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चंडीगढ़ रेपः जो खामिया रह गई हैं, उन्हें दूर किया जाएगा

Tue, 24 Dec 2013 10:27 AM IST
राजेश ढल्ल
राजेश ढल्ल Updated Tue, 24 Dec 2013 10:27 AM IST
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chandigarh rape case
सवाल- पुलिस पर यह आरोप लग रहा है कि जिन अफसरों पर पीड़िता पर समझौते के लिए दबाव बनाने का आरोप है, वे ही जांच कर रहे हैं?
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आईजी-
पीड़िता के भाई से शिकायत का पत्र मिलते ही हमने एसआईटी को बदल दिया है। आरोपों की जांच एसएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे। एसआईटी के गठन से पहले की जांच के दौरान की एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी गई है। इस संवेदनशील मामले में जांच को लेकर अगर कोई लापरवाही बरती गई है तो उसकी रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में जो भी खामियां रह गई हैं उन्हें दूर किया जाएगा।

सवाल-
पीड़ित पक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि उसे पुलिस और प्रशासन पर भरोसा नहीं है इसलिए मामले की जांच सीबीआई जैसी संस्था करे?
आईजी-
अभी तक जांच के लिए जो-जो कदम उठाए गए हैं वे बेस्ट हैं। पीड़ित पक्ष और शहर वासियों की ओर से जो सवाल उठाए गए हैं, उनके अनुरूप कदम उठाए गए हैं। चंडीगढ़ पुलिस निष्पक्ष जांच करने में सक्षम है। पुलिस खुद पूरे मामले की तह तक जाकर जांच करना चाहती है ताकि सच सामने आ सके। इसके बावजूद अगर सीबीआई जांच होती है तो विभाग इसके लिए तैयार है।   
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सवाल-
यह भी कहा जा रहा है कि कुछ अन्य लड़कियों को भी कांस्टेबलों ने प्रताड़ित किया है?
आईजी- इसकी जांच के लिए हमें पीड़ित पक्ष से सहयोग चाहिए, जो अभी तक नहीं मिल रहा है। एसआईटी के बार-बार प्रयास करने पर भी पीड़िता से संपर्क नहीं हो सका है। वार्ड पार्षद सौरभ जोशी को रविवार को मोबाइल पर कई बार मैसेज भेजे गए मगर कोई जवाब नहीं मिला। जांच को आगे बढ़ाने के लिए पीड़ित से जानकारी मिलना जरूरी है। अन्य लड़कियों के मामले में भी यह जरूरी है कि पीड़िता आकर एसआईटी के सामने बयान दे। अगर वह ऐसा कोई खुलासा करती है तो पुलिस इसकी पूरी जांच करेगी।
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सभी आरोपियों के डीएनए सैंपल लिए
पुलिस ने सभी आरोपी पुलिस कर्मचारियों के डीएनए सैंपल जांच के लिए ले लिए हैं। सैंपल जांच के लिए सीएफएल में भेज दिए गए हैं। पुलिस विभाग के अनुसार कुल तीन पीसीआर के सीटों के कवर लिए गए हैं।

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