तीन साल की मासूम बच्ची से रेप के बाद हत्या, दोषी को फांसी
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केक खिलाने के बहाने बच्ची को उठाकर ले गया। फिर उसके साथ दुराचार किया और हत्या की दी। मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीमा सिंहल की अदालत ने आरोपी नजफगढ़ के पपरावट निवासी संदीप सिंह पुत्र नफे सिंह को सजा सुनाई है।
वारदात के बाद संदीप को पनाह देने के आरोप में दिल्ली के नरेला निवासी नरेंद्र को भी चार साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने 61 पेज के फैसले में दोषियों को सभी धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई।
कोर्ट ने नरेंद्र को आईपीसी की धारा 216 के तहत अभियुक्त को पनाह देने का दोषी मानते हुए 4 साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषी को 15 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
किस धारा में कितनी सजा
हत्या- फांसी व 50 हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना न भरने पर दो महीने की अतिरिक्त कैद।
पॉक्सो एक्ट 6- उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना न भरने पर दो महीने की अतिरिक्त कैद।
बहलाना फुसलाना- 5 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना न भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद।
अपहरण- 10 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना न भरने पर एक माह की अतिरिक्त कैद।
हत्या और पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत सजा
अदालत में चले अभियोग के अनुसार रांची (झारखंड) के गांव जालाडुमोर निवासी एक व्यक्ति ने 12 सितंबर 2013 को सिविल लाइन थाने में शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया था कि वह सेक्टर 14 स्थित ऑफिसर कॉलोनी में परिवार सहित रहता है। मेहनत मजदूरी कर गुजारा करता है। उसकी तीन बेटियां और एक बेटा है।
11 सितंबर को दोपहर बाद वह और उसकी पत्नी मजदूरी के लिए घर से बाहर चले गए। तीन साल की छोटी बेटी अन्य बच्चों के साथ बाहर खेल रही थी। जब वे शाम को घर पहुंचे तो बेटी गायब थी। अगले दिन दोपहर 12 बजे बच्ची को तलाशते हुए कृषि विभाग भवन के पास पहुंचे। भवन के अंदर उनकी बेटी का शव पड़ा था।
बच्ची के पिता ने पुलिस को बताया कि संदीप उनके साथ मजदूरी करता है। संदीप ही बहला फुसलाकर केक खिलाने के बहाने छोटी बेटी को अपने साथ ले गया। पहले तो संदीप ने बेटी से दुराचार किया और बाद में उसकी हत्या कर शव को कृषि विभाग के कार्यालय में फेंक दिया। वारदात के बाद आरोपी नरेला निवासी नरेंद्र के घर चला गया।
पुलिस ने संदीप के खिलाफ हत्या, पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया। उसके साथ ही नरेंद्र को आरोपी को पनाह देने के मामले में गिरफ्तार कर लिया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
बड़ी बेटी चंगुल से निकली तो छोटी को बनाया शिकार
पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि पहले तो संदीप ने बड़ी बेटी को 20 रुपये दिये और केक खिलाने के बहाने अपने साथ चलने को कहा। बड़ी बेटी ने इनकार कर दिया तो वह छोटी को बहला-फुसला कर ले गया।
20 गवाहों ने दी गवाही
तीन साल की बच्ची से रेप के बाद हत्या के मामले में करीब 20 गवाहों ने गवाही दी। सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित कई पुलिस कर्मी भी गवाही में शामिल रहे। पुलिस की बेहतर जांच के कारण आरोपी पक्ष की दलीलें काम न आ सकी। करीब ढाई साल बाद अदालत ने मामले की सुनवाई कर फैसला सुनाया।
तीन माह पहले सात को सुनाई थी फांसी की सजा
सीमा सिंहल की अदालत ने महिला विरुद्ध अपराध के मामले में तीन महीने में दूसरी बार फांसी की सजा सुनाई है। इससे पहले अदालत ने नेपाली युवती गैंगरेप और हत्या के मामले में गद्दी खेड़ी गांव के सातों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी। वहीं, नायब कोर्ट हेड कांस्टेबल बिजेंद्र सिंह ने मामले को बारीकी से देखा। बिजेंद्र सिंह सहित नेपाली गैंगरेप व हत्या से जुड़े अन्य पुलिस कर्मचारियों का नाम पदोन्नति के लिए आईजी कार्यालय में भेजा जा चुका है।