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फर्जी लूट कांड : शिवानी को जमानत नहीं, विनोद पर फैसला आज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Mon, 30 May 2016 08:19 PM IST
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चंडीगढ़ के ज्वेलरी शोरूम में लूट
- फोटो : amar ujala
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सेक्टर-17 स्थित डायमंड शोरूम में 14 करोड़ के हीरों की लूट का ड्रामा रचने के मुख्य आरोपी विनोद वर्मा और सहआरोपी शिवानी की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। इससे पहले सेक्टर-17 पुलिस थाने ने याचिका का विरोध करते हुए जवाब दाखिल किया।
याचिका पर बहस करते हुए सरकारी वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस को अभी मुख्य आरोपी रजनीश को गिरफ्तार करना है। साथ ही कैश भी रिकवर करना है। ऐसे में अगर किसी आरोपी को जमानत दी गई तो वह बाहर आकर सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों पर असर डाल सकते हैं। इसलिए उन्हें जमानत न दी जाए। पुलिस के जवाब और सरकारी वकील की दलील सुनने के बाद सीजेएम कोर्ट ने शिवानी की जमानत याचिका खारिज कर दी, वहीं विनोद वर्मा की याचिका पर फैसला मंगलवार के लिए सुरक्षित रख लिया।
इससे पहले बीते शुक्रवार को विनोद की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि वह बीमार है और उसे मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत है। साथ ही कहा कि पुलिस ने उसे मामले में फर्जी फंसाया है। इसके अलावा पुलिस उससे सब कुछ रिकवरी कर चुकी है और वह पुलिस को हर स्तर पर जांच में सहयोग कर चुके हैं।
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ऐसे में उसे जमानत का लाभ दिया जाए। वहीं शिवानी की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया था कि उसे केस में पुलिस ने झूठा फंसाया है। उनके खिलाफ लगाए गए संबंधित आरोप बनते ही नहीं हैं। इनमें उनका कोई रोल नहीं है। पुलिस का कहना है कि वह रजनीश और विनोद को जानती थी, जबकि ऐसा नहीं है। वह उनमें से किसी को भी नहीं जानती।
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याचिका पर बहस करते हुए सरकारी वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस को अभी मुख्य आरोपी रजनीश को गिरफ्तार करना है। साथ ही कैश भी रिकवर करना है। ऐसे में अगर किसी आरोपी को जमानत दी गई तो वह बाहर आकर सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों पर असर डाल सकते हैं। इसलिए उन्हें जमानत न दी जाए। पुलिस के जवाब और सरकारी वकील की दलील सुनने के बाद सीजेएम कोर्ट ने शिवानी की जमानत याचिका खारिज कर दी, वहीं विनोद वर्मा की याचिका पर फैसला मंगलवार के लिए सुरक्षित रख लिया।
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इससे पहले बीते शुक्रवार को विनोद की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि वह बीमार है और उसे मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत है। साथ ही कहा कि पुलिस ने उसे मामले में फर्जी फंसाया है। इसके अलावा पुलिस उससे सब कुछ रिकवरी कर चुकी है और वह पुलिस को हर स्तर पर जांच में सहयोग कर चुके हैं।
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ऐसे में उसे जमानत का लाभ दिया जाए। वहीं शिवानी की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया था कि उसे केस में पुलिस ने झूठा फंसाया है। उनके खिलाफ लगाए गए संबंधित आरोप बनते ही नहीं हैं। इनमें उनका कोई रोल नहीं है। पुलिस का कहना है कि वह रजनीश और विनोद को जानती थी, जबकि ऐसा नहीं है। वह उनमें से किसी को भी नहीं जानती।