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पंजाब: कर्जमाफी के बाद, 5 लाख के लिए किसान ने दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, अबोहर(पंजाब)
Updated Thu, 31 Aug 2017 05:16 PM IST
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अबोहर में कर्जदार किसान ने की आत्महत्या
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा किए जाने के बावजूद किसानों के आत्महत्या करने का सिलसिला जारी है। अबोहर उपमंडल के गांव बजीतपुर कटियांवाली निवासी एक कर्जदार किसान ने नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। किसान का शव वीरवार को गांव हिंदूमल कोट के पास नहर से बरामद हुआ है।
किसान बनवारी लाल (45) पुत्र कन्हैया राम के साले रामकुमार ने बताया कि बनवारी पर लोगों की करीब पांच लाख रुपये की देनदारी थी। पिछले साल उसने छह किल्लेे जमीन ठेके पर ली थी लेकिन उचित पैदावार न होने से वह कर्जा नहीं उतार पाया। पिछले साल ही उसने अपनी दो बेटियों की शादी के लिए भी कर्ज लिया था। बनवारी लाल का बेटा बीमार होने पर उसने गांव के लोगों से चंदा एकत्रित कर उसका ऑपरेशन करवाया था।
उसने बताया कि लाखों की देनदारी के चलते उसके जीजा बेहद ही परेशान रहते थे। इसी के कारण वह 29 अगस्त को अचानक घर से लापता हो गया और वीरवार को उसका शव गांव हिंदूमल कोट के पास नहर से बरामद हुआ। सूचना मिलने पर नर सेवा नारायण सेवा समिति के सदस्यों ने शव बाहर निकाला। एएसआई साहब राम ने मृतक के परिजनों के बयान पर धारा 174 की कार्रवाई की है। ग्रामीणों और परिजनों ने सरकार से किसान का कर्ज माफ करने की मांग की है।
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किसान बनवारी लाल (45) पुत्र कन्हैया राम के साले रामकुमार ने बताया कि बनवारी पर लोगों की करीब पांच लाख रुपये की देनदारी थी। पिछले साल उसने छह किल्लेे जमीन ठेके पर ली थी लेकिन उचित पैदावार न होने से वह कर्जा नहीं उतार पाया। पिछले साल ही उसने अपनी दो बेटियों की शादी के लिए भी कर्ज लिया था। बनवारी लाल का बेटा बीमार होने पर उसने गांव के लोगों से चंदा एकत्रित कर उसका ऑपरेशन करवाया था।
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उसने बताया कि लाखों की देनदारी के चलते उसके जीजा बेहद ही परेशान रहते थे। इसी के कारण वह 29 अगस्त को अचानक घर से लापता हो गया और वीरवार को उसका शव गांव हिंदूमल कोट के पास नहर से बरामद हुआ। सूचना मिलने पर नर सेवा नारायण सेवा समिति के सदस्यों ने शव बाहर निकाला। एएसआई साहब राम ने मृतक के परिजनों के बयान पर धारा 174 की कार्रवाई की है। ग्रामीणों और परिजनों ने सरकार से किसान का कर्ज माफ करने की मांग की है।
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