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चंडीगढ़ में फर्जी मेजर गिरफ्तार: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगता था, सैल्यूट मारने वाले पुलिसकर्मियों ने ही पकड़ा
Sat, 23 Aug 2025 08:40 AM IST
निवेदिता वर्मा
संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 23 Aug 2025 08:40 AM IST
सार
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ का रहने वाला गणेश भट्ट खुद को आर्मी में मेजर बताकर पुलिस पर धाैंस जमाता था। उसने नाैकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी भी की है।
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आरोपी गणेश
- फोटो : संवाद
विस्तार
चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने खुद को सेना का मेजर बताकर चंडीगढ़ पुलिस पर धौंस जमाने वाले एक शातिर को गिरफ्तार किया है। आरोपी मूलरूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ का रहने वाला गणेश भट्ट है।
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चालाक शातिर क्राइम ब्रांच थाना सेक्टर-11 के एक पूर्व इंस्पेक्टर अशोक कुमार की सरकारी गाड़ी और गनमैन का इस्तेमाल करता था। पुलिसकर्मी उसे अफसर समझकर सैल्यूट मारते थे। शातिर आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी कर चुका है।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि गणेश भट्ट ने सेक्टर-11 थाने की एक महिला सिपाही से पांच लाख रुपये और एक सोने की अंगूठी ले ली थी। आरोपी ने महिला सिपाही को खुद को मेजर बताकर विश्वास में लिया था। सूत्रों के अनुसार, इन पांच लाख रुपये में से एक लाख रुपये पूर्व इंस्पेक्टर के खाते में भी ट्रांसफर हुए थे, जिसके बाद उस इंस्पेक्टर का आईआरबी में तबादला कर दिया गया।
पूर्व उप मुख्यमंत्री और नेताओं के साथ खिंचवाई हैं तस्वीरें
आरोपी के मोबाइल की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उसके पास वर्दी में हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के साथ खिंचवाई हुईं तस्वीरें मिली हैं। वह इन तस्वीरों का इस्तेमाल अपनी धौंस जमाने के लिए करता था। इसके अलावा उसने अपने फोन में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और नेताओं के नंबर भी फर्जी तरीके से सेव कर रखे थे ताकि वह छोटे पुलिसकर्मियों पर अपना रौब जमा सके। वह अक्सर उनके तबादले करवाने की बात कहकर दबाव बनाता था।एसपी क्राइम जसबीर सिंह को शक होने पर इंटरनल जांच करवाई तो पता चला कि शातिर आर्मी का मेजर नहीं है। इसके बाद उन्होंने आरोपी के खिलाफ तुरंत सीक्रेट एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। यह एफआईआर करीब एक महीने पहले दर्ज हुई थी।