रेप पीड़िता ने 'मौत' चुनी, परिवार का गांव से पलायन
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बेटी से गैंगरेप हुआ। आरोपी खुलेआम घूमते रहे। शर्मिंदा बेटी ने फंदा लगाकर जान दे दी। आरोपियों को चैन न पड़ा। रेप पीड़िता के परिवार को तंग किया। अब परिवार ने अपने गांव बिलबिलान से पलायन कर दिया। घरों पर ताला लटक रहा है। ये सनसनीखेज मामला गोहाना का है।
आरोप है कि परिजनों को आरोपी पक्ष की ओर से लगातार धमकियां मिल रही थीं। धमकियों से परेशान होकर मृत बेटी के माता-पिता और चाचा-चाची गांव से किसी अज्ञात जगह पर चले गए।
पड़ोसियों को भी इस बात का पता नहीं चला कि वह कहां गए। मामले की सूचना एसपी को भी दी गई थी। दरअसल, 6 फरवरी को अनुसूचित जाति की नाबालिग लड़की गांव की बणी में लकड़ी लेने गई थी। वहां से गांव का सुखवंत (32) उसे अपने साथ खेत में ले गया। खेत में नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और रात भर उसे वहीं रखा।
बेटी के घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ी। रात भर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। अगले दिन परिजन नाबालिग की तलाश करते हुए खेतों में पहुंचे तो वहां वह बदहवास हालत में मिली थी। परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस को दी।
बेटी ने शर्मिंदा होकर कर ली थी सुसाइड
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सुखवंत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले के एक महीने बाद लड़की ने शर्मिंदा होकर 5 मार्च को घर में ही बनी टांड़ पर चुन्नी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की बात कही थी और पुलिस पर कमजोर रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। इसके बाद लड़की के परिजनों को केस वापस नहीं लेने पर जान से मारने की धमकी दी जाने लगी।
परिजनों का आरोप है कि धमकी आरोपी पक्ष की ओर से दी जा रही है। परिजनों ने 11 मार्च को दलित संगठनों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से भी गुहार लगाई थी, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। जिसके चलते परिजनों को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
परिजनों ने बताया था कि कुछ लोग उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस संबंध में डीएसपी पूजा डाबरा के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम गठित कर दी गई है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
-अशोक कुमार, पुलिस अधीक्षक