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मानव संसाधन मंत्रालय के नाम पर लाखों की ठगी, अखबार में छपवाया टेंडर

Tue, 02 Jan 2018 03:44 PM IST
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली Updated Tue, 02 Jan 2018 03:44 PM IST
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fraud by fake tender of human resource ministry
money fraud
देश के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के नाम पर जाली टेंडर अखबार में प्रकाशित कराकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है। फेज-दस निवासी छिंदर कुमार की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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आरोपियों में विष्णु प्रसाद सल्ल, तसलीम खान, कीर्ती राज तिवाड़ी, जाहिरा रफीक, कृष्णा गोपाल पांडेय व एक अज्ञात शामिल है। आरोपियों के खिलाफ थाना फेज-1 में आईपीसी की धारा 475, 471, 464, 468, 120बी और आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत केस दर्ज किया किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द काबू कर लिया जाएगा।
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ऐसे रचा था ठगी का प्लान
जानकारी के मुताबिक, मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के नाम पर कुछ लोगों ने फर्जी टेंडर एक नामी अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित करवाए थे। यह टेंडर सेंटर ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज (सीडीएस), मिनिस्ट्री ऑफ एचआरडी गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के नाम से प्रकाशित किए गए थे। वहीं, इनमें आफिस का पता लोधी रोड, महरौली इंस्टीट्यूशनल एरिया, नई दिल्ली बताया गया।
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आरोपियों ने खुद को बताया डायरेक्टर व अधिकारी
सीडीएस को आरोपियों ने मिनिस्ट्री ऑफ एचआरडी भारत सरकार के अधीन आटोनोमस बॉडी दर्शाया था। कृष्णा गोपाल पांडेय को डायरेक्टर, महिला जाहिरा रफीक को डायरेक्टर प्रोजेक्टस, कीर्ति राज तिवाड़ी को सीनियर प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर, तसलीम खान को असिस्टेंट प्रोजेक्ट को-आर्डिनेटर व विष्णु प्रसाद सल्ल को अकाउंट्स अफसर दिखाया गया था।

ऐसे निकलवाए पैसे
जानकारी के मुताबिक, मोहाली की उक्त कंपनी धोखे में आ गई। कंपनी ने टेंडर का विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद पांच अलग-अलग आवेदन दिए थे। 50 हजार रुपये प्रति आवेदन अर्नेस्ट मनी जमा करवाई गई। उसके बाद हुए पत्र व्यवहार के बाद स्टाफ की ट्रेनिंग के लिए साढ़े दस हजार प्रति व्यक्ति के हिसाब से 15 लोगों का पैसा भी जमा करवा लिया गया। इस प्रकार कंपनी की ओर से कुल 4 लाख 7 हजार 500 रुपये जमा करवा दिए गए।

ऐसे खुली थी आरोपियों की पोल
ठगी करने के बाद आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए। जब टेंडर का प्रोसेस आगे नहीं बढ़ा तो मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली आफिस से पता लगाने की कोशिश की गई। वहां से पता चला कि विभाग की ओर से इस प्रकार का टेंडर संबंधी विज्ञापन प्रकाशित नहीं कराया गया। यह टेंडर अज्ञात लोगों ने विभाग के नाम का गलत इस्तेमाल करके अखबार में छपवाया है।


पहले गृहमंत्री के नाम पर हुई थी ठगी
इससे पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर भी ठगी का मामला सामने आया था। आरोपियों ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी की थी। साथ ही ठगी का शिकार बनाने वाले लोगों को बताया था कि मंत्री के साथ उसके अच्छे संबंध हैं। उसके बाद कई लोगों से ठगी हुई थी।
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