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फौजी बताकर महिला से गूगल-पे से ठग लिए बीस हजार रुपये, केस दर्ज... आप भी रहें सावधान
Thu, 18 Jun 2020 12:50 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, मोहाली
अमर उजाला, मोहाली
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 18 Jun 2020 12:50 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
गूगल पे इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। ध्यान से पढ़ें और अलर्ट हो जाएं, वरना आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। एक बार फिर भारतीय फौज के सैनिक बनकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है। फौजी बनकर एक महिला से ऑनलाइन गूगल-पे के जरिये बीस हजार रुपये की ठगी की गई है।
पुलिस को दी शिकायत में महिला निशा अरोड़ा ने बताया कि उसके पति का टैक्सियों का कारोबार है। 16 जून की रात उसके पति को जस्ट डायल से कॉल आई, जिसमें कहा गया कि आर्मी को जम्मू के लिए टैक्सी की जरूरत है। फोन करने वाले ने कहा कि वह अपनी गाड़ी की फोटो, अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, आरसी की फोटो कॉपी भेज दें। क्योंकि जम्मू जाने के लिए आर्मी ऑफिस से ई-पास बनवाना है।
उसके पति ने उन्हें सभी दस्तावेज भेज दिए और कहा कि जम्मू जाने का किराया (6,800 रुपये) एडवांस में दे दो। आरोपियों ने जवाब दिया कि वह अपना गूगल-पे अकाउंट भेज दें, जिस पर किराए के पैसे ट्रांसफर कर देंगे। उन्होंने गूगल-पे अकाउंट नंबर आरोपियों को भेज दिया। इसके बाद रात करीब 10 बजे फोन आया कि आपके खाते में पैसे ट्रांसफर करने हैं। इसके लिए वह एक कोड भेज रहा है। पहले वह खुद कोड भरेंगे, इसके बाद उन्हें कोड भरना है।
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पुलिस को दी शिकायत में महिला निशा अरोड़ा ने बताया कि उसके पति का टैक्सियों का कारोबार है। 16 जून की रात उसके पति को जस्ट डायल से कॉल आई, जिसमें कहा गया कि आर्मी को जम्मू के लिए टैक्सी की जरूरत है। फोन करने वाले ने कहा कि वह अपनी गाड़ी की फोटो, अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, आरसी की फोटो कॉपी भेज दें। क्योंकि जम्मू जाने के लिए आर्मी ऑफिस से ई-पास बनवाना है।
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उसके पति ने उन्हें सभी दस्तावेज भेज दिए और कहा कि जम्मू जाने का किराया (6,800 रुपये) एडवांस में दे दो। आरोपियों ने जवाब दिया कि वह अपना गूगल-पे अकाउंट भेज दें, जिस पर किराए के पैसे ट्रांसफर कर देंगे। उन्होंने गूगल-पे अकाउंट नंबर आरोपियों को भेज दिया। इसके बाद रात करीब 10 बजे फोन आया कि आपके खाते में पैसे ट्रांसफर करने हैं। इसके लिए वह एक कोड भेज रहा है। पहले वह खुद कोड भरेंगे, इसके बाद उन्हें कोड भरना है।
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खाते से रुपये कट गए
महिला ने बताया कि जैसे ही उसने कोड भरा, उसके खाते से पांच रुपये कट गए। उसने फोन करके रहा कि उसके खाते से पैसे कट रहे हैं। इस पर आरोपी बोला कि वह उसके खाते में पैसे भेज रहा है। इसके बाद उनके खाते में 10 रुपये भेज दिए गए। इससे निशा का उस पर विश्वास बना रहा। इसके बाद दोबारा कोड भरने के लिए कहा गया। उनके मोबाइल की स्क्रीन पर दो ऑप्शन रसीव एड मनी आ रहा था।
निशा ने आरोपी को कहा कि उसके पैसे फिर चले जाएंगे। इस पर आरोपी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। फिर निशा ने प्रोसिड का बटन दबा दिया और उसके खाते से पांच हजार रुपये कट गए। इसके बाद आरोपी ने दोबारा कोड भेजा। फिर खाते से पांच हजार रुपये कट गए। जब महिला ने शिकायत की तो आरोपी ने कहा कि उसकी मशीन में खराबी आ गई है। इस वजह से उसके खाते से पैसे निकल रहे हैं। उसने फिर एक कोड स्कैन करने को कहा और बोला कि इसके साथ ही 10 हजार रुपये आपके खाते में आ जाएंगे। जबकि ऐसा करते ही उसके खाते से 20 हजार रुपये कट गए।
इसके बाद निशा ने आरोपी के फोन पर कई बार कॉल की, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। 17 जून को मिस कॉल आई। निशा ने फोन किया तो आरोपी ने फोन उठा लिया और कहने लगा कि आपके 20 हजार रुपये देने हैं। लेकिन बाद में भी आरोपी ने उसी तरीके से ठगी की कोशिश की। लेकिन निशा ने फॉर्म ही नहीं भरा और दोबारा लूट से बचाव हो गया। महिला ने पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गूगल-पे से जब आपके अकाउंट में पैसे भेजता है तो किसी भी प्रकार के कोड आदि की जरूरत नहीं होती है, यह सब ठगी के तरीके हैं।
निशा ने आरोपी को कहा कि उसके पैसे फिर चले जाएंगे। इस पर आरोपी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। फिर निशा ने प्रोसिड का बटन दबा दिया और उसके खाते से पांच हजार रुपये कट गए। इसके बाद आरोपी ने दोबारा कोड भेजा। फिर खाते से पांच हजार रुपये कट गए। जब महिला ने शिकायत की तो आरोपी ने कहा कि उसकी मशीन में खराबी आ गई है। इस वजह से उसके खाते से पैसे निकल रहे हैं। उसने फिर एक कोड स्कैन करने को कहा और बोला कि इसके साथ ही 10 हजार रुपये आपके खाते में आ जाएंगे। जबकि ऐसा करते ही उसके खाते से 20 हजार रुपये कट गए।
इसके बाद निशा ने आरोपी के फोन पर कई बार कॉल की, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। 17 जून को मिस कॉल आई। निशा ने फोन किया तो आरोपी ने फोन उठा लिया और कहने लगा कि आपके 20 हजार रुपये देने हैं। लेकिन बाद में भी आरोपी ने उसी तरीके से ठगी की कोशिश की। लेकिन निशा ने फॉर्म ही नहीं भरा और दोबारा लूट से बचाव हो गया। महिला ने पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गूगल-पे से जब आपके अकाउंट में पैसे भेजता है तो किसी भी प्रकार के कोड आदि की जरूरत नहीं होती है, यह सब ठगी के तरीके हैं।