अगर रेलवे ट्रैक पर मिले मोर्टार बम फट जाते तो क्या होता?
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मिले 10 मोर्टार बम अगर फट जाते तो भारी तबाही होती। हजारों जानें जा सकती थीं। यह कहना है रिटायर्ड ऑफिसर सार्जेंट कुलभूषण शर्मा का। शर्मा बताते हैं कि आर्मी ही इस तरह के मोर्टार सेल इस्तेमाल करती है।
रेलवे ट्रैक पर मिले मोर्टार सेल 51 एमएम के थे। इनकी मारक क्षमता दो किमी तक होती है। यदि ट्रैक पर यह फट जाते तो करीब 15 मीटर तक तबाही मच जाती। मोर्टार सेल हैवी गन में इस्तेमाल होने वाला एक तरह का बम होता है। इसे तोपों के गोलों के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।
ट्रैक पर पड़े मिले थे 9 मोर्टार बम, रोक दी गई थी ट्रेनें
दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग के पास बुधवार सुबह नौ मोर्टार शैल मिलने से दहशत का माहौल व्याप्त हो गया था। पुलिस को प्लास्टिक के डिब्बे में पैक छह मोर्टार बम, दो खुले मोर्टार बम मिले व एक अन्य बम मिला था। सुरक्षा की दृष्टि से प्रात: लगभग साढ़े 9 बजे अंबाला-दिल्ली रेलमार्ग पर ट्रेनों को रास्ते में और स्टेशनों पर रोक दिया गया था।
बाद में करीब दो घंटे बाद 11:45 बजे मोर्टार की पूरी जांच के बाद उनको हटाकर ट्रेनें चलाई गईं थीं। बुधवार प्रात: लगभग 8 बजे शौच के लिए निकले रणजीत नगर निवासी बिट्टू, पवन व प्रिंस ने रेलवे ट्रैक के पास एक लोहा का डिब्बा देखा। वहीं काले रंग का गोल डिब्बा भी दिखाई दिया।
बच्चों ने इसे स्प्रे सेंट समझ कर उठाया, लेकिन मोर्टार शैल देखकर उन्होंने उसे वहीं फेंक दिया। बच्चों ने घर आकर कॉलोनी रेजीडेंट्स एसो. के प्रधान अमरीक सिंह व बलविंद्र सिंह को बताया, जिन्होंने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में दी और स्टेशन मास्टर को सूचित किया गया।
आर्मी के बम निरोधक दस्ते ने चलाया था सर्च अभियान
सूचना मिलते ही अंबाला छावनी के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और सर्च अभियान चलाया। बम निरोधक दस्ते ने स्थिति का जायजा लिया। सेना के जवानों ने बताया कि डिब्बे में 10 मोर्टार शैल होते हैं।
इसके बाद पुलिस ने सर्च अभियान दोबारा चलाया और पास में ही खड़े पानी से 8वां मोर्टार शैल और उसका डिब्बा भी मिल गया। बम निरोधक दस्ते ने आठ मोर्टारों को खेतों के बीच रख दिया। इसके बाद एक और मोर्टार शैल बरामद हुआ।
कुरुक्षेत्र के एसपी सिमरदीप सिंह ने बताया कि 51 एमएम के आठ मोर्टार शैल मौके से बरामद हुए हैं और ये कहां से आए यह जांच का विषय है और आर्मी के अधिकारी ही इस बारे में कुछ बता पाएंगे।
करनाल रेलवे स्टेशन पर भी मच गया था हड़कंप
सेल मिलने के बाद करनाल रेलवे स्टेशन पर भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रेल ट्रैक बंद कर देने से करनाल से पहले ही ट्रेनों के पहिए थम गए। छह मोर्टार प्लास्टिक के पैकेट में थे। सतर्कता बरते हुए करनाल में भी जीआरपी और आरपीएफ टीम ने पूरे स्टेशन को खंगाल डाला।
इस दौरान दिल्ली से अंबाला और अमृतसर से दिल्ली की ओर जाने वाली सभी गाड़ियों को अंबाला या करनाल से पहले ही रोक दिया गया। इससे करीब दस गाड़ियों का परिचालन प्रभावित हुआ।
सुबह करीब 10 बजे से लेकर दोपहर साढ़े 12 बजे तक अमृतसर की ओर से आने वाली कोई भी ट्रेन करनाल रेलवे स्टेशन पर नहीं आ सकी। कुल मिलाकर करनाल में ढाई घंटे ट्रैक पूरी तरह से बंद रहा।
दोपहर साढ़े 12 बजे भटिंडा इंटरसिटी एक्सप्रेस करनाल स्टेशन पर पहुंची तो जीआरपी टीम ने उसकी भी सघन तलाशी ली। टीम ने करनाल स्टेशन के आसपास खड़ी हर गाड़ी को चेक किया।
नो पार्किंग जोन से लेकर पार्किंग जोन की भी तलाशी ली गई। रेलवे इनक्वायरी के आसपास खड़े यात्रियों की भी पुलिस ने जांच की। हालांकि, इस दौरान टीम को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।