं ने सोचा कि वह  मौसी के पास गई है। प्रिया दो भाइयों की इकलौती बहन थी और सभी की लाडली थी। चाचा मुकेश ने बताया कि प्रिया का एक भाई उससे बड़ा और दूसरा छोटा है। पिता भारतीय सेना में हैं और उनकी दिल्ली में तैनाती है।

हॉस्टल में उदासी, छात्राएं हैरान

girl student commit suicide in PGI hostel

बृहस्पतिवार को प्रिया की मां शीला देवी पीजीआई में दाखिल अपनी बहन दया के पास आई हुई थी। बेटी के फांसी लगा लेने की सूचना पर वह हॉस्टल पहुंच गई। मां का करुण क्रंदन हॉस्टल की दिवारों को चीरकर बाहर आ रहा था। बेटी का शव पोस्टमार्टम के लिए जाते देख वे बेहोश हो गईं। छात्राओं व परिजनों ने मुश्किल से उन्हें संभाला।

माइग्रेन से थी परेशान
प्रिया के चाचा मुकेश का कहना है कि प्रिया काफी समय से माइग्रेन से परेशान थी। उसका पीजीआई में भी काफी इलाज कराया गया और दाखिल भी कराया था। 6 माह से वह काफी ठीक थी। बुधवार शाम को वह सिर में दर्द होने की बात कह रही थी।

प्रिया की मौत की सूचना के समय हॉस्टल में लंच टाइम था और अधिकतर छात्राएं हॉस्टल में ही थीं। सहेली की मौत पर उदासी छा गई। हैरान छात्राएं आपस में ही बातों में लगी रहीं, लेकिन मीडिया को जानकारी देने से बचती दिखीं।

एमआई खान, एसएचओ, थाना पीजीआई, रोहतक ने बताया कि छात्रा की मौत की कोई वजह सामने नहीं आई है। परिजनों का कहना है कि वह अकसर माइग्रेन से परेशान रहती थी। सुसाइड नोट या मोबाइल फोन से कोई जानकारी नहीं मिली है। जांच जारी है।

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