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नशे की तस्करी के लिए अपनाया ऐसा तरीका, देखकर पुलिस वालों की आंखें फटी रह गईं
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Tue, 19 Jun 2018 09:34 AM IST
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स्मगलरों ने नशे की तस्करी के लिए ऐसा शातिर तरीका अपनाया, कोई सोच नहीं नहीं सकता। पुलिस वालों की आंखें भी फटी रह गई थी देखकर। काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने कनाडा ड्रग्स तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ कर कनाडा निवासी समेत चार को गिरफ्तार किया है। इस गैंग का मुख्य सरगना कमलजीत सिंह चौहान फिलहाल टोरंटो में है।
तस्करी के लिए इन्होंने अलग ही तरीका अपनाया था। उन्होंने छह किलो अफीम और 4.75 किलो केटामाइन को कड़ाही में वेल्डिंग के जरिए दो परत बनाकर छिपाया था। इन कड़ाहियों को कोरियर से कनाडा भेजा जाना था। काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी एचपीएस खख ने बताया कि उनके पास सूचना थी कि ब्रैंपटन का दविंदर देव नशे की तस्करी करता है।
वह भारत आकर यहां से नशे की खेप को कनाडा भेजता है। देव टोरंटो के रहने वाले कमलजीत सिंह चौहान के लिए काम करता है। इनकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम बनाई गई। इसके बाद कनाडा निवासी दविंदर देव (68), जालंधर के गांव जैतेवाली पतारा के अजीत सिंह (45) व त्रिलोचन सिंह (42) और होशियारपुर के गांव कथे के रहने वाले गुरबख्श सिंह (50) को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों को जंडू सिंगा के पास हरिपुर टी-प्वाइंट पर उस समय काबू किया गया, जब वह दो कारों में जा रहे थे। उनकी कार से सात कड़ाही बरामद की गई। सख्ती से पूछताछ में पता चला कि कहाड़ी के अंदर नशे की खेप है। वेल्डिंग के जरिए कड़ाही को डबल लेयर बनाया हुआ था।
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तस्करी के लिए इन्होंने अलग ही तरीका अपनाया था। उन्होंने छह किलो अफीम और 4.75 किलो केटामाइन को कड़ाही में वेल्डिंग के जरिए दो परत बनाकर छिपाया था। इन कड़ाहियों को कोरियर से कनाडा भेजा जाना था। काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी एचपीएस खख ने बताया कि उनके पास सूचना थी कि ब्रैंपटन का दविंदर देव नशे की तस्करी करता है।
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वह भारत आकर यहां से नशे की खेप को कनाडा भेजता है। देव टोरंटो के रहने वाले कमलजीत सिंह चौहान के लिए काम करता है। इनकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम बनाई गई। इसके बाद कनाडा निवासी दविंदर देव (68), जालंधर के गांव जैतेवाली पतारा के अजीत सिंह (45) व त्रिलोचन सिंह (42) और होशियारपुर के गांव कथे के रहने वाले गुरबख्श सिंह (50) को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों को जंडू सिंगा के पास हरिपुर टी-प्वाइंट पर उस समय काबू किया गया, जब वह दो कारों में जा रहे थे। उनकी कार से सात कड़ाही बरामद की गई। सख्ती से पूछताछ में पता चला कि कहाड़ी के अंदर नशे की खेप है। वेल्डिंग के जरिए कड़ाही को डबल लेयर बनाया हुआ था।
मिठाई के डिब्बे में कनाडा भेजी थी ड्रग्स की खेप
smack drugs
काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने यहां से कनाडा ड्रग्स सप्लाई करने वाले गिरोह दबोचा है। काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी एचपीएस खख ने बताया कि यह गिरोह पहले छह किलो और 14 किलो की ड्रग्स की दो डिलीवरी कनाडा मिठाई के डिब्बों के जरिए भेज चुका था। टोरंटो में रहने वाला गिरोह का सरगना कमलजीत चौहान भारत आया था।
यहां पर उसने दविंदर देव व अजीत सिंह को कहा था कि कनाडा में केटामाइन व अफीम की डिलीवरी चाहिए। ट्रायल के तौर पर पहली दो डिलीवरी कनाडा मिठाई के डिब्बों के जरिए भेजी गई। अजीत सिंह ने बताया कि कनाडा से कमलजीत की डिमांड आ रही थी कि अफीम के साथ केटामाइन भी भेजी जाए, जिसके लिए उन्होंने 14 कड़ाही खरीदी।
अफीम को मध्य प्रदेश और केटामाइन को यूपी से खरीदा गया। अजीत सिंह ने अपने ड्राइवर भाई त्रिलोचन सिंह की मदद इस काम के लिए ली। आगे इसको डिलीवर करने के लिए गुरबख्श सिंह की फेक आईडी बनाई गई ताकि कोरियर वालों को दी जा सके। इसके लिए कोरियर कंपनी से संपर्क साधा गया था।
गिरफ्तार दविंदर देव एक शातिर तस्कर है, जिसका पूरे भारत में नेटवर्क है। इससे पहले वह क्विंटल केटामाइन कंडला बंदरगाह से कनाडा भेज चुका है। उसका नेटवर्क गोवा, दुबई के अलावा मुंबई में भी है।
यहां पर उसने दविंदर देव व अजीत सिंह को कहा था कि कनाडा में केटामाइन व अफीम की डिलीवरी चाहिए। ट्रायल के तौर पर पहली दो डिलीवरी कनाडा मिठाई के डिब्बों के जरिए भेजी गई। अजीत सिंह ने बताया कि कनाडा से कमलजीत की डिमांड आ रही थी कि अफीम के साथ केटामाइन भी भेजी जाए, जिसके लिए उन्होंने 14 कड़ाही खरीदी।
अफीम को मध्य प्रदेश और केटामाइन को यूपी से खरीदा गया। अजीत सिंह ने अपने ड्राइवर भाई त्रिलोचन सिंह की मदद इस काम के लिए ली। आगे इसको डिलीवर करने के लिए गुरबख्श सिंह की फेक आईडी बनाई गई ताकि कोरियर वालों को दी जा सके। इसके लिए कोरियर कंपनी से संपर्क साधा गया था।
गिरफ्तार दविंदर देव एक शातिर तस्कर है, जिसका पूरे भारत में नेटवर्क है। इससे पहले वह क्विंटल केटामाइन कंडला बंदरगाह से कनाडा भेज चुका है। उसका नेटवर्क गोवा, दुबई के अलावा मुंबई में भी है।