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CBI ने शिल्पी की डिग्री और पोस्टिंग का मांगा ब्योरा, रिमांड पर भेजा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:46 AM IST
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SDM East and Joint Commissioner of Municipal Corporation Shilpi Patar
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सीबीआई ने रिश्वत लेतीं गिरफ्तार एसडीएम ईस्ट व नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर शिल्पी पातर की डिग्री और सभी पोस्टिंग का ब्योरा मांगा है। सेक्टर-27 स्थित मकान में गिरफ्तारी के बाद पूरी रात सीबीआई सर्च व पूछताछ करती रही। सीबीआई ने शिल्पी पातर के बैंक लॉकर को खंगालने की तैयारी कर ली है। रविवार दोपहर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने तीनों आरोपियों की पेशी के बाद शिल्पी, जीएस बराड़ को 1-1 दिन के रिमांड व आरोपी पति को जेल भेज दिया गया।
सीबीआई के अनुसार रेड के दौरान शिल्पी पातर, उनके पति धीरत दत्त और मीडिएटर जीएस बराड़ के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसके बाद सीबीआई टीम ने 12 बजे से लेकर करीब 3.30 बजे कागजी कार्रवाई की और पूछताछ करती रही। इस दौरान शिल्पी के पति के पास से 50 हजार रुपये की बरामदगी के अतिरिक्त 25 हजार कैश भी बरामद हुआ। कमरे के अंदर से मिले जमीन से जुड़े कुछ दस्तावेजों को भी सीबीआई ने जब्त किया है। हालांकि, सीबीआई ने इन दस्तावेजों के बारे में जांच तक किसी तरह का खुलासा करने से साफ इनकार किया है। सीबीआई ने बताया है कि शिल्पी के घर में सर्च के दौरान सब मिलाकर करीब 2 लाख रुपये कैश बरामद किए गए हैं।
रातभर शिल्पी सहित तीनों आरोपियों को बैठाकर रखा
सीबीआई टीम की रेड से लेकर पूरी कार्रवाई में करीब 5 घंटे का समय लगा। इस दौरान शिल्पी पातर, उनके पति धीरत दत्त और दोनों पॉर्टियों के बीच माध्यम बने जीएस बराड़ को बैठाकर रखा गया। इस दौरान सीबीआई टीम एसडीएम से पूछताछ भी करती रही।
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सीबीआई के अनुसार रेड के दौरान शिल्पी पातर, उनके पति धीरत दत्त और मीडिएटर जीएस बराड़ के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसके बाद सीबीआई टीम ने 12 बजे से लेकर करीब 3.30 बजे कागजी कार्रवाई की और पूछताछ करती रही। इस दौरान शिल्पी के पति के पास से 50 हजार रुपये की बरामदगी के अतिरिक्त 25 हजार कैश भी बरामद हुआ। कमरे के अंदर से मिले जमीन से जुड़े कुछ दस्तावेजों को भी सीबीआई ने जब्त किया है। हालांकि, सीबीआई ने इन दस्तावेजों के बारे में जांच तक किसी तरह का खुलासा करने से साफ इनकार किया है। सीबीआई ने बताया है कि शिल्पी के घर में सर्च के दौरान सब मिलाकर करीब 2 लाख रुपये कैश बरामद किए गए हैं।
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रातभर शिल्पी सहित तीनों आरोपियों को बैठाकर रखा
सीबीआई टीम की रेड से लेकर पूरी कार्रवाई में करीब 5 घंटे का समय लगा। इस दौरान शिल्पी पातर, उनके पति धीरत दत्त और दोनों पॉर्टियों के बीच माध्यम बने जीएस बराड़ को बैठाकर रखा गया। इस दौरान सीबीआई टीम एसडीएम से पूछताछ भी करती रही।
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सीबीआई पहुंची तो ऐसे चला घटनाक्रम
SDM East and Joint Commissioner of Municipal Corporation Shilpi Patar
सीबीआई पहुंची तो ऐसे चला घटनाक्रम
सीबीआई सूत्रों के अनुसार देर रात सेक्टर-27 स्थित मकान में रेड के दौरान सीबीआई की जानकारी मिलते ही अफरातफरी मच गई। शिल्पी ने शिकायतकर्ता से पैसा पकड़ लिया था। सीबीआई की भनक लगते ही उनके पति धीरत दत्त ऊपर के कमरे से तेजी से आए और पैसा अपनी शर्ट के अंदर डाल लिया। जिसके बाद सीबीआई ने करीब 40 मिनट तक घर में पैसे की तलाश करने के बाद एसडीएम के पति धीरत दत्त की तलाशी ली। उनके पास से रिश्वत के 50 हजार कैश बरामद हो गए। इसके बाद सीबीआई ने अपनी कार्रवाई व पूछताछ शुरू कर दी।
बैंक लॉकर की चाभी जब्त, खंगालेंगी सीबीआई
सीबीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी शिल्पी पातर के बैंक लॉकर की चाभी भी सीबीआई ने जब्त कर लिया। सीबीआई टीम ने लॉकर के बारे में शिल्पी के पूछताछ कर रिकार्ड में लिखा है। सीबीआई टीम शिल्पी पातर के बैंक लॉकर को खंगालने के बाद ब्योरा दर्ज करेगी।
जज ने देर से पेश करने पर किया सवाल
