पोस्टमार्टम में खुलासा, कैसे हुई डिंपल की मौत?
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सेक्टर 16 अस्पताल की चौथा दर्जा कर्मी डिंपल की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ गया। उसे दो गोलियां मारी गई थीं। पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर से सिर्फ दो गोली निकली है। एक गोली उसके बैक लेफ्ट में लगी थी, जो चेस्ट के पास पहुंच गई थी। दूसरी गोली लेफ्ट बाजू से निकली है। फिलहाल तीसरी गोली के बारे में पता नहीं चल सका है। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक डिंपल को उसके पति ने तीन गोली मारी थी।
गुस्साये परिजनों ने शनिवार को पोस्टमार्ट के बाद डिंपल का शव लेने से मना कर दिया। उन्होंने मांग की कि जब तक चौकी प्रभारी और सेक्टर-11 के थाना प्रभारी को निलंबित नहीं किया जाता वे शव को स्वीकार नहीं करेंगे।
मांग को लेकर उन्होंने जीएमएसएच-16 में सुबह से लेकर शाम कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन किया। कुछ देर के लिए अस्पताल के बाहर ट्रैफिक भी रोका। मामला बिगड़ता देख एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने परिजनों की शिकायत और आरोपों से जुड़े मामले की जांच डीएसपी क्राइम को सौंप दी।
11 सदस्य मिले एसएसपी से
अस्पताल में प्रदर्शनाकारियों को नियंत्रण से बाहर होते देख डीएसपी आशीष कपूर प्रदर्शन करने वालों की एक 11 सदस्यीय कमेटी को एसएसपी से मिलाने के लिए लेकर गए। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि जिन लोगों ने समय रहते हुए शिकायत पर कार्रवाई नहीं की उनके खिलाफ जांच करवाई जाएगी। साथ ही एसएसपी खुद प्रशासन से बात करेंगे कि मृतक के किसी एक बच्चे को बड़े होने पर नौकरी मिले और बच्चों की शिक्षा के लिए प्रशासन मदद करे। एसएसपी से मिलनी वाली कमेटी में डिंपल के पिता मामचंद, हाकम सरहदी, बलराज सिंह और शांति दास भी शामिल थे।
इसके बाद पिता मामचंद ने कहा कि बेटी के शव का संस्कार रविवार को 10 बजे किया जाएगा लेकिन पुलिस चाहती थी कि संस्कार शनिवार को ही हो जाए। पुलिस को उम्मीद है कि फिर से बवाल हो सकता है। अस्पताल के कर्मचारियों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष कमलजीत सिंह का कहना है कि पुलिस की लापरवाही से डिपंल की मौत हुई है।
पुलिस ने अपने कांस्टेबल आनंद का साथ दिया
डिंपल की शिकायत पर कार्रवाई करने बजाय पुलिस ने अपने कांस्टेबल आनंद का साथ दिया। डिंपल का परिवार मूल रूप से यूपी के सहारनपुर का निवासी है लेकिन कई सालों से सेक्टर-24 में ही रह रहा है। अस्पताल के कर्मचारियों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष कमलजीत सिंह का कहना है कि पुलिस की लापरवाही से डिंपल की मौत हुई है।
डिंपल की शिकायत पर कार्रवाई करने बजाय पुलिस ने अपने कांस्टेबल आनंद का साथ दिया। डिपंल का परिवार मूल रूप से यूपी के सराहनपुर का निवासी है लेकिन कई सालों से सेक्टर-24 में ही रह रहा है।
कांस्टेबल को पीटने पहुंची महिलाएं
जीएमएसएच-16 में भर्ती कांस्टेबल आनंद को पीटने के लिए करीब तीन दर्जन महिलाएं शनिवार को अस्पताल में पहुंच गईं। महिला पुलिस ने किसी तरह से उन्हें रोका। डिंपल की बहन आशु का कहना था कि हत्यारे कांस्टेबल को फांसी होनी चाहिए। सेक्टर-17 पुलिस थाना प्रभारी दिलशेर चंदेल का कहना है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने केबाद ही आनंद को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
डीएसपी जगबीर को भेजा मोर्चा संभालने
पुलिस को सुबह ही सूचना मिल गई थे लोग प्रदर्शन करेंगे इसलिए एसएसपी ने डीएसपी जगबीर को स्थिति संभालने के लिए अस्पताल में भेजा। इस मौके पर डीएसपी अंजिता चेपियाल, डीएसपी आशीष कपूर के अलावा सेक्टर-19 पुलिस थाना प्रभारी पूनम शर्मा और सेक्टर-3 पुलिस थाना प्रभारी हरजीत कौर मौजूद रहीं।
कांस्टेबल के मां-बाप की सुरक्षा बढ़ाई
कांस्टेबल आनंद के माता-पिता मलोया में रहते हैं। डिंपल की हत्या के बाद पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है। डिंपल ने 4 जून को सेक्टर-24 पुलिस को जो शिकायत दी थी उसमें लिखा था कि वह एक जून को पति द्वारा मारपीट करने के बाद अपने घर से बच्चों को लेकर मलोया में सास-ससुर के पास गई थी। सास-ससुर ने यह कह कर उसे वापस भेज दिया था कि हम कुछ नहीं कर सकते तुम अपने मायके जाओ।