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जांच में सच आया सामने, कस्टडी में नहीं हुआ कुकर्म
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sun, 01 Dec 2013 08:53 AM IST
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पुलिस की हिरासत में कुकर्म के मामले में जांच के बाद केस कैंसलेशन रिपोर्ट कोर्ट में दायर कर दी गई है। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि हिरासत के दौरान शिकायतकर्ता के साथ कुकर्म नहीं हुआ।
बता दें कि चोरी के आरोपी ने गत अप्रैल माह में चार पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाए थे, जिसके बाद सेक्टर-14 थाने में मामला दर्ज हुआ था। हाईकोर्ट पहले ही इस मामले का निपटान कर चुकी है।
हिरासत में कुकर्म के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका चोरी के एक आरोपी की तरफ से दायर हुई थी। इसके बाद चार पुलिस कर्मियों पर कुकर्म का मामला दर्ज हुआ था।
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चोरी के आरोपी याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा था कि उसे पंचकूला की कोर्ट में पेशी के दौरान बोलने का मौका ही नहीं दिया गया था। इस पर हाईकोर्ट ने सीजेएम पंचकूला से कमेंट मांगे थे।
सीजेएम ने अपने कमेंट में कहा कि चोरी के आरोपी ने उन्हें कुछ नहीं कहा। कोर्ट की कार्रवाई कानून के मुताबिक हुई है। वहीं, हाईकोर्ट में एक शपथ पत्र दिया गया था।
इसमें कहा गया था कि चोरी का आरोपी याचिकाकर्ता पंचकूला पुलिस के पास तो दो ही दिन रहा है, ज्यादा समय अंबाला जेल में रहा। इन पहलुओं के बाद हाईकोर्ट में यह केस बंद हो गया। हालांकि, पुलिस की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम अपनी जांच करती रही कि जिन पुलिस कर्मियों पर मामला दर्ज हुआ है, वह दोषी हैं या नहीं।
अब दायर हुई कैंसलेशन रिपार्ट
लंबी जांच के बाद अब कोर्ट में केंसलेशन रिपोर्ट आई है। इसमें कहा गया है कि शिकायतकर्ता दो दिन पंचकूला पुलिस की कस्टडी में रहा। इसके बाद कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया।
जेल जाने के भी कई दिन बाद उसने यह आरोप लगाया। वहीं मेडिकल जांच में भी ऐसा सामने नहीं आया कि उसके साथ कुकर्म हुआ।
यह है मामला
11 अप्रैल 2013 को सेक्टर-16 में दुकान से दर्जनों कैमरे चोरी कर उसमें आग लगा दी गई थी। पुलिस ने 15 अप्रैल को आरोपी को पकड़कर कैमरे बरामद कर लिए थे। आरोपी दुकान में काम करने वाला पुराना कर्मचारी था। जेल में जाने के बाद उसने आरोप लगाए कि उसके साथ कुकर्म हुआ। मामला हाईकोर्ट पहुंचा और सेक्टर-14 थाने में चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
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बता दें कि चोरी के आरोपी ने गत अप्रैल माह में चार पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाए थे, जिसके बाद सेक्टर-14 थाने में मामला दर्ज हुआ था। हाईकोर्ट पहले ही इस मामले का निपटान कर चुकी है।
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हिरासत में कुकर्म के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका चोरी के एक आरोपी की तरफ से दायर हुई थी। इसके बाद चार पुलिस कर्मियों पर कुकर्म का मामला दर्ज हुआ था।
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चोरी के आरोपी याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा था कि उसे पंचकूला की कोर्ट में पेशी के दौरान बोलने का मौका ही नहीं दिया गया था। इस पर हाईकोर्ट ने सीजेएम पंचकूला से कमेंट मांगे थे।
सीजेएम ने अपने कमेंट में कहा कि चोरी के आरोपी ने उन्हें कुछ नहीं कहा। कोर्ट की कार्रवाई कानून के मुताबिक हुई है। वहीं, हाईकोर्ट में एक शपथ पत्र दिया गया था।
इसमें कहा गया था कि चोरी का आरोपी याचिकाकर्ता पंचकूला पुलिस के पास तो दो ही दिन रहा है, ज्यादा समय अंबाला जेल में रहा। इन पहलुओं के बाद हाईकोर्ट में यह केस बंद हो गया। हालांकि, पुलिस की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम अपनी जांच करती रही कि जिन पुलिस कर्मियों पर मामला दर्ज हुआ है, वह दोषी हैं या नहीं।
अब दायर हुई कैंसलेशन रिपार्ट
लंबी जांच के बाद अब कोर्ट में केंसलेशन रिपोर्ट आई है। इसमें कहा गया है कि शिकायतकर्ता दो दिन पंचकूला पुलिस की कस्टडी में रहा। इसके बाद कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया।
जेल जाने के भी कई दिन बाद उसने यह आरोप लगाया। वहीं मेडिकल जांच में भी ऐसा सामने नहीं आया कि उसके साथ कुकर्म हुआ।
यह है मामला
11 अप्रैल 2013 को सेक्टर-16 में दुकान से दर्जनों कैमरे चोरी कर उसमें आग लगा दी गई थी। पुलिस ने 15 अप्रैल को आरोपी को पकड़कर कैमरे बरामद कर लिए थे। आरोपी दुकान में काम करने वाला पुराना कर्मचारी था। जेल में जाने के बाद उसने आरोप लगाए कि उसके साथ कुकर्म हुआ। मामला हाईकोर्ट पहुंचा और सेक्टर-14 थाने में चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।