पुलिस कमिश्नर से तकरार, IPS भारती अरोड़ा पर गिरी गाज
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गुड़गांव के कथित दुराचार मामले में हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर नवदीप विर्क से दो-दो हाथ करने वाली ज्वाइंट सीपी भारती अरोड़ा को आखिरकार तबादले का शिकार होना पड़ा।
तबादले के पीछे डीजी क्राइम की जांच रिपोर्ट को आधार बनाया गया है। भारती अरोड़ा को पंचकूला पुलिस मुख्यालय में डीआईजी, वेलफेयर ट्रेनिंग बनाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक गुड़गांव के पुलिस आयुक्त नवदीप विर्क को सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों का आशीर्वाद मिल गया है। मालूम हो कि गुड़गांव के एक रेप मामले को लेकर दोनों अधिकारी आमने- सामने आ गए थे।
दोनों एक दूसरे पर लगा रहे थे गंभीर आरोप
विर्क पर भारती अरोड़ा ने पीड़िता का पक्ष लेने का आरोप लगाया था, जबकि विर्क ने भारती अरोड़ा पर आरोपी के परिजनों को बचाने का आरोप लगाया था।
मामले में मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद डीजीपी ने डीजी क्राइम केपी सिंह को जांच सौंपी थी। दो दिन पहले केपी सिंह ने डीजीपी को इस मामले की जांच रिपोर्ट दे दी थी।
इसके बाद सोमवार को सरकार ने भारती अरोड़ा का तबादला कर दिया। हालांकि भारती अरोड़ा के तबादले की रणनीति पहले ही तैयार हो गई थी, लेकिन दिल्ली में आरएसएस के बड़े नेता के हस्तक्षेप के चलते मामला टल गया था। डीजी क्राइम की रिपोर्ट आने के बाद उनका तबादला कर दिया गया।