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बंटी और बबली बन हुई महाठगी, देखिए कैसे लगा डेढ़ करोड़ का चूना
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sun, 07 May 2017 01:05 AM IST
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विदेश भेजने के नाम पर ठगी
- फोटो : demo pic
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आपने फिल्म बंटी और बबली तो देखी होगी, लेकिन हकीकत में ऐसे महाठग लोगों को मिले, तो उन्हें कंगाल बना गए। मोहाली के फेज-10 में एक महिला व उसके दोस्त ने बंटी बबली स्टाइल में राज्य के कई लोगों से विदेश भेजने के नाम पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये ठग लिए। आरोपी इतने शातिर थे कि वह अपना कारोबार फर्जी दस्तावेजों के सहारे चला रहे थे।
इतना ही नहीं बैंक अकाउंट तक फर्जी पते पर खोले थे। इसके बाद वह रातों रात गायब हो गए। थाना फेज-11 पुलिस ने आरोपियों पर विभिन्न शिकायतों के आधार पर 25 केस दर्ज किए है। आरोपियों को लोग रूबी शर्मा व सतपाल के नाम से जानते हैं। हालांकि, पुलिस को अंदेशा है कि यह सभी नाम फर्जी हैं। अब पता नहीं वह कौन से इलाके में सक्रिय हैं।
आरोपियों के पते निकले फर्जी
जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने फेज-10 में वर्ल्ड ट्रैक एजुकेशन कंसल्टेंसी खोल रखी थी। वहां से वह लोगों को विभिन्न देशों का वीजा लगवाते थे। पता चला है कि जहां पर उन्होंने अपना आफिस खोला था। उस समय रेंट डीड बनाते समय सतपाल ने अपना डीएल व वोटर कार्ड दिया था। जो कि बठिंडा के पते का था। पुलिस को जांच में पता चला है कि वह फर्जी हैं। इसके अलावा पूजा का एड्रेस भी फर्जी निकला है।
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इतना ही नहीं बैंक अकाउंट तक फर्जी पते पर खोले थे। इसके बाद वह रातों रात गायब हो गए। थाना फेज-11 पुलिस ने आरोपियों पर विभिन्न शिकायतों के आधार पर 25 केस दर्ज किए है। आरोपियों को लोग रूबी शर्मा व सतपाल के नाम से जानते हैं। हालांकि, पुलिस को अंदेशा है कि यह सभी नाम फर्जी हैं। अब पता नहीं वह कौन से इलाके में सक्रिय हैं।
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आरोपियों के पते निकले फर्जी
जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने फेज-10 में वर्ल्ड ट्रैक एजुकेशन कंसल्टेंसी खोल रखी थी। वहां से वह लोगों को विभिन्न देशों का वीजा लगवाते थे। पता चला है कि जहां पर उन्होंने अपना आफिस खोला था। उस समय रेंट डीड बनाते समय सतपाल ने अपना डीएल व वोटर कार्ड दिया था। जो कि बठिंडा के पते का था। पुलिस को जांच में पता चला है कि वह फर्जी हैं। इसके अलावा पूजा का एड्रेस भी फर्जी निकला है।
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नामी बैंक में फर्जी दस्तावेजों से खाता खुलाया
फर्जी दस्तावेजों के सहारे ही खोला था आफिस
- फोटो : Demo Pic
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे एक नामी प्राइवेट बैंक में खाता खुलवाया था। वहां पर वह लोगों से पेमेंट लेते थे। साथ ही इसके बाद अगर किसी को पैसे देने पड़ते थे तो उसे वैसे ही देते थे।
अब खाता खाली, अधिकतर ट्रांजेक्शन हुई नगद
पुलिस से पता चला है कि जिस बैंक में आरोपियों का खाता चलता है। वह अब पूरी तरह से खाली है। आरोपियों ने अधिकतर मोटी पेमेंट नगद में निकाली है। उन्होंने किसी भी जानकार या रिश्तेदारों को पैसे नहीं भेेजे है। इससे पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में दिक्कत आ रही है।
पुलिस को संदेह है शहर में हैं आरोपी
थाना फेज-11 के एसएचओ अमरप्रीत सिंह ने कहा कि उन्हें संदेह है कि आरोपी किसी अन्य नाम से शहर में ही कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास आरोपियों की यह फोटो है। कोई भी व्यक्ति अगर इन्हें देखता है तो तुरंत पुलिस को सूचित करे। उनका नाम व पता गुप्त रखा जाएगा।
2015 से थे आरोपी सक्रिय
जांच में पता चला है कि आरोपी 2013 से सक्रिय थे। उन पर केवल फेज-11 ही नहीं बल्कि अन्य थानों में भी केस दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
अब खाता खाली, अधिकतर ट्रांजेक्शन हुई नगद
पुलिस से पता चला है कि जिस बैंक में आरोपियों का खाता चलता है। वह अब पूरी तरह से खाली है। आरोपियों ने अधिकतर मोटी पेमेंट नगद में निकाली है। उन्होंने किसी भी जानकार या रिश्तेदारों को पैसे नहीं भेेजे है। इससे पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में दिक्कत आ रही है।
पुलिस को संदेह है शहर में हैं आरोपी
थाना फेज-11 के एसएचओ अमरप्रीत सिंह ने कहा कि उन्हें संदेह है कि आरोपी किसी अन्य नाम से शहर में ही कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास आरोपियों की यह फोटो है। कोई भी व्यक्ति अगर इन्हें देखता है तो तुरंत पुलिस को सूचित करे। उनका नाम व पता गुप्त रखा जाएगा।
2015 से थे आरोपी सक्रिय
जांच में पता चला है कि आरोपी 2013 से सक्रिय थे। उन पर केवल फेज-11 ही नहीं बल्कि अन्य थानों में भी केस दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।