{"_id":"f6b9c0c7b163cb6cd9eeeb2684f88231","slug":"gagandeep-murder-case-father-committed-suicide","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं मिला इंसाफ तो पिता ने दे दी जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नहीं मिला इंसाफ तो पिता ने दे दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Sun, 16 Feb 2014 03:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में फतेहाबाद के ठाकुर बस्ती निवासी गगनदीप की हत्या के मामले में हत्यारों का सुराग नहीं लगने से क्षुब्ध मृतक के पिता ने शनिवार सुबह घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
विज्ञापन
आत्महत्या की सूचना के बाद शहरवासी सन्न रह गए। परिजनों ने बताया कि निरंजनदास अपने पुत्र की मौत व इंसाफ नहीं मिलने से आहत था।
पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल पहुंचाया। तीन चिकित्सकों के पैनल की ओर से पोस्टमार्टम किया गया। बाद में गुस्साए परिजनों ने गगनदीप के हत्यारों का पता चलने तक शव का दाह संस्कार करने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
हालांकि शनिवार देर शाम को सीपीएस और अधिकारियों ने घर जाकर परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर मना लिया। इससे पहले सर्व समाज के सैकड़ों लोग थाना पार्क में एकत्रित हो गए।
विज्ञापन
शनिवार सुबह से लेकर शाम तक पूरा दिन यहां धरना लगा रहा व पुलिस के खिलाफ लोगों ने रोष प्रकट किया।
सूचना मिलने पर मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, एसडीएम बलजीत सिंह व डीएसपी विजय जाखड़ मौके पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी लेकिन परिजन संस्कार नहीं करने पर अड़े रहे।
मृतक निरंजन दास शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से कुछ युवकों की गई पिटाई से भी दुखी था। शनिवार सुबह 10 बजे शुरू हुए धरने में रणनीति तैयार कर शहर भर में जुलूस निकालकर दुकान बंद करवाने की योजना थी लेकिन बाद में इसे बदलकर पार्क में ही धरना देने की रणनीति तैयार की गई।
धरना के 4 घंटे बाद सीपीएस गिल्लाखेड़ा, एसडीएम और डीएसपी मौके पर पहुंचे और लोगों को आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
गिल्लाखेड़ा ने कहा कि यदि मृतक के परिजनों को जिला पुलिस की जांच पर संदेह है तो किसी अन्य जांच एजेंसी से जांच करवाई जा सकती है।
इसके लिए वे उच्चाधिकारियों से बात कर टीम गठित करवाएंगे। आश्वासन के बाद सीपीएस, एसपी शिवचरण अत्री और अन्य मौजिज लोगों का प्रतिनिधिमंडल मृतक के घर गया और उनके परिजनों से दाह संस्कार की अपील की।
सीपीएस और अधिकारियों ने नौकरी दिलवाने और वित्तीय सहायता का भी आश्वासन दिया। इसके बाद देर शाम संस्कार कर दिया गया।