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रिश्वत कांड से चंडीगढ़ पुलिस बदनाम...SI की कार में 80 लाख की प्रॉपर्टी के कागज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 16 May 2018 10:45 AM IST
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सेवा सिंह रिश्वत केस
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पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए एसआई सेवा सिंह की कार से अब 80 लाख रुपये की एक प्रापर्टी के दस्तावेज मिले हैं। सीबीआई इसकी जांच करवा रही है, साथ ही उसके बैंक खाते संबंधी जानकारी भी जुटा रही है। वहीं कांस्टेबल सुमित के यहां से सीबीआई को कुछ खास हासिल नहीं हुआ है। सीबीआई ने मामले में एक बिचौलिए अजय कुमार को भी गिरफ्तार किया था। उसके पास से ही रिश्वत के पैसे की रिकवरी हुई थी। फिलहाल सीबीआई ने तीनों आरोपियों को मंगलवार ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
सीबीआई ने तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और आईपीसी की धारा 120बी के तहत केस दर्ज किया है। बता दें कि सोमवार शाम सीबीआई ने ट्रैप लगाकर एसआई सेवा सिंह, कांस्टेबल सुमित और बिचौलिए अजय कुमार को पांच हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। सीबीआई ट्रैप के दौरान एसआई ने जांच एजेंसी को कई बार गुमराह करने का प्रयास किया। सीबीआई टीम ने उससे उसके घर का पता पूछा तो उसने चार बार गलत पता बताया। वहीं वह बार-बार यह कहता रहा कि उसने रिश्वत नहीं ली है और उससे रिकवरी भी नहीं हुई है।
दरअसल, एसआई ने मुन्ना को जब पैसे लेकर थाने बुलाया तो उस वक्त वहां एक और व्यक्ति (अजय कुमार) बैठा था। शिकायतकर्ता मुन्ना उसे नहीं जानता था। एसआई ने पैसे उस व्यक्ति को देने को कहे और उसे वहां से चले जाने को कहा। साथ ही पैसे सेफ रखने के बाद उसे हाथ भी धो लेने को कहा। इसके बाद अजय वहां से चला गया। इस दौरान एसआई ने मुन्ना का फोन बंद करवा दिया था। अजय के जाने के थोड़ी देर बाद एसआई ने उसे भी भेज दिया। मुन्ना ने बाहर आकर सीबीआई को इसकी जानकारी दी। टीम फौरन एसआई के कमरे में पहुंची और उसे वहीं बंद कर लिया।
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एसआई के रिश्वत लेने से इंकार और कोई रिकवरी न होने के पर सीबीआई टीम ने फौरन थाने के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसके बाद बिचौलिए की तलाश की गई। वहीं, पैसे को लेकर सेटलमेंट करवाने वाले कांस्टेबल सुमित को भी गिरफ्तार किया गया। देर रात तक काफी प्रयास के बाद सीबीआई ने बिचौलिए अजय को रिश्वत के पैसों के साथ गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को एक टीम ने एसआई सेवा सिंह के घर की तलाशी ली तो वहां से एक लाख रुपये कैश मिला। इसके अलावा थोड़ी सी ज्वैलरी भी मिली है। वहीं उसकी कार की तलाशी से उसके पास 80 लाख रुपये की प्रापर्टी संबंधी कागजात मिले हैं।
यह है मामला
इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कालोनी नंबर-4 निवासी मुन्ना कुमार सिंह ने सीबीआई को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि एसआई सेवा सिंह 12 मई को उसके ऑफिस आया था और उस पर छह मई को कालोनी नंबर-4 के लाइट प्वाइंट के समीप लगे नाके से बिना हेलमेट जाने पर रोकने के बावजूद न रुकने और नाका तोड़ने का आरोप लगाया। उसने मुन्ना से कहा कि उसने पुलिस नाका तोड़ा है और अब उसकी विक्रांत मोटरसाइकिल इम्पाउंड की जाएगी। साथ ही उसकी गिरफ्तार का वारंट भी जारी हो गया है। मुन्ना ने नाका तोड़ने से इंकार किया, लेकिन इसके बावजूद एसआई ने उसकी बाइक थाने में जमा करवा ली। आरोप के अनुसार एसआई ने बाइक इम्पाउंड न करने और उसे गिरफ्तार न करने की एवज में उससे पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सीबीआई को इसकी शिकायत दी।
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सीबीआई ने तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और आईपीसी की धारा 120बी के तहत केस दर्ज किया है। बता दें कि सोमवार शाम सीबीआई ने ट्रैप लगाकर एसआई सेवा सिंह, कांस्टेबल सुमित और बिचौलिए अजय कुमार को पांच हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। सीबीआई ट्रैप के दौरान एसआई ने जांच एजेंसी को कई बार गुमराह करने का प्रयास किया। सीबीआई टीम ने उससे उसके घर का पता पूछा तो उसने चार बार गलत पता बताया। वहीं वह बार-बार यह कहता रहा कि उसने रिश्वत नहीं ली है और उससे रिकवरी भी नहीं हुई है।
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दरअसल, एसआई ने मुन्ना को जब पैसे लेकर थाने बुलाया तो उस वक्त वहां एक और व्यक्ति (अजय कुमार) बैठा था। शिकायतकर्ता मुन्ना उसे नहीं जानता था। एसआई ने पैसे उस व्यक्ति को देने को कहे और उसे वहां से चले जाने को कहा। साथ ही पैसे सेफ रखने के बाद उसे हाथ भी धो लेने को कहा। इसके बाद अजय वहां से चला गया। इस दौरान एसआई ने मुन्ना का फोन बंद करवा दिया था। अजय के जाने के थोड़ी देर बाद एसआई ने उसे भी भेज दिया। मुन्ना ने बाहर आकर सीबीआई को इसकी जानकारी दी। टीम फौरन एसआई के कमरे में पहुंची और उसे वहीं बंद कर लिया।
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एसआई के रिश्वत लेने से इंकार और कोई रिकवरी न होने के पर सीबीआई टीम ने फौरन थाने के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसके बाद बिचौलिए की तलाश की गई। वहीं, पैसे को लेकर सेटलमेंट करवाने वाले कांस्टेबल सुमित को भी गिरफ्तार किया गया। देर रात तक काफी प्रयास के बाद सीबीआई ने बिचौलिए अजय को रिश्वत के पैसों के साथ गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को एक टीम ने एसआई सेवा सिंह के घर की तलाशी ली तो वहां से एक लाख रुपये कैश मिला। इसके अलावा थोड़ी सी ज्वैलरी भी मिली है। वहीं उसकी कार की तलाशी से उसके पास 80 लाख रुपये की प्रापर्टी संबंधी कागजात मिले हैं।
यह है मामला
इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कालोनी नंबर-4 निवासी मुन्ना कुमार सिंह ने सीबीआई को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि एसआई सेवा सिंह 12 मई को उसके ऑफिस आया था और उस पर छह मई को कालोनी नंबर-4 के लाइट प्वाइंट के समीप लगे नाके से बिना हेलमेट जाने पर रोकने के बावजूद न रुकने और नाका तोड़ने का आरोप लगाया। उसने मुन्ना से कहा कि उसने पुलिस नाका तोड़ा है और अब उसकी विक्रांत मोटरसाइकिल इम्पाउंड की जाएगी। साथ ही उसकी गिरफ्तार का वारंट भी जारी हो गया है। मुन्ना ने नाका तोड़ने से इंकार किया, लेकिन इसके बावजूद एसआई ने उसकी बाइक थाने में जमा करवा ली। आरोप के अनुसार एसआई ने बाइक इम्पाउंड न करने और उसे गिरफ्तार न करने की एवज में उससे पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सीबीआई को इसकी शिकायत दी।