फर्जी रेडियोलॉजिस्ट करता था लिंग जांच, चौंका देगा खुलासा
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बेटी बचाने के अभियान में रोड़ा बन रहे लिंग जांच व अवैध गर्भपात केंद्र के बड़े नेटवर्क का झज्जर प्रशासन ने भंडाफोड़ किया है। प्लानिंग के तहत स्वास्थ्य विभाग, पुलिस की टीम ने दिल्ली के अधिकारियों को भी इसमें शामिल करके संयुक्त रूप से छापा मार कार्रवाई की।
दिल्ली में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर तो बहादुरगढ़ में एक जच्चा बच्चा केंद्र को सील कर दिया गया है। टीम ने इस गोरखधंधे में प्रयोग की जा रही अल्ट्रासाउंड मशीन व रिकॉर्ड को भी कब्जे में लिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस रिकार्ड से कई और खुलासे होने की उम्मीद है।
झज्जर के सीएमओ डॉ. रमेश धनखड़ ने बताया कि उनके पास काफी समय से सूचना मिल रही थी कि बहादुरगढ़ के झज्जर मोड़ पर एक जच्चा-बच्चा केंद्र चलाने वाली महिला यहां से ग्राहक तैयार कर उन्हें दिल्ली के नांगलोई क्षेत्र की एक कॉलोनी में चल रहे अवैध अल्टसाउंड सेंटर पर ले जाकर गर्भ में पल रहे बच्चों के लिंग को लेकर जांच करवाती है।
इस पर जिला प्रशासन व दिल्ली के पीएनडीटी अथॉरिटी व अधिकारियों को अवगत कराया गया। प्लानिंग के तहत प्रशासन और पुलिस की टीमें भी गठित की गई। योजना के तहत एक गर्भवती महिला पुलिस कर्मचारी को डिकोड पेसेंट बनाकर बहादुरगढ़ में चल रहे जच्चा-बच्चा केंद्र पर भेजा गया।
इस केंद्र को चला रही फर्जी महिला सूरजमुखी ने 10 हजार रुपये में दिल्ली में भ्रूण जांच करवाने का सौदा तय किया। सोमवार को महिला और उसके पति को बुलाया था। दोनों को वह बाइपास पर मिल गई। वहीं से उनके साथ कार में सवार हो गई और पहले ही गर्भवती महिला पुलिसकर्मी से उक्त पैसे ले लिए।
यहां से वह दोनों को न्यू निहाल विहार नांगलोई में ले गई। यहां जैसे ही लिंग जांच शुरू हुई उसी वक्त इशारा मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने छापेमारी कर दी। जांच में पता चला कि इस सेंटर का संचालक राजेंद्र है जिसके पास लाइसेंस नहीं है और न ही डॉक्टर की कोई डिग्री।
हरियाणा और दिल्ली पुलिस की संयुक्त छापामारी
इस खुलासे के बाद दिल्ली की नांगलोई पुलिस ने अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड करने वाले राजेंद्र गर्भवती महिला पुलिसकर्मी को यहां लाने वाली महिला सूरजमुखी को हिरासत में ले लिया। वहीं सूरजमुखी के परिवार के सदस्यों का कहना है लिंग जांच में उसका कोई हाथ नहीं है।
होंगे कई खुलासे: लिंग जांच के इस बड़े नेटवर्क से दिल्ली और बहादुरगढ़ में इस मामले को लेकर हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने संबंधित केंद्रों से जो रिकॉर्ड हासिल किया उससे कई पुराने मामलों को लेकर भी खुलासा हो सकता है। टीम के हाथ जो रिकॉर्ड लगा है उसमें कई ऐसी महिलाओं के नाम व पते भी है जिन्होंने यहां पर आकर जांच कराई है।
कर रहे थे मोटी कमाई: सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि फर्जी रेडियोलोजिस्ट यहां पर रोजाना कई भ्रूण की लिंग जांच कर रहा था। बहादुरगढ़ की महिला भी यहां मोटी कमाई के लालच में रोजाना एक या दो महिलाओं को लेकर दिल्ली पहुंचती थी। दोनों इस गैर कानूनी धंधे से पैसे कमा रहे थे।
जच्चा-बच्चा केंद्र किया सील: दस हजार रुपये लेकर लिंग जांच कराने के मामले में पकड़ी गई महिला सूरजमुखी के केंद्र को स्वास्थ्य विभाग बहादुरगढ़ की टीम ने सील कर दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार ओमप्रकाश की देखरेख में सामान्य अस्पताल के एसएमओ डॉ. मुकेश इंदौरा, एसएमओ डॉ. सुमन कोहली व डॉ. विनय देसवाल की टीम ने यह कार्रवाई की। जैसे ही स्वास्थ्य विभाग का केंद्र पर छापा पड़ा तो यहां भी हड़कंप मच गया।