गैंगरेप केस में कोर्ट का ऐसा फैसला, सब चौंके
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किडनेपिंग और गैंगरेप के केस में कोर्ट ने ऐसा बड़ा फैसला सुनाया, जिसे सुन सब चौंक गए। मामला, रोहतक से जुड़ा है। युवती की ओर से दर्ज कराए गए मामले में कोर्ट में साबित हो गया कि लड़की ने शादी करके युवक और उसके परिवार पर अपहरण और दुराचार का फर्जी मामला दर्ज कराया था।
कोर्ट ने मामले में आरोपी एक ही परिवार के सभी आठ लोगों को क्लीन चिट दे दी, वहीं झूठा केस दर्ज कराने वाली युवती को नोटिस देकर तलब किया है। पूछा है क्यों न आपके ऊपर ही केस चलाया जाए। युवती को 31 जनवरी तक कोर्ट में जवाब देना है।
एडीजे सीमा सिंहल की अदालत ने डीसी को हिदायत दी है कि पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए। कोर्ट ने एसपी को भी निर्देश दिए हैं कि वे मामले की जांच करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें, क्योंकि केस में निष्पक्ष जांच नहीं की गई।
दिल्ली में गैंगरेप कर शादी रचाने का आरोप था
वकील आर. एन. सैनी ने बताया कि इंदिरा कॉलोनी निवासी संजय सैनी ने 10 फरवरी 2010 को एक युवती से दिल्ली के आर्य समाज मंदिर में विवाह किया। दो सप्ताह तक दोनों ने अपने परिजनों को कुछ नहीं बताया। 24 फरवरी को तहसील में मैरिज रजिस्ट्र्रेशन करवाया। साथ ही डाक से एसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा मांगी। मामला सैनी समाज में आग की तरह फैल गया।
लड़की को उसके परिवार के लोग अपने साथ ले गए। दो माह तक कोई संपर्क नहीं हुआ। संजय ने अदालत में घर बसाने के लिए याचिका दायर की। जून 2010 में लड़की ने एसपी को शिकायत दी कि जब वह कॉलेज जाने के लिए पुराने बस स्टैंड पर खड़ी थी, तभी संजय अपने दो रिश्तेदारों के साथ वहां पहुंच गया। तीनों ने उसका अपहरण कर लिया।
ड्रेन नंबर आठ के पास ले जाकर खेतों में बने एक कमरे में डरा धमका कर उसके साथ सामूहिक दुराचार किया। इसके बाद कार में बैठाकर दिल्ली के आर्य समाज मंदिर में ले गए, जहां पहले से उसके परिवार के पांच लोग पहुंचे हुए थे। डरा धमका कर संजय के साथ शादी करवा दी। इसके बाद वापस रोहतक लाकर छोड़ दिया। डर के मारे वह चुप रही।
उसके साथ कई बार गलत काम
24 फरवरी को आरोपी उसे तहसील में ले गए और धमकी देकर कोरे कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद संजय ने उसके साथ कई बार गलत काम किया। पुलिस ने संजय सहित उसके परिवार के आठ लोगों के खिलाफ सामूहिक दुराचार, अपहरण, जान से मारने की धमकी देने और साजिश में शामिल होने का केस दर्ज कर लिया।
तीन माह जेल रहा संजय, परिजनों को लेनी पड़ी अग्रिम जमानत
पुलिस ने संजय को अपहरण और दुराचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। तीन माह तक उसे जमानत नहीं मिली। जबकि परिवार के दूसरे सदस्यों को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत लेनी पड़ी। तभी से जिला अदालत में यह केस चल रहा था। चार साल बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।
इन कारणों से साबित हुआ लड़की ने मर्जी से की शादी
1. आर्य समाज मंदिर के पुजारी ने कोर्ट को बताया कि जिस समय मंदिर में शादी हुई, उस समय लड़की किसी तरह के दबाव में नहीं लग रही थी।
2. प्रेम विवाह कराने वाले वकील ने कोर्ट को बताया कि वह लड़के, लड़की व एक गवाह को अपने साथ दिल्ली ले गया था। उस समय लड़के के परिवार का दूसरा कोई सदस्य नहीं था।
3. पुलिस ने जांच में आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो वे वहां नहीं मिली, जो जगह लड़की ने बताई थी।
4. जब युवती का दो माह तक शादी के बाद कुछ पता नहीं चला तो युवक ने अदालत में घर बसाने की याचिका दायर की थी। इसके बाद लड़की ने केस दर्ज कराया। सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर कोर्ट ने फैसला सुनाया है।