विला बुकिंग के नाम पर फ्राड: 20 हजार रुपये देकर गोवा पहुंचा परिवार... विला मिला नहीं, गोवा पुलिस ने धरे आरोपी
मौलीजागरां निवासी पंकज धीमा ने अपने परिवार के साथ क्रिसमस और नए साल पर गोवा घूमने का प्लान बनाया था। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन विला बुक करवाया था। 20 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। बाद में पता चला कि उनके साथ ठगी हो गई।
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अगर ऑनलाइन होटल बुकिंग करवा घूमने का प्लान बना रहे हो तो सावधान हो जाएं। चंडीगढ़ के एक परिवार के साथ ऑनलाइन विला बुकिंग के नाम पर 20 हजार रुपये ठग लिए गए।
परिवार ने घूमने के लिए बुकिंग डॉट कॉम पर ऑनलाइन विला बुक किया। वह परिवार के साथ गोवा पहुंचे तो देखा इस नाम का कोई विला नहीं था। आरोपियों ने 11 दिन की बुकिंग के 90 हजार रुपये मांगे। बुकिंग के लिए 50 प्रतिशत एडवांस देने के लिए कहा। बाद में 20 हजार रुपये एडवांस में विला की बुकिंग की गई। पीड़ित की शिकायत के बाद गोवा पुलिस ने बड़ी कारवाई कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विला की फर्जी बुकिंग के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। बुकिंग के बाद जब टूरिस्ट उनके बताए पते पर पहुंचते थे विला वहां होता ही नहीं था।
आरोपी 2022 से लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे। आरोपियों की पहचान हैदराबाद के सईद अली मुख्तार, मोहम्मद फिरोज, मोहम्मद अजहरुद्दीन सैफ और ग्वालियर के सौरव के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस पूछताछ कर रही है कि उन्होंने किन-किन लोगों के साथ ठगी की है। आरोपी हैदराबाद में भी इसी तरह से धोखधाड़ी कर रहे थे।
नए साल पर बनाया था गोवा का प्लान
मौलीजागरां निवासी पंकज धीमा ने बताया कि उसकी हाल ही में शादी हुई है। उन्होंने क्रिसमिस और नए साल की पार्टी करने का गोवा का प्लान बनाया। इसके लिए उन्होंने प्ले स्टोर से बुकिंग डॉट कॉम एप डाउनलोड की। एप पर उन्होंने 25 दिसंबर से 4 जनवरी तक वागाटोर बीच के पास रूबी विला बुक किया।
इसके बाद उनकी बुकिंग डॉट कॉम पर रजिस्टर्ड नंबर पर फोन पर बात हुई। साथ ही व्हाट्सएप पर चैट हुई। आरोपी ने 25 दिसंबर से 4 जनवरी तक की विला की बुकिंग के लिए 90 हजार रुपये बताए। पंकज के परिवार को विला पसंद आया। एप पर विला की खूबसूरत तस्वीरें भी थी। पसंद आने पर ऑनलाइन बुकिंग की बात हुई। ठग ने 50 प्रतिशत एडवांस पेमेंट करने के लिए कहा। पंकज ने 10 हजार रुपये देने की बात कही तो आरोपी ने इंकार कर दिया। जिसके बाद 8 दिसंबर को 20 हजार रुपये में एडवांस बुकिंग के लिए ऑनलाइन पेमेंट करवा ली गई। पंकज एक प्राइवेट कंपनी में सेल्समैन का काम करता है।
ठग बोले विला की बुकिंग के लिए लाइन में लगते हैं लाग
पंकज ने बताया कि आरोपियों ने कहा कि उनकी बुकिंग के बाद अगर उन्हें कोई उनसे ज्यादा पेमेंट करता है तो वह उनकी बुकिंग कैंसिल कर देंगे। ठगों ने कहा विला में काफी ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। इस विला में टूरिस्ट को रुकने के लिए जगह नहीं मिलती। पंकज ने बताया कि 21 दिसंबर को उन्हें फोन किया और कहा कि विला की बुकिंग कैंसिल कर दी गई है वह रुकने के लिए कोई और अरेंजमेंट कर लें। इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल बंद कर दिया। पंकज ने इसके बाद बुकिंग डॉट कॉम पर इसकी शिकायत की, लेकिन अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं आया। पंकज ने बताया कि अब भी आरोपियों का नंबर और रूबी विला बुकिंग डॉट कॉम पर उपलब्ध है। पंकज अपने माता, पिता, भाई, भाभी, बच्चे समेत परिवार के 13 लोगों के साथ घूमने गए थे।
गोवा से वापस आकर दी शिकायत, डीजीपी ने तुरंत कार्रवाई की
पंकज धीमान ने बताया कि गोवा से 4 जनवरी को वापस आने के बाद उन्होंने गोवा पुलिस की ऑफिशियल वेबसाइट पर पुलिस को ईमेल के जरिए ऑनलाइन शिकायत दी थी। शिकायत के बाद डीजीपी अलोक वर्मा ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसके बाद गोवा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया और उनसे आरोपियों के बैंक खाते, मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियों ली। जिसके बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।टूरिस्ट से होटल या विला बुकिंग कर पैसे एंठने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी साल 2022 से लोगों के साथ ठगी कर रहे थे। अभी तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी करोड़ों रुपये की धोधाधड़ी कर चुके हैं। - अलोक वर्मा, डीजीपी गोवा