ट्रेन में टीटीई बन यात्रियों को लूटने वाले धरे
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सिरसा से लेकर दिल्ली तक रेलवे में टीटीई बनकर यात्रियों से लूटपाट, छीना-झपटी करने वाले गिरोह को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल सात युवक बिहार के रहने वाले हैं। ये सिरसा से दिल्ली रूट पर ट्रेनों में यात्रियों को अपना शिकार बनाते थे। कभी टीटीई बनकर तो कभी चाय के साथ नशीले बिस्कुट खिलाकर।
पकड़े गए युवक मोहम्मद इरफान (25), रामकिशोर (25), रमेश (23), ललित (22), सिकंदर (19), संजीव (19) और विमलेश (23) शामिल हैं। ये सभी बिहार के सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं।
पकड़े गए अभियुक्तों से पुलिस ने एक देसी कट्टा, तेजधार हथियार भी बरामद किए हैं। सभी को पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मास्टर माइंड है मोहम्मद इरफान
सभी अभियुक्तों की उम्र 19 से 25 वर्ष के बीच है। गिरफ्तार किए गए लोगों में गिरोह का मास्टर माइंड मोहम्मद इरफान भी शामिल है। शुरुआती पूछताछ में गिरोह के लोगों ने कुछ वारदातों में शामिल होने की बात भी कबूल की है।
मोहम्मद इरफान सभी वारदात करने की प्लानिंग बनाता था और सभी युवक अपने शिकार को घेर लेते थे। पुलिस की मानें तो इनमें से एक युवक टीटीई बनता और कहता कि आपकी रिजर्वेशन की टिकट बनवा देते हैं। दूसरे लोगों को सामान उठाकर लाने की बात कहते और वारदात कर सभी गायब हो जाते।
यूं किया गिरफ्तार
जीआरपी को शुक्रवार रात साढ़े दस बजे सूचना मिली कि सातरोड रेलवे स्टेशन पर रेलवे के खंडहरों में कुछ संदिग्ध लोग बैठे हैं। सूचना पाकर जीआरपी एक टीम ने खंडहरों में छापा मारा। हालांकि पुलिस को देखकर उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरोह को गिरफ्तार करने वाली टीम में एएसआई शकत्तर सिंह, राममूर्ति, अनिरुद्ध आदि शामिल थे।
जाखल, टोहाना और भिवानी की वारदात कबूली
मामले की जांच कर रहे एएसआई अनिरुद्ध ने बताया कि गिरफ्तार किए गए युवकों ने कबूल किया है कि उन्होंने अभी हाल ही में जाखल, टोहाना और भिवानी स्टेशनों पर चोरी और छीना-झपटी की वारदातों को अंजाम दिया है।
वारदात के बाद दूसरे रूटों पर भाग जाते थे सभी
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह दिल्ली, हिसार, सिरसा, श्रीगंगानगर रूट की ट्रेनों को अपना निशाना बनाते थे। एक रूट की ट्रेन में वारदात करने के बाद ये दूसरे रूट पर चले जाते थे। जब पुलिस इनकी तलाश करती तो ये उस ट्रेन में नहीं मिलते थे।