फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh Police has not succeded to catch 3575 Fugitives involved in many Crimes

चंडीगढ़ पुलिस का सिरदर्द: 30 साल में 3575 अपराधी बने भगोड़े, इनमें कई विदेशी, एक भी पकड़ में नहीं आया

Thu, 30 Sep 2021 05:44 PM IST
निवेदिता वर्मा अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 30 Sep 2021 05:44 PM IST
सार

पीओ सेल चंडीगढ़ पुलिस की एक महत्वपूर्ण विंग है। यह सेल भगोड़े अपराधियों की धरपकड़ का काम करती है। वर्ष 1990 से अब तक चंडीगढ़ के अलावा अन्य देश-विदेश के कुल 3575 अपराधियों को जिला अदालत भगोड़ा घोषित कर चुकी है। इनमें नेपाल, नाइजीरिया, केन्या, बांग्लादेश, ग्रीस, ईरान आदि देशों के भी अपराधी भी शामिल हैं।

विज्ञापन
Chandigarh Police has not succeded to catch 3575 Fugitives involved in many Crimes
चंडीगढ़ पुलिस। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हत्या, धोखाधड़ी, अपहरण समेत कई संगीन वारदात को अंजाम देने वाले भगोड़ों के लिए विदेश सुरक्षित ठिकाना बन गया है। ऐसे अपराधी चंडीगढ़ पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। पिछले 30 वर्षों में कुल 3575 भगोड़े पुलिस गिरफ्त से दूर हैं। इनको दबोचने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है, लेकिन कम होने की बजाय भगोड़ों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। 

विज्ञापन


पीओ सेल चंडीगढ़ पुलिस की एक महत्वपूर्ण विंग है। यह सेल भगोड़े अपराधियों की धरपकड़ का काम करती है। वर्ष 1990 से अब तक चंडीगढ़ के अलावा अन्य देश-विदेश के कुल 3575 अपराधियों को जिला अदालत भगोड़ा घोषित कर चुकी है। इनमें नेपाल, नाइजीरिया, केन्या, बांग्लादेश, ग्रीस, ईरान आदि देशों के भी अपराधी भी शामिल हैं। ये अपराधी गिरफ्तारी के बाद दोबारा कोर्ट में पेश नहीं हुए या इनको कभी भी पकड़ा नहीं जा सका। यही कारण है कि हर वर्ष इन भगोड़ों की सूची लंबी होती जा रही है। वर्तमान में पीओ सेल में करीब 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं।
विज्ञापन

 
यह भी पढ़ें - सुलह के आसार कम: सिद्धू बोले- पंजाब के मुद्दों पर मैं अडिग हूं और रहूंगा, चन्नी ने कहा- जनता के प्रति मैं भी वचनबद्ध 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विदेशों में लेते हैं पनाह 
चंडीगढ़ पुलिस को कई ऐसे भगोड़ों की तलाश है, जिन पर 25 हजार से एक लाख रुपये तक इनाम घोषित है। पुलिस रिकार्ड में कई अपराधियों के स्थानीय पते तो हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में वह किराएदार होते हैं या फिर मूल पता बाहरी राज्यों का मिलता है। यही कारण है कि भगोड़ों की सूची बढ़ती जा रही है। कई भगोड़े फर्जी पासपोर्ट के सहारे विदेश भाग चुके हैं। 

पुलिस के सामने कई चुनौतियां
एक भगोड़े की धरपकड़ व सुराग लगाने के लिए एक सप्ताह से 15 दिन व कई बार महीने भर का समय लग जाता है। छापामारी के दौरान थोड़ी देर होने पर पूरी मेहनत खराब हो जाती है। भगोड़े अक्सर हुलिया बदलकर या असल पहचान छिपाकर रहते हैं। इससे भी उनकी धरपकड़ नहीं हो पाती। आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक 50 से ज्यादा भगोड़े पकड़े गए हैं।  


किस राज्य के कितने भगोड़े
राज्य                    भगोड़े 
चंडीगढ़                1330 
पंजाब                   669
उत्तर प्रदेश           407
हरियाणा              263
दिल्ली                 108 
बिहार                  175
हिमाचल प्रदेश      112 
मध्य प्रदेश             38
महाराष्ट्र                 35
राजस्थान               35  

विदेश के फरार भगोड़े 
देश                भगोड़े 
नेपाल                33
नाइजीरिया        13
केन्या                04
बंगलादेश          02
ग्रीस                  02

हाल ही में नए इंस्पेक्टर को पीओ सेल का प्रभारी बनाया गया है। भगोड़ों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास जारी रही है।   -केतन बंसल, एसपी सिटी  

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed