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ये कैसी पुलिस की जांच: सबूतों के बावजूद 50 दिन तक थाने में ड्यूटी करते रहे मुलाजिम, रिश्वत लेने का था आरोप
Mon, 01 Sep 2025 11:46 AM IST
निवेदिता वर्मा
संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 01 Sep 2025 11:46 AM IST
सार
पुलिसकर्मी चंडीगढ़ के सेक्टर-30 स्थित एक स्पा सेंटर से रिश्वत लेते हुए एक वीडियो में कैद हुए थे।
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वीडियो में कैद हुए आरोपी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
देह व्यापार करवाने और रिश्वत लेने के आरोप में घिरे चंडीगढ़ के तीन पुलिसकर्मियों को आखिरकार 50 दिन बाद सस्पेंड कर दिया गया है। ये पुलिसकर्मी चंडीगढ़ के सेक्टर-30 स्थित एक स्पा सेंटर से रिश्वत लेते हुए एक वीडियो में कैद हुए थे। हैरानी की बात यह है कि वीडियो व अन्य सबूतों के बावजूद ये पुलिसकर्मी करीब दो महीने तक थाने में ड्यूटी करते रहे।
शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने घटना के तुरंत बाद ही डीएसपी को वीडियो भेजकर मामले की जानकारी दी थी लेकिन डीएसपी ने इसे ऑफिशियल शिकायत नहीं माना और कार्रवाई के लिए पब्लिक विंडो पर शिकायत देने को कहा। इस दौरान पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के बजाय उनसे पूछताछ की जाती रही।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने घटना के तुरंत बाद ही डीएसपी को वीडियो भेजकर मामले की जानकारी दी थी लेकिन डीएसपी ने इसे ऑफिशियल शिकायत नहीं माना और कार्रवाई के लिए पब्लिक विंडो पर शिकायत देने को कहा। इस दौरान पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के बजाय उनसे पूछताछ की जाती रही।
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डीएसपी की पूछताछ में सामने आए तथ्य
शिकायतकर्ता की आधिकारिक शिकायत के बाद डीएसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों से गहन पूछताछ की। इस दौरान डीएसपी ने माना कि रिश्वत मांगने की ऑडियो और वीडियो में उन्हीं पुलिसकर्मियों की आवाज है। पुलिसकर्मियों से पैसों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दावा किया कि ये पैसे उन्होंने उधार के तौर पर वापस लिए थे और इसका इस्तेमाल बीट बॉक्स की मरम्मत में किया जाना था। हालांकि, डीएसपी ने उनकी इस सफाई को सही नहीं पाया और अपनी जांच रिपोर्ट में उन्हें दोषी माना।
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