शिल्पी पातर व अन्य दोनों आरोपियों को देरी से पेश करने पर जज ने सवाल कर लिया। शाम करीब 4.30 बजे पेशी के बाद जज ने सीबीआई कर्मियों से पूछा कि पेश करने में इतनी देरी कैसे हुई। जबकि, ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद शिल्पी पातर बाहर निकलीं। इस दौरान मीडिया ने उसने सवाल किया कि मैडम इस मामले में आप क्या कहना चाहेंगी? इस पर शिल्पी पातर ने सिर्फ दोनों हाथ हवा में जोड़कर चुप्पी साध ली। उन्होंने किसी के सवालों का कोई भी जवाब नहीं दिया।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार देर रात सेक्टर-27 स्थित मकान में रेड के दौरान सीबीआई की जानकारी मिलते ही अफरातफरी मच गई। शिल्पी ने शिकायतकर्ता से पैसा पकड़ लिया था। सीबीआई की भनक लगते ही उनके पति धीरत दत्त ऊपर के कमरे से तेजी से आए और पैसा अपनी शर्ट के अंदर डाल लिया। जिसके बाद सीबीआई ने करीब 40 मिनट तक घर में पैसे की तलाश करने के बाद एसडीएम के पति धीरत दत्त की तलाशी ली। उनके पास से रिश्वत के 50 हजार कैश बरामद हो गए। इसके बाद सीबीआई ने अपनी कार्रवाई व पूछताछ शुरू कर दी।
बैंक लॉकर की चाभी जब्त, खंगालेंगी सीबीआई
सीबीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी शिल्पी पातर के बैंक लॉकर की चाभी भी सीबीआई ने जब्त कर लिया। सीबीआई टीम ने लॉकर के बारे में शिल्पी के पूछताछ कर रिकार्ड में लिखा है। सीबीआई टीम शिल्पी पातर के बैंक लॉकर को खंगालने के बाद ब्योरा दर्ज करेगी।
जज ने देर से पेश करने पर किया सवाल
शिल्पी पातर व अन्य दोनों आरोपियों को देरी से पेश करने पर जज ने सवाल कर लिया। शाम करीब 4.30 बजे पेशी के बाद जज ने सीबीआई कर्मियों से पूछा कि पेश करने में इतनी देरी कैसे हुई। जबकि, ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद शिल्पी पातर बाहर निकलीं। इस दौरान मीडिया ने उसने सवाल किया कि मैडम इस मामले में आप क्या कहना चाहेंगी? इस पर शिल्पी पातर ने सिर्फ दोनों हाथ हवा में जोड़कर चुप्पी साध ली। उन्होंने किसी के सवालों का कोई भी जवाब नहीं दिया।
यह कहा सीबीआई ने
sdm shilpi pattar
- फोटो : File Photo
यह कहा सीबीआई ने
सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि शिल्पी से अभी काफी पूछताछ की जानी है। दरअसल, शिल्पी ने शिकायतकर्ता को किसी अफसर के पास जाने के लिए कहा था और ये भी कहा था कि वहां उसका काम बन जाएगा। अब सीबीआई उस ऑफिसर की इस केस में भूमिका की जांच कर रही है। सीबीआई के सरकारी वकील पीके डोगरा ने कहा कि इस केस में कुछ हाई रैंक वाले अफसरों के नाम भी सामने आ सकते हैं, इसकी शिल्पी से अभी काफी कुछ पूछा जाना है।
यह है मामला
शिकायतकर्ता तरसेम ने सीबीआई में शिकायत दी कि नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर व चीफ फायर आफिसर शिल्पी पातर शोरूम खोलने के एवज में उससे पांच लाख रुपये की मांग कर रही हैं।
तरसेम का सेक्टर- 26 स्थित एसीओ नंबर 189 में एक डिपार्टमेंटल शोरूम है, जिसे वीरवार को सील कर दिया गया था। तरसेम का अपने भाइयों के साथ प्रापर्टी का विवाद था। इसी विवाद में शिल्पी ने उसके कब्जा वाले तीन कमरों के शोरूम को सील कर दिया था। इसके एवज में तरसेम को कोई कागजात भी नहीं दिए। तरसेम के दोस्त जीएस बराड ने शिल्पी से बात करने में मध्यस्थता र्की और सौदा तय किया था।
सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि शिल्पी से अभी काफी पूछताछ की जानी है। दरअसल, शिल्पी ने शिकायतकर्ता को किसी अफसर के पास जाने के लिए कहा था और ये भी कहा था कि वहां उसका काम बन जाएगा। अब सीबीआई उस ऑफिसर की इस केस में भूमिका की जांच कर रही है। सीबीआई के सरकारी वकील पीके डोगरा ने कहा कि इस केस में कुछ हाई रैंक वाले अफसरों के नाम भी सामने आ सकते हैं, इसकी शिल्पी से अभी काफी कुछ पूछा जाना है।
यह है मामला
शिकायतकर्ता तरसेम ने सीबीआई में शिकायत दी कि नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर व चीफ फायर आफिसर शिल्पी पातर शोरूम खोलने के एवज में उससे पांच लाख रुपये की मांग कर रही हैं।
तरसेम का सेक्टर- 26 स्थित एसीओ नंबर 189 में एक डिपार्टमेंटल शोरूम है, जिसे वीरवार को सील कर दिया गया था। तरसेम का अपने भाइयों के साथ प्रापर्टी का विवाद था। इसी विवाद में शिल्पी ने उसके कब्जा वाले तीन कमरों के शोरूम को सील कर दिया था। इसके एवज में तरसेम को कोई कागजात भी नहीं दिए। तरसेम के दोस्त जीएस बराड ने शिल्पी से बात करने में मध्यस्थता र्की और सौदा तय किया था